Question
तरंगदैर्घ्य का मान बढ़ने से अपवर्तनांक का मान

Answer

(B)

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किसी उभयनिष्ठ उत्सर्जक $(CE)$ प्रवर्धक की वोल्टता लब्धि $' G \ '$ है। प्रयुक्त ट्रांजिस्टरी की अन्तराचालकता $($ ट्रान्सकन्डक्टैन्स $) 0.03$ म्हो और धारा लब्धि $25$ है। यदि इस ट्रांजिस्टर के स्थान पर एक अन्य ट्रांजिस्टर का उपयोग किया जाए जिसकी अनाचालकता $0.02$ म्हो तथा धारालब्धि $20$ हो तो वोल्टता लब्धि होगी :
एक प्रेरण कुण्डली में जब धारा 1 मिली. सेकण्ड में 3 ऐम्पियर से 2 ऐम्पियर तक परिवर्तित होती है तो उसमें 5 वोल्ट का विद्युत वाष्प है। कुण्डली का स्व-प्रेरकत्व होगा-
प्रत्येक $r$ त्रिज्या तथा $q$ आवेश से आवेशित आठ छोटे बूंदों को मिलाकर एक बड़ा बूंद बनाया जाता है तो बड़े बूंद की स्थितिज ऊर्जा प्रत्येक छोटे बूँद की तुलना में
निम्न में से कौन प्रकाश की कण-प्रकृति को दर्शाता है
बोर के अनुसार केवल वे कक्ष स्थायी होती हैं जिनमें इलेक्ट्रॉन के कोणीय संवेग का मान होगा-
विद्युत आवेष की एकसमान गति से उत्पन्न होता है
रिडबर्ग नियतांक $\mathrm{R}$ एवं प्रकाश की चाल $c$ हो तो $\mathrm{RC}$ का मात्रक होगा
निकेल है
प्रकाश किस प्रकार के कंपनों से बनती है?
लेन्ज का नियम किसके संरक्षण से सम्बन्धित है