Question
प्रतिबाधा का मात्रक ‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾ है।

Answer

स्वप्रयत्न

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‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾ एक सरल उपकरण है, जिसकी सहायता से किसी वस्तु पर आवेष की उपस्थिति को ज्ञात किया जाता है।
यदि इलेक्ट्रॉन और फोटॉन की डी-ब्रॉग्ली तरंगदैर्ध्य समान है तब इलेक्ट्रॉन की गतिज ऊर्जा प्रोटॉन की गतिज ऊर्जा से ‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾ होगी।
बोहर के अनुसार इलेक्ट्रॉन कुछ निश्चित कक्षाओं में चक्कर लगाते हैं। इन कक्षाओं को ‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾ कहते हैं।
प्रकाष संचरण की दिषा (प्रकाष किरण) तरंगाग्र के ‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾ होती है।
यदि किसी दक्षिणावर्ती पेंच को धारावाही चालक के अनुदिश रखा हुआ मानकर उसे इस प्रकार घुमायें कि पेंच चालक में बहने वाली धारा की दिशा में गति करे, तब अंगूठा ‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾ बल रेखाओं की दिशा में घूमेगा।
एक धारामापी को वोल्टमीटर मे रूपान्तरित करने के लिए उसके श्रेणीक्रम में ______________ एक प्रतिरोध जोड़ा जाता है।
श्रेणी LCR अनुनादी परिपथ में प्रतिबाधा का मान ‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾ के बराबर होता है।
समान प्रकृति के आवेष एक दूसरे को ‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾ करते हैं।
माध्यम में प्रकाश का रैखिक संचरण ‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾  के कारण होता है।
तरंग की तरंगदैर्ध्य जितनी अधिक होगी उसका विवर्तन उतना ही ‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾ होगा |