मैं सबसे छोटी होऊँ,
तेरी गोदी में सोऊँ,
तेरा अंचल पकड़-पकड़कर
फिरूँ सदा माँ! तेरे साथ,
कभी न छोड़ें तेरा हाथ!
बड़ा बनाकर पहले हमको
तू पीछे छलती है मात!
हाथ पकड़ फिर सदा हमारे
साथ नहीं फिरती दिन-रात!
अपने कर से खिला, धुला मुख,
धूल पोंछ, सज्जित कर गात,
थमा खिलौने, नहीं सुनाती
हमें सुखद परियों की बात!
ऐसी बड़ी न होऊँ मैं
तेरा स्नेह न खोऊँ मैं,
तेरे आंचल की छाया में
छिपी रहूँ निस्पृह, निर्भय,
कहूँ-दिखा दे चंद्रोदय!
QUESTION:
Q.1. इस कविता के लेखक कौन हैं?
(A) भगवत शरण उपाध्याय (B) सुमित्रानंदन पंत (C) कृष्णा सोबती (D) सुभद्रा कुमारी चौहान
Q.2. बालिका क्या होना चाहती है?
(A) सबसे बड़ी (B) सबसे छोटी (C) प्रिय बालिका (D) सामान्य