(क) औपचारिक पत्र – औपचारिक पत्र ऐसे लोगों को लिखे जाते हैं जिनसे लिखने वाले का कोई व्यक्तिगत या पारिवारिक संबंध नहीं होता है। औपचारिक पत्रों को तीन वर्गों में विभाजित किया जाता है।
1.प्रार्थना पत्र – अवकाश, शिकायत, सुधार, आवेदन के लिए लिखे गए पत्र आदि।
2.कार्यालयी पत्र – किसी सरकारी अधिकारी अथवा विभाग को लिखे गए पत्र आदि।
3.व्यावसायिक पत्र – दुकानदार, प्रकाशक, व्यापारी, कंपनी आदि को लिखे गए पत्र आदि।
(ख) अनौपचारिक पत्र – इस वर्ग में वैयक्तिक तथा पारिवारिक पत्र आते हैं। इस प्रकार के पत्र माता-पिता, भाई-बहन, दादा-दादी, मित्र-सहेली तथा संबंधियों को लिखे जाते हैं।