Question
रसखान द्वारा रचित एवं पाठ में संकलित सवैयों का प्रतिपाद्य बताइए।

Answer

रसखान मुसलमान होकर भी परम वैष्णव भक्त थे। वे वल्लभ सम्प्रदाय में दीक्षित थे। उनके संकलित सवैयों में यह अभिव्यक्त हुआ है कि रसखान हर दशा में श्रीकृष्ण से सम्बन्धित वस्तुओं से लगाव रखते रहे। वे चाहे किसी भी योनि में या किसी भी रूप में जन्म मिले, सदैव बृजभूमि में ही रहना चाहते थे। वे अपने आराध्य के रूप सौन्दर्य पर मुग्ध थे तथा आठों सिद्धियों एवं नवों निधियों के सुख को नन्द बाबा की गाय चराने में न्यौछावर करना चाहते थे। इस प्रकार प्रस्तुत सवैयों का प्रतिपाद्य आराध्य के प्रति पूर्ण समर्पण भाव तथा रागानुगा प्रेमाभक्ति की सुन्दर व्यंजना करना रहा है।

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