Question
पृथ्वी के विभव को  ___________माना जाता है।

Answer

शून्य

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प्रत्येक फोटॉन की ऊर्जा ____________ होती है।
परमाणु को मूल अवस्था से किसी उत्तेजित अवस्था तक लाने में दी गई ऊर्जा ‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾ कहलाती है।
आवेशित संधारित्र में ऊर्जा संधारित्र की प्लेटों के बीच _____________के रूप में रहती है।
परावर्तन के पश्चात् प्रकाश का वेग तरंगदैर्ध्य एवं आवृति नियत रहती है, परन्तु ‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾ घटती है।
यदि दो कणों का ‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾ समान है तो उनकी डी-ब्रोग्ली तरंगदैर्ध्य समान होगी।
प्रतिरोधकता का व्युत्क्रम ‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾ कहलाता है।
संधारित्रों के समान्तर क्रम समायोजन में तुल्य धारिता सदैव समायोजन में जुड़े सबसे अधिक मान के संधारित्र से भी ‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾ होती है।
‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾ भौतिक राशि का मात्रक जूल / कूलाम है।
दो समान्तर तारो में विपरीत दिशाओं प्रवाहित (प्रति समान्तर) धाराओं के कारण वे ‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾ होते हैं ।
एक समतल दर्पण क्षैतिज के साथ $30^{\circ}$ के झुकाव पर स्थित है। यदि एक ऊर्ध्वाधर प्रकाश किरण दर्पण से टकराती हो तो, दर्पण एवं परावर्तित किरण के बीच का कोण ‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾ होगा