Gujarat BoardEnglish MediumSTD 11 Artsहिन्दीनिबंध5 Marks
Question
प्रदुषण – एक विकट समस्या
✓
Answer
सामान्य रूप से वातावरण प्रदूषण तीन प्रकार से होते हैं | (1) वायु प्रदूषण (2) जल प्रदूषण और (3) शोर प्रदूषण हमारी हवा फैक्ट्रियों की चिमनीयों से स्वचालित वाहनों से निकले हुए एवं महा शक्तियों द्वारा किए गए नाभिकीय विस्फोटो से बराबर दूषित की जा रही है | वायुमंडल में कार्बन डाइऑक्साइड और सल्फर डाइऑक्साइड की मात्रा हद से अधिक बढ़ती जा रही है | मेट्रोपॉलिटन नजरों में जहां पर यंत्रीकृत परिवहन भयावह चरणों में पहुंच चुका है | वहां पर तो प्रदूषण का खतरा बहुत ही बढ़ गया है | इसके अतिरिक्त जो जो औद्योगिकरण बढ़ता जा रहा है| हमारे वातावरण को भी खतरा बढ़ता जा रहा है | औद्योगिक नगरों में तो पूर्व से ही वायुमंडल में कार्बन बहुत पहुंच चुका है | और ताजा हवा मिलना दुर्लभ हो गई है | इससे स्वास्थ्य को भी गंभीर खतरे उत्पन्न हो गए हैं | लोग विभिन्न प्रकार के रोगों के शिकार बन रहे हैं | विशेषकर फेफड़ों से संबंधित रोगों के कैंसर का विस्तार बढ़ता ही जा रहा है | $\quad$$\quad$$\quad$जल प्रदूषण के कारण स्थिति और अधिक गंभीर हो गई है | नदी का पानी तो पिनेलायक रह ही नहीं गया है | कारण फैक्ट्रियों से निकले कूड़े करकट को नदी में बहना है | बहुत से स्थानों से तो मछलियां पूरी तरह से गायब हो गई है | जिसका कारण नदी के पानी में जहरीले पदार्थों का मिश्रण हो जाना है |बड़े औद्योगिक नगरों में लोगों को ताजा और शुद्ध जल मुश्किल से ही मिल पाता है |जल को शुद्ध करने की क्रिया से दूषित जल को एक सीमा तक ही शुद्ध किया जा सकता है | उसके प्रदूषित जल को पीने के अतिरिक्त अन्य कोई विकल्प नहीं है | वृहद स्तर पर वनों की काटे जाने से और अधिक गंभीर परिणामों को जन्म मिला है | वनों के कटाव में से प्रकृति के वातावरण का अपने ही उपायों द्वारा शुद्ध करने की क्षमता पर गहरी चोट की है | वनों के कटाव ने जंगली- जीव जंतुओं का भी विनाश किया है | इस प्रकार आधुनिक मनुष्य वनस्पति और जीव जंतुओं का कट्टर शत्रु बनकर प्रकट हुआ है | जिनकी परिस्थिति को संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका होती है | प्रदूषण का खतरा चोर द्वारा गठित वायुमंडलीय प्रदूषण से और अधिक गंभीर हो चला है | भागती दौड़ती मोटर कार, तेजी से दौड़ती ट्रेन, ऊपर उड़ते हुए वायुयान, और शोर मचाते लाउडस्पीकर उससे जो शोर निकलता है | उससे हमारी नाड़ी संस्थान प्रभावित होता है | $\quad$$\quad$$\quad$इस प्रकार हम पाते हैं कि आज मानवता के सामने वातावरण प्रदूषण का एक अत्यंत कष्ट कारक खतरा मंडरा रहा है | आवश्यकता के समय पानी की कमी हो जाएगी समुद्री जलस्तर बढ़ जाएगा और उसके किनारों पर बसी बस्तियां जलमग्न होने लगेगी | आवास का संकट पैदा हो जाएगा | $\quad$$\quad$$\quad$सर्वप्रथम आवश्यकता इस बात की है कि लोगों में वातावरण प्रदूषण के हानिकारक प्रभावों के विषय में चैतन्य किया जाए | सार्वजनिक संचार माध्यमों के लिए यह अत्यंत आवश्यक है कि मानवता के