Question
परनिषेचन परागण को परिभाषित कीजिए।

Answer

जब एक पौधे के परागकण उसी जाति के किसी दूसरे पुष्प की वर्तिकाग्र पर पहुँचते है तो उसे परपरागण कहते हैं। इस प्रकार के परागण में दो भिन्न पादपों के नर एवं मादा युग्मकों में संलयन होता है। परिणामस्वरूप इससे उत्पन्न पौधों में अधिक भिन्नताएं होने की सम्भावना अधिक रहती है।

Need a full question paper?

Generate a complete, print-ready paper with questions like this in minutes — across 16+ boards, with answer keys.

Start Generating Free

Similar questions

चारण खाद्य शृंखला एवं अपरद खाद्य शृंखला में अन्तर स्पष्ट करें-
अण्डाशय से अण्डे की यात्रा, इसके निषेचन व आरोपण तक भ्रूण के विकास की रूप रेखा दीजिये।
प्रतिबंधन एंजाइम और डीएनए को संक्षेप में बताइए-
इंटरनेट (अंतरजाल-तंत्र) या लोकप्रिय विज्ञान लेखों से पता करें कि क्या मानवेत्तर किसी प्राणी में आत्म संचेतना थी।
नामांकित चित्र बनाइये |
परागकोश के अनुप्रस्थ काट का।
मरुस्थल पादपों और प्राणियों का अनुकूलन पर संक्षिप्त टिप्पणी (नोट) लिखिए।
दिये गये चित्रों से सम्बन्धित एक-एक उदाहरण लिखिए।
Image
अनुलेखन का संक्षिप्त वर्णन कीजिए-
कृत्रिम संकरीकरण को फसल की उन्नति कार्यक्रम के रूप में कैसे माना जाता है ?
यदि पीतपिंड निष्क्रिय हो जाये तो भ्रूण परिवर्धन पर क्या प्रभाव पड़ेगा ? कारण सहित समझाइये।