Question
संकुचन के लिए पेशी किस प्रकार उत्तेजित होती है?

Answer

तन्त्रिका आवेग के फलस्वरूप तन्त्रिका पेशी सन्धि पर तन्त्रिकाक्ष के सिरों के द्वारा ऐसीटिलकोलिन नामक रसायन मुक्त किया जाता है। यह रसायन पेशी प्लैज्मा झिल्ली की सोडियम आयन (Na+) के प्रति पारगम्यता को बढ़ाता है। जिसके कारण सोडियम आयन पेशी कोशिका में प्रवेश करते हैं जिससे प्लैज्मा झिल्ली की आन्तरिक सतह पर धनात्मक विभव उत्पन्न हो जाता है। यह धनात्मक विभव पूरी प्लैज्मा झिल्ली पर संचारित होकर सक्रिय विभव उत्पन्न करता है। इस प्रकार से पेशी संकुचन के लिए उत्तेजित होती है।

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