Question
प्रत्येक आवेषित संधारित्र में ऊर्जा रहती है

Answer

स्वप्रयत्न

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किसी बिन्दु आवेश को केन्द्र मानकर खींचे गए 15 cm त्रिज के गोलीय गाउसीय पृष्ठ पर विधुत फ्लक्स का मान $\phi$ हे यदि इस पृष्ठ की त्रिज्या तिगुनी कर दें तो पृष्ठ से गुजरने वाल विद्युत फ्लक्स का मान होगा-
एक घन के अन्दर $e$ परिमाण के आवेश वाले 8 द्विध्रुव रखे हैं। घन से निर्गत कुल विद्युत फ्लक्स का मान होगा-
एक 30 ग्राम के कण पर एक बल इस प्रकार कार्यरत है कि समय के $x =3 t -4 t ^2+ t ^3$ से दिया जाता है, जहां $x$ मीटर में तथा $t$ सेकंड में है। प्रथम चार सेकण्ड में किया गया कार्य होगा
प्रकाश-विद्युत् प्रभाव में उत्सर्जित प्रकाश इलेक्ट्रॉनों की गतिज ऊर्जा समानुपाती होती है
एक ऐसी परिघटना जो यह प्रदर्शित करती है कि कोई तरंग अनुप्रस्थ है, वह है:
$X$ तथा $Y$ के बीच कुल धारिता होगी :
किसी धातु पर $3000 A$ की तरंगदैर्ध्य वाला प्रकाश डाला जाता है तो फोटो इलैक्ट्रान किस गति से निकलेंगे जबकि कार्य फलन $1\ eV$ है।
एक किरण पुंज वायु से जल में प्रवेश करता है। जल में प्रकाश के किस अभिलक्षण में परिवर्तन नहीं होगा?
एक गोलीय चालक आविष्ट किया जाता है। इसके केन्द्र पर वैद्युत क्षेत्र की तीव्रता होगी
एक माध्यम में तरंग का वेग 960 मी/सेकंड है। यदि किसी बिन्दु से 1 मिनट में 3600 तरंग गुजरती है तो उसकी तरंगदैर्ध्य होगी-