वामपंथी दल ऐसे दल हैं जो क्रान्ति या बड़े परिवर्तन का आह्वान करके यथास्थिति को पलट देना चाहते हैं। ये दल समाज के उच्च या सम्पन्न वर्गों के हितों पर प्रहार करते हैं, ताकि किसानों, मजदूरों, दलितों, अल्पसंख्यकों आदि के हितों की रक्षा की जा सके। बड़े उद्योगों का राष्ट्रीयकरण होना चाहिए। राज्य को गरीबी, बेकारी, अज्ञानता, बीमारी, भुखमरी, मकानों की कमी जैसे दोषों का निराकरण करना चाहिए, निजी सम्पत्ति पर राज्य का कठोर नियन्त्रण होना चाहिए, ताकि धनी लोग गरीबों का शोषण व दमन न कर सकें। भारत की कम्युनिस्ट पार्टी, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी, समाजवादी पार्टी, बहुजन समाजपार्टी आदि को इसी कोटि में रखा जा सकता है।