MCQ
सूर्योदय से ठीक पहले सूर्य के दिखाई देने का कारण है
  • A
    प्रकाष का परावर्तन
  • B
    प्रकाष का अपवर्तन
  • C
    प्रकाष का प्रकीर्णन
  • D
    बैण्ड अवषोषण स्पेक्ट्रम

Answer

स्वप्रयत्न

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एक परिपथ में $X _{ L }=31 \Omega, R =8 \Omega, X _{ C }=25 \Omega$ श्रेणी क्रम में लगाये गये हैं। इन्हें $110 V$ a.c. के साथ जोड़ा गया है। शक्ति-घटक होगा :
p-टाइप अर्द्धचालक बनाने के लिए शुद्ध जर्मेनियम में मिलाये जाने वाले अपद्रव्य हैं-
किसी दृढ छड़ की लम्बाई $L$ और उसका द्रव्यमान नगण्य है। इसके दो विपरीत सिरो पर क्रमशः $m _1$ तथा $m _2$ द्रव्यमान के दो बिन्दु पिंड रखे गये है। इस छड़ को उसके स्वयं के लम्बवत् अक्ष के परितः घूर्णन कराना है, जो छड़ पर र्थित किसी बिन्दु $P$ से होकर गुजरती है (आरेख देखिये)। बिन्दु $P$ की वह स्थिति जिसके लिये छड़ को कोणीय वेग $\omega_0$ से घूर्णन कराने के लिये आवश्यक कार्य न्यूनतम होगा, है

यंग के प्रयोग में दो कोहैरेन्ट स्रोत्र $0.90$ मिमी की दूरी पर रखे हैं । यदि ये दूसरी डार्क फ्रिंज 1 मीटर पर बनाते हों तो एकवर्णी प्रकाश की तरंग दैर्ध्य होगी :
किसी वस्तु पर कार्य करने वाला बल $F$ दूरी $x$ के साथ बदलती है। बल न्यूटन में है और $x$ मीटर में है। $x =$ 0 से $x =6$ मीटर तक चलने में वस्तु को कितना कार्य करना होगा?

एक ठोस गोला, डिस्क तथा सिलेण्डर एक ही पदार्थ के बने हैं। इनके द्रव्यमान समान है। ये तीनों घूर्णन गति करते हुए नत समतल पर नीचे आते हैं तो:
एक समी. में $P$ का समय के साथ संबंध इस प्रकार है $P = P _0 \exp \left(-\alpha t ^2\right)$ जहां $\alpha$ एक नियतांक है, तो $\alpha$ की विमा होगी
एक आदर्श गैस ऊष्मा इंजन कार्नो चक्र में $227^{\circ} C$ तथा $127^{\circ} C$ के बीच कार्यरत है। यह उच्च ताप पर $6 \times 10^4$ कैलोरी ऊष्मा अवशोषित करता है। कार्य में परिवर्तित ऊष्मा का मान है
ताप वृद्धि से अर्धचालकों की चालकता-
चुम्बकीय द्विध्रुव आघूर्ण है