Question
विभिन्नताओं के कोई चार महत्त्व लिखिए।

Answer

विभिन्नताओं के चार महत्त्व निम्न हैं-
(i) विभिन्नताओं से जन्तुओं व पादपों में लाभदायक परिवर्तन भी होते हैं।
(ii) विभिन्नताएँ जैव विकास प्रक्रिया का आधार हैं।
(iii) विभिन्नताएँ जन्तु को बदले हुए वातावरण के प्रति अनुकूलित करने में सहायक होती हैं।
(iv) प्राणी को अस्तित्व के साथ संघर्ष में बेहतर बनाती हैं।

Need a full question paper?

Generate a complete, print-ready paper with questions like this in minutes — across 16+ boards, with answer keys.

Start Generating Free

Similar questions

क्या भौगोलिक पृथक्करण अलैंगिक जनन वाले जीवों के जाति उद्भव का प्रमुख कारक हो सकता है? क्यों अथवा क्यों नहीं?
मेंडल के एक प्रयोग में लंबे मटर के पौधे जिनके बैंगनी पुष्प थे, का संकरण बौने पौधों जिनके सफेद पुष्प थे, से कराया गया। इनकी संतति के सभी पौधों में पुष्प बैंगनी रंग के थे। परंतु उनमें से लगभग आधे बौने थे। इससे कहा जा सकता है कि लंबे जनक पौधों की आनुवंशिक रचना निम्न थी:-
यौवनारंभ (Puberty) किसे कहते हैं?
हमारे शरीर में कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन तथा वसा के उपापचय को कौनसा हार्मोन नियंत्रित करता है?
ओज़ोन क्या है तथा यह किसी पारितंत्र को किस प्रकार प्रभावित करती है?
मस्तिष्क तथा मेरुरज्जु मिलकर कौनसे तंत्रिका तंत्र का निर्माण करते हैं?
विकास के आधार पर क्या आप बता सकते हैं कि जीवाणु, मकड़ी, मछली तथा चिम्पैंजी में किसका शारीरिक अभिकल्प उत्तम है? अपने उत्तर की व्याख्या कीजिए।
मृतजीवी पोषण क्या है? उदाहरण सहित उत्तर दें।
पादप किस प्रकार की गतियाँ दर्शाते हैं?
गुरुत्वानुवर्तन क्रिया को चित्र सहित समझाइये।