Question
प्रतिधारा सिद्धान्त पर टिप्पणी लिखिए।

Answer

वैज्ञानिकों की धारणा है कि हेनले के लूप में अतिपरासरणी मूत्र निर्माण प्रतिधारा सिद्धान्त द्वारा होता है। इसके अन्तर्गत द्रव पदार्थ आरोही भुजा से अवरोही भुजा के शीर्ष भाग में विपरीत दिशाओं में गमन करता है। इन दोनों भुजाओं में जल एवं लवणों के प्रति भिन्न प्रकार की पारगम्यता तथा परासरण दाब रहता है। हेनले के लूप के विभिन्न स्थानों पर यह अलग-अलग होता है। द्रव के प्रतिधारा बहाव के फलस्वरूप दाब किसी भी स्थान पर बढ़ाया जाता है। जब यह लूप के आधार भाग के शीर्ष भाग की ओर बहता है।

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