सामने उपस्थित प्रदूषण के खतरों का देव दर्शन कराया जाए | द्वितीय प्रदूषण के विरुद्ध आंदोलन प्रारंभ किया जाए |प्रदूषण के विरुद्ध कानून बनाए गए हैं किंतु इनको लागू नहीं किए जाने के कारण भी बेकार पड़े हुए हैं | जो लोग प्रदूषण को समाप्त करने वाले कानूनों का उल्लंघन करें उन्हें दंडित किया जाना चाहिए | समस्या विश्व में नाभिकीय इस फोटो पर प्रतिबंध लगा दिया जाना चाहिए | तृतीय - प्रदूषण से लड़ने में वन बहुत प्रभावित होते हैं | पौधे और वृक्ष हवा को शुद्ध करते हैं | वे एक अनुमति स्तर से अधिक कार्बन डाइऑक्साइड को वायुमंडल में एकत्र होने से रोकते हैं | हमें अपने शहरों और गांवों को स्वच्छ और हरे-भरे बनाने की आवश्यकता है | प्रत्येक व्यक्ति में अधिक से अधिक वनस्पति लगाने की आवश्यकता का भाव जगाने के लिए निरंतर अभियान चलाए जाने की आवश्यकता है | प्रत्येक घर के सामने वृक्ष होने चाहिए |यदि इस संबंध में लोगों पर समझाने बुझाने का असर ना हो तो कानून भी बनाया जाना चाहिए | बिना वनस्पति के बिल्कुल भी भूमि नहीं छोड़नी चाहिए | $\quad$$\quad$$\quad$चतुर्थ जल प्रदूषण के खतरे से लड़ने के लिए बड़ी नदियों की सफाई की जानी चाहिए | नदियों को गहरा करने के लिए खुदाई की जानी चाहिए | ताकि पानी की सतह शुद्ध करने की क्षमता प्रतिकूल रूप से प्रभावित ना हो और मछलियों को पैदा करने के लिए उपयुक्त परिस्थितियों मिल सके | फैक्ट्री मालिकों को अपनी फैक्ट्रियों से निकले गंदे पानी और कूड़े करकट को नदियों में बहाने के विरुद्ध सख्त चेतावनी दी जानी चाहिए | इसी प्रकार प्रदूषण और उपायों का प्रयोग किया जाना चाहिए | जिससे ऑटोमोबाइल्स से निकले धुएं से हुए प्रदूषण से लड़ा जा सके | शोर प्रदूषण को सार्वजनिक स्थानों पर लाउडस्पीकर चलाने पर प्रतिबंध लगाकर नियंत्रित किया जा सकता है | जनरेटर के स्थान पर सौर ऊर्जा और विद्युत इन्वर्टरोका उपयोग किया जा सकता है | निश्चित ही प्रदूषण की समस्या पर चारों ओर से प्रहार समय की बहुत बड़ी आवश्यकता है | पर्यावरण प्रदूषण के विषय में जागृति समस्त विश्व में हो रही है ,और अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने अब तक तीन शिखर सम्मेलनों का आयोजन किया है | जिससे कि इस समस्या से लड़ने हेतु उपाय खोजे जा सके प्रत्येक वर्ष 22 अप्रैल को पृथ्वी दिवस भी मनाया जाता है | जिससे लोगों में पर्यावरण प्रदूषण के विषय में चेतना जागृत हो | जीव- विविधता की सुरक्षा और बहुत सी जंगली प्रजातियों को नष्ट होने से बचाने के लिए अधिक से अधिक बल दिया जा रहा है | भारत की केंद्रीय सरकार और राज्य सरकार ने एकाग्रता के साथ इस बुराई के विरुद्ध अभियान चलाया है | केंद्र में पृथक से पर्यावरण मंत्रालय की स्थापना की गई है | राज्य सरकारें विस्तृत वनीकरण कार्यक्रम चला रही है | उद्योगों के मालिकों को प्रदूषण विरोधी उपाय कराने के लिए मजबूर किया जा रहा है |
Need a full question paper?
Generate a complete, print-ready paper with questions like this in minutes — across 16+ boards, with answer keys.