प्रोटिस्टा वर्ग के लक्षण निम्न प्रकार हैं-
(i) अधिकांश प्रोटिस्ट जलीय, एककोशिकीय तथा यूकैरियोटी सूक्ष्मजीव हैं।
(ii) कोशिका विभाजन में गुणसूत्रों के द्विगुणन की स्पष्ट भूमिका होती है।
(iii) कुछ प्रोटिस्ट प्रकाश संश्लेषी होते हैं परन्तु कुछ परभक्षी या परजीवी तथा कुछ मृतोपजीवी होते हैं।
(iv) कोशिकांग उपस्थित होते हैं तथा झिल्लीबद्ध होते हैं तथा 805 प्रकार के राइबोसोम्स पाये जाते हैं।
(v) अलैंगिक प्रजनन द्विखण्डन (binary fission) या बहुविखण्डन (multiple fission) द्वारा होता है।
(vi) लैंगिक प्रजनन दो केन्द्रकों के संलयन द्वारा होता है अर्थात् युग्मक-संलयन (syngamy) द्वारा होता है।
(vii) चलन पक्ष्माभ (cilia), कशाभिक (flagellum), कूटपाद (pseudopodia) अथवा कुंचनशील रेशों (contractile fibrils) के द्वारा होता है।