Question
वसा के पायसीकरण का क्या महत्व है?

Answer

वसा के अणु जटिल होते हैं। वे भोजन में बड़े आकार की गोलिकाओं के रूप में उपस्थित होते है जिसमें उन पर एंजाइम का कार्य करना कठिन हो जाता है। वसा के पायसीकरण द्वारा वसा की बड़ी गोलिकाएँ छोटी गोलिकाओं में परिवर्तित हो जाती हैं अर्थात् पित्त रस में उपस्थित पित्त लवण वसा को यांत्रिक रूप से छोटी गोलिकाओं में खण्डित कर देते हैं जिससे वसा-पाचक एंजाइमों की क्रियाशीलता बढ़ जाती है। अतः सम्बन्धित एंजाइम द्वारा वसा का पाचन सरल हो जाता है।

Need a full question paper?

Generate a complete, print-ready paper with questions like this in minutes — across 16+ boards, with answer keys.

Start Generating Free

Similar questions

विद्युत धारा के तापीय प्रभाव के व्यावहारिक अनुप्रयोग को समझाइए।
भोजन के पाचन में लार की क्या भूमिका है?
उस समय आप क्या प्रेक्षण करते हैं जब आप एसीटिक अम्ल की कुछ बूँदें उस परखनली में मिलाते हैं जिसमें भरा है-
(i) फिनॉल्फ्थेलीन,(ii) आसुत जल,(iii) सार्वत्रिक सूचक,(iv) सोडियम हाइड्रोजन कार्बोनेट चूर्ण।
चुम्बकीय क्षेत्र की दिशा ज्ञात करने का दक्षिण हस्त अंगुष्ठ नियम लिखिए।
धात्विक ऑक्साइड की प्रकृति अम्लीय होती है या क्षारीय? इनकी अम्ल से क्रिया कराने पर क्या होगा? उदाहरण सहित बताइए।
तंबाकू के पौधे में, नर युग्मक में चौबीस गुणसूत्र होते हैं। मादा युग्मक में गुणसूत्रों की संख्या कितनी होगी? युग्मनज में गुणसूत्रों की संख्या कितनी होगी?
एकल परिसंचरण तन्त्र किसे कहते हैं? उदाहरण सहित समझाइए।
जब कोई विद्युत हीटर स्रोत से 44 विद्युतधारा लेता है, तब उसके टर्मिनलों के बीच विभवान्तर 60V है। उस समय विद्युत हीटर कितनी विद्युतधारा लेगा जब विभवान्तर को 120V तक बढ़ा दिया जाएगा
मानव में बच्चे का लिंग निर्धारण कैसे होता है?
निम्नलिखित प्रकार के जनन का एक-एक उदाहरण दें-
(i) द्वि-विखण्डन (ii) मुकुल (iii) बीजाणु निर्माण (iv) पुनर्जनन (v) बहु-विखंडन (vi) कायिक प्रवर्धन।