स्थायी दुकानदार की प्रमुख विशेषताएँ-
यह वह फुटकर विक्रेता होता है, जिसके स्थायी रूप से विक्रय के लिए संस्थान होता है।
भ्रमणशील फुटकर विक्रेता की तुलना में इनके पास अधिक संसाधन होते हैं और ये अपेक्षाकृत बड़े पैमाने पर कार्य करते हैं।
ये बहुत छोटे आकार से लेकर बहुत बड़े आकार के भी होते हैं।
ये उपभोग योग्य टिकाऊ एवं गैर-टिकाऊ दोनों ही प्रकार की वस्तुओं में व्यापार करते हैं।
स्थायी दकानदारों की ग्राहकों में अधिक साख होती है, क्योंकि ये ग्राहकों की वस्तएँ घर पहँचाने, गारण्टी प्रदान करना, उधार बिक्री, मरम्मत तथा अतिरिक्त पुर्जे उपलब्ध कराना जैसी अनेकों सेवाएँ उपलब्ध कराते हैं।
ये दो प्रकार के होते हैं-छोटे दुकानदार एवं बड़े फुटकर विक्रेता।