सामाजिक संरचनाएँ इतिहासकार टैसिटस के अनुसार रोमन साम्राज्य निम्नलिखित प्रमुख वर्गों में विभाजित था-
(i) सैनेटर या अभिजात वर्ग, (ii) अश्वारोही वर्ग, (iii) जनता का सम्माननीय मध्यम वर्ग, (iv) निम्नतर वर्ग तथा (v) दास। साम्राज्य के परवर्ती काल के सैनेटर और अश्वारोही वर्ग एकीकृत होकर एक विस्तृत अभिजात वर्ग बन चुके थे। यह 'परवर्ती रोमन' अभिजात वर्ग अत्यधिक धनवान था किन्तु कई तरीकों में यह विशुद्ध सैनिक सम्भ्रान्त वर्ग से कम शक्तिशाली था। मध्यम वर्ग में नौकरशाही और सेना की सेवा से जुड़े हुए आम लोग सम्मिलित थे, किन्तु इस वर्ग में अपेक्षाकृत अधिक समृद्ध सौदागर तथा किसान भी सम्मिलित थे। मध्यम वर्ग से नीचे निम्नतर वर्गों का एक विशाल समूह था, जिन्हें सामूहिक रूप से 'ह्यूमिलिओरिस' अर्थात् 'निम्नतर वर्ग' कहा जाता था। इनमें ग्रामीण श्रमिक सम्मिलित थे, जिनमें बहुत से लोग स्थायी रूप से बड़ी जागीरों में नियोजित थे।