वनों के नियमन से झूम या घुमन्तू खेती प्रभावित हुई। घुमन्तू कृषि के लिए जंगल के कुछ भागों को बारी बारी से काटा जाता और जलाया जाता है। मानसून की पहली बारिश के बाद इस राख में बीज बो दिए जाते हैं और अक्टूबर में फसल काटी जाती है। इन भूखण्डों में मिश्रित फसलें उगायी जाती हैं, जैसे-ज्वार-बाजरा, कसावा, मक्का आदि।
सरकार द्वारा वनों के नियमन द्वारा घुमन्तू खेती पर रोक लगा दी। अनेक कृषक समुदायों को जंगलों के घर से जबरन विस्थापित कर दिया गया। इससे खेती प्रभावित हुई।