Question
शुक्रजनन व अण्डजनन में अन्तर लिखिए।
| अन्तर के गुण | शुक्रजनन | अण्डजनन |
| 1. स्थान | वृषण में स्थित शुक्रजनन नलिका में। | अण्डाशय की जननिक एपीथीलियम व स्ट्रोमा । |
| 2. सम्पूर्ण होने का स्थान | प्रारम्भ व समापन का स्थान वृषण ही है। | प्रारम्भ अण्डाशय में लेकिन पूर्ण अण्डाशय के बाहर, अण्डवाहिनी में निषेचन होने पर ही। |
| 3. कुल अवधि | लगभग ढाई महीने (75 दिन)। | लम्बी, असतत् प्रक्रिया है जो भ्रूणीय अवस्था में प्रारम्भ होकर, किशोरावस्था में पूर्णता की ओर अग्रसर हो समाप्त केवल निषेचन पर ही होती है। |
| 4. वृद्धि प्रावस्था | अल्पावधि | बहुत लम्बी वृद्धि प्रावस्था होती है। |
| 5. युग्मक संख्या | एक शुक्राणु मातृ कोशिका से चार शुक्राणु बनते हैं। | एक अण्डाणु मातृ कोशिका (ऊगोनिया) से केवल एक अण्ड कोशिका बनती है। |
| 6. युग्मक आकार/कायान्तरण | शुक्राणु आकार में छोटे होते हैं तथा स्पर्मेटिड के कायान्तरण से बनते हैं। | अण्ड कोशिका बड़ी होती है जिसके निर्माण में कायान्तरण नहीं होता। |
| 7. ध्रुवीय काय | ध्रुवीय काय नहीं बनते। | दो अथवा तीन ध्रुवीय काय अवश्य बनते हैं। |
Generate a complete, print-ready paper with questions like this in minutes — across 16+ boards, with answer keys.