Question
परखनली शिशु पर टिप्पणी लिखिए ।

Answer

परखनली शिशु - कुछ महिलाओं में अण्डावाहिनी अवरुद्ध हो जाती है जिसके कारण अण्डे का निषेचन नहीं हो पाता। इस समस्या का निदान परखनली शिशु तकनीक की सहायता से किया जा सकता है। इस तकनीक में स्त्री अण्डाशय से एक या अधिक परिपक्व अण्डे एक विशेष पिचकारी द्वारा खींचे जाते हैं। इन अण्डों को स्त्री के पुरुष साथी के शुक्राणुओं के साथ एक डिश में अनुकूलतम परिस्थितियों में कुछ घण्टों के लिए रखा जाता है। शुक्राणु अण्डों को निषेचित करते हैं और इससे एक भ्रूण निर्मित होता है। तब इस भ्रूण को स्त्री के गर्भाशय में प्रवेश कराया जाता है जहाँ पर यह एक शिशु के रूप में परिवर्धित होता है।

Need a full question paper?

Generate a complete, print-ready paper with questions like this in minutes — across 16+ boards, with answer keys.

Start Generating Free

Similar questions

एक वर्ष की पुत्री की माता अपने दूसरे बच्चे में अन्तर रखना चाहती है। उसकी डाक्टर ने उसे Cu-T की सलाह दी। इसके गर्भनिरोधक प्रभाव को समझाइए।###Cu-T किस प्रकार महिलाओं के लिए एक असरकारक गर्भनिरोधक है?
शुक्राणुजनन एवं वीर्यसेचन की परिभाषा लिखिए :
जातीय-क्षेत्र संबंध में समाश्रयण (रिग्रेशन) की ढलान का क्या महत्व है?
कौनसे गर्भ निरोधक साधन के उपयोग से एक दम्पत्ति यौनसंचारित रोगों (जैसे-एड्स आदि) से बच सकता है। इसके अन्य क्या लाभ है?
लैग्यूमिनस पादप की जड़ों पर स्थित ग्रंथियों को नष्ट कर दिया जाए तो पादप पर क्या प्रभाव पड़ेगा?कारण सहित लिखिए।
संक्षेप में ट्रांसक्रिप्शन का वणर्न करें |
निम्न में अन्तर स्पष्ट कीजिए -न्यूक्लिओसाइड एवं न्यूक्लिओटाइड
समष्टि के विभिन्न गुणों व लक्षणों को स्पष्ट कीजिए।
मानव शरीर में प्रविष्ट होने के बाद जब एच.आई.वी रक्त में आ जाता है, तो परपोषी कोशिकाओं में होने वाली परिघटनाओं का उल्लेख कीजिए।
परागकण भित्ति रचना में टेपीटम की भूमिका की व्याख्या करें।