जब केंद्र और राज्य सरकारों से शक्तियाँ लेकर स्थानीय सरकारों हो दी जाती है तो इसे सत्ता का विकेंद्रीकरण कहते हैं। इसमें तीसरे स्तर को स्थानीय शासन कहा जाता है। स्थानीय शासन का महत्त्व निम्नलिखित है- (i) अनेक समस्याओं का निपटारा स्थानीय स्तर पर ही बढ़िया ढंग से हो सकता है क्योकि लोगों को अपने इलाके की समस्याओं की बेहतर समझ होती है। (ii) लोगों को इस बात की भी जानकारी होती है कि पैसा कहाँ खर्च किया जाए और चीजों का अधिक कुशलता से उपयोग किस तरह किया जा सकता है। (iii) स्थानीय स्तर पर लोगों को फैसलों में सीधे भागीदार बनाना भी संभव हो जाता है। इससे लोकतांत्रिक भागीदारी की आदत पड़ती है। इस प्रकार स्थानीय सरकारों की स्थापना स्वशासन के लोकतांत्रिक सिद्धांत को वास्तविक बनाने का सबसे अच्छा तरीका है।
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