रुधिर की संरचना:
रुधिर वह तरल पदार्थ या द्रव है, जो रक्त वाहिनियों में प्रवाहित होता है। यह शरीर की विभिन्न कोशिकाओं को भोजन और ऑक्सीजन का वितरण करता है। यह शरीर में से अपशिष्ट पदार्थों को बाहर निकालने के लिए उनका परिवहन भी करता है। इसमें विभिन्न प्रकार की कोशिकाएँ निलंबित रहती हैं, जो निम्न प्रकार से हैं।
(i) प्लैज्या: यह रक्त का तरल भाग होता है। यह कोशिकाओं से CO2 को फेफड़ों तक पहुँचाने में सहायता करता है।
(ii) लाल रक्त कोशिकाएँ (RBC): इनमें एक लाल वर्णक हीमोग्लोबिन पाया जाता है जिसके कारण रुधिर लाल रंग का दिखाई देता है। हीमोग्लोबिन ऑक्सीजन को अपने साथ संयुक्त करके शरीर के सभी अंगों में और अंततः सभी कोशिकाओं तक परिवहन करता है।
(iii) श्वेत रक्त कोशिकाएँ (WBC): ये कोशिकाएँ उन रोगाणुओं को नष्ट करती हैं, जो हमारे शरीर में प्रवेश कर जाते हैं। इस प्रकार ये शरीर को स्वस्थ रखती हैं।
(iv) पट्टिकाणु (प्लैटलेट्स): ये कोशिकाएं चोट लगे स्थान पर रुधिर का थक्का (जमने) बनाने में मदद करती हैं, जिससे रुधिर का बहना रुक जाता है।