सम्बन्धों के कई प्रकार हैं। एक सम्बन्ध वे होते हैं, जिनमें कारण परिणामों की व्याख्या की जा सकती है। उदाहरण के लिए, मांगी गई मात्रा तथा किसी वस्तु की कीमत के मध्य पाए जाने वाला सम्बन्ध। कुछ सम्बन्ध केवल संयोग मात्र होते हैं, जैसे - किसी पक्षी विहार में पक्षियों के आने तथा उस क्षेत्र में जन्म - दर के मध्य सम्बन्ध मात्र संयोग होता है। तीसरे प्रकार का सम्बन्ध वह होता है जिसमें दो चरों पर तीसरे चर के प्रभाव से, दोनों चरों के बीच सम्बन्ध प्रभावित हो जाते हैं। उदाहरण के लिए गर्मियों में आइसक्रीम की बिक्री में तेजी डूबकर मरने वालों की संख्या से जोड़ी जा सकती है, यद्यपि मरने वाले आइसक्रीम खाकर नहीं डूबते हैं। किन्तु गर्मियों में लोग आइसक्रीम भी ज्यादा खाते हैं तथा तरणतालों में भी अधिक जाते हैं।