MCQ
सौर ऊर्जा का स्रोत है-
  • A
    नाभिकीय विखण्डन
  • नाभिकीय संलयन
  • C
    दोनों
  • D
    कोई नहीं

Answer

Correct option: B.
नाभिकीय संलयन
B

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एक आवेशित कण पर आवेश का मान $-2 \mu C$ है। यह $y$ दिशा में क्रियाकारी $2 T$ के चुम्बकीय क्षेत्र में वेग $(2 \hat{ i }+3 \hat{ j }) \times 10^6 ms ^{-1}$ से चल रहा हो तो इस पर क्रियाकारी चुम्बकीय बल होगा:-
एक समान्तर प्लेट संधारित्र परावैद्युत् स्थिरांक 2 के तेल में डूबा दिया जाता है तो अचर आवेश की स्थिति में दोनों प्लेटों के बीच किसी बिंदु पर विद्युतीय क्षेत्र-
यदि रिडबर्ग नियतांक का मान $10^7 m^{-1}$ हो.तो बामर श्रेणी की अंतिम रेखा की तरंग संख्या होगी
धात्विक सतह से निकलने वाले फोटो इलेक्ट्रॉनों की अवस्था हो सकती है-
किसी द्विध्रुव को एक समरूप विद्युतीय क्षेत्र में रखा गया तो उस पर परिणामी विद्युतीय बल होगा-
R प्रतिरोध के परिपथ में $\Delta t$ समय में $\Delta \phi$ चुम्बकीय फ्लक्स परिवर्तित होते हैं, तो $\Delta t$समय में परिपथ में प्रवाहित कुल आवेश Q का मान होगा-
10µF धारित के समान्तर प्लेट संधारित्र को 40µc आवेश देने पर उसकी कुल ऊर्जा का मान जूल में होगा-
किसी तार की प्रतिरोधकता निर्भर करती है-
एक कण इस प्रकार गति करता है कि इसके स्थिति निर्देशांक $(x, y)$ निम्न प्रकार हैं (2मी, 3 मी) समय $t=0$ पर (6मी, 7 मी) समय $t=2$ सेकण्ड पर (13मी, 14 मी) समय $t=5$ सेकेण्ड पर तो, $t =0$ से $t =5$ सेकण्ड तक, औसत वेग सदिश $\left(\overrightarrow{ V }_{ av }\right)$ होगा
P-N संधि पर अग्र बायस स्थापित करने पर इसका व्यवहार होगा-