Question
σ अणु कक्षक तथा अणु कक्षक में विभेद कीजिए।

Answer

द्विपरमाणुक अणुओं में आण्विक कक्षकों को σ (सिग्मा), (पाई) तथा 8 ( डेल्टा ) इत्यादि नाम दिया गया है। σ आण्विक कक्षक बन्ध की अक्ष के परित: (around ) सममित होते हैं जबकि ग आण्विक कक्षक सममित नहीं होते। उदाहरण दो नाभिकों पर केन्द्रित 1s कक्षकों के रैखिक संयोग से दो आण्विक कक्षक σ1s तथा σ*1s कक्षक बनते हैं। z-अक्ष को अन्तरनाभिकीय अक्ष मानकर दो परमाणुओं 2p2 कक्षकों के रैखिक संयोग से भी दो ० आण्विक कक्षक बनते हैं जिन्हें σ2p, तथा σ*(2p.) आण्विक कक्षक कहते हैं। 2px तथा 2py कक्षकों के अतिव्यापन से बने आण्विक कक्षकों में आण्विक तल के ऊपर धनात्मक लोब तथा नीचे ऋणात्मक लोब होने के कारण ये आबन्ध अक्ष के परित: (around ) सममित नहीं होते। इन्हें तथा ग आण्विक कक्षक कहते हैं। बन्धी आण्विक कक्षकों में अन्तरानाभिकीय अक्ष के ऊपर तथा नीचे इलेक्ट्रॉन घनत्व अधिकतम होता है जबकि विपरीत बन्धी आण्विक कक्षक में नाभिकों के मध्य एक नोड होता है जहाँ पर इलेक्ट्रॉन घनत्व शून्य होता है। 1s, 2p, तथा 2px परमाणु कक्षकों के संयोग से बन्धी तथा विपरीत बन्धी आण्विक कक्षकों के बनने को निम्न प्रकार दर्शाया जाता है

Image

Image

Need a full question paper?

Generate a complete, print-ready paper with questions like this in minutes — across 16+ boards, with answer keys.

Start Generating Free

Similar questions

एक ऐल्केन $C _4 H _{10}( X )$ के मोनोक्लोरीनीकरण से यौगिक $C _4 H _9 Cl ( Y )$ प्राप्त होता है। यौगिक Y की शुष्क ईथर में सोडियम के साथ अभिक्रिया करवाने पर 3, 4-डाइमेथिलहेक्सेन बनता है तो यौगिक $X$ तथा $Y$ कौन हैं तथा अभिक्रियाओं के समीकरण भी लिखिए।
निम्नलिखित की संरचना बताइए-
  1. $BeCl _2$ (वाष्प)
  2. $BeCl _2$ (ठोस)
विलयन एन्थैल्पी, जालक एन्थैल्पी, विलायकन एन्थैल्पी क्या होती है? सिद्ध कीजिये कि विलयन एन्थैल्पी, जालक एन्थैल्पी तथा विलायकन एन्थैल्पी का योग होती है।
नीचे दिए गए परमाणु द्रव्यमान (A) और परमाणु संख्या (Z) वाले परमाणुओं का पूर्ण प्रतीक लिखिए
  1. Z = 17, A = 35
  2. Z = 92, A = 233
  3. Z = 4, A = 9
आण्विक कक्षक सिद्धान्त के मुख्य बिन्दु क्या हैं? समझाइए।
जब धातु X की क्रिया सोडियम हाइड्रॉक्साइड के साथ की जाती है, तो श्वेत अवक्षेप (A) प्राप्त होता है, जो NaOH के आधिक्य में विलेय होकर विलेय संकुल (B) बनाता है। यौगिक
(A) तनु HCl में घुलकर यौगिक (C) बनाता है। यौगिक (A) को अधिक गर्म किए जाने पर यौगिक (D) बनता है, जो एक निष्कर्षित धातु के रूप में प्रयुक्त होता है। X, A, B, C तथा D को पहचानिए तथा इनकी पहचान के समर्थन में उपयुक्त समीकरण दीजिए।
आन्तरिक संक्रमण तत्त्वों को मुख्य आवर्त सारणी के नीचे पृथक से रखा गया है। क्यों? 
B की आयनन एन्थैल्पी, Be की आयनन एन्थैल्पी से कम होती है, क्यों? 
हीरा में सहसंयोजन होने के उपरांत भी गलनांक उच्च होता है। क्यों?
निम्नलिखित अभिक्रियाओं को वर्गीकृत कीजिए-
i. $CH _3 CH _2 Br + HS ^{-} \longrightarrow CH _3 CH _2 SH + Br ^{-}$
ii. $\left( CH _3\right)_2 C = CH _2+ HCl \longrightarrow\left( CH _3\right)_2 ClC - CH _3$
iii. $CH _3 CH _2 Br + HO ^{-} \longrightarrow CH _2= CH _2+ H _2 O + Br ^{-}$
iv. $\left( CH _3\right)_3 C - CH _2 OH + HBr \longrightarrow\left( CH _3\right)_2 CBrCH _2 CH _3+ H _2 O$