व्यापार-राज्यों व देशों में व्यक्तियों के मध्य वस्तुओं का आदान-प्रदान व्यापार कहलाता है
व्यापार के प्रकार-व्यापार तीन प्रकार का होता है-
स्थानीय व्यापार-जब कच्चे माल, निर्मित वस्तुओं या सेवाओं का आदान-प्रदान एक क्षेत्र विशेष, यथाकस्बों व गाँवों के लोगों द्वारा स्थानीय रूप से ही किया जाता है तो उसे स्थानीय व्यापार कहते हैं।
राज्यस्तरीय व्यापार-जब कच्चे माल, निर्मित वस्तुओं और सेवाओं का व्यापार दो या दो से अधिक राज्यों के मध्य होता है तो उसे राज्यस्तरीय व्यापार कहते हैं।
अन्तर्राष्ट्रीय व्यापार-जब कच्चे माल, तैयार माल और सेवाओं का आदान-प्रदान किन्हीं दो देशों के मध्य होता है तो उसे अन्तर्राष्ट्रीय व्यापार कहते हैं। अन्तर्राष्ट्रीय व्यापार की प्रगति किसी भी देश के आर्थिक विकास का सूचक होती है।