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लघु उत्तरीय प्रश्न (3 गुण)

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Question 13 Marks
संघीय व्यवस्था की किन्हीं चार विशेषताओं का उल्लेख कीजिए। 
Answer
संघीय व्यवस्था की प्रमुख विशेषताएँ निम्नलिखित हैं-
दोहरा शासन-संघात्मक सरकार में दोहरा शासन प्रबन्ध होता है-एक केन्द्रीय शासन का और दूसरा प्रान्तों का शासन। शक्तियों का बँटवारा-संघात्मक सरकार में संविधान द्वारा शक्तियों का बँटवारा केन्द्र तथा राज्यों के बीच किया जाता है। दोनों ही सरकारें अपने-अपने अधिकार क्षेत्र में स्वतंत्र होती हैं। लिखित एवं कठोर संविधान संघात्मक शासन व्यवस्था में संविधान लिखित तथा कठोर होता है। स्वतंत्र एवं सर्वोच्च न्यायालय केन्द्र तथा प्रान्तों के आपसी विवादों को निपटाने के लिए तथा संविधान के मौलिक प्रावधानों की सुरक्षा के लिए एक स्वतंत्र तथा सर्वोच्च न्यायपालिका की स्थापना की जाती है।
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Question 23 Marks
संघीय व्यवस्था की महत्त्वपूर्ण विशेषताओं को रेखांकित कीजिए।
Answer
संघीय व्यवस्था की प्रमुख विशेषताएँ निम्नलिखित हैं-
दोहरा शासन-संघात्मक सरकार में दोहरा शासन प्रबन्ध होता है-एक केन्द्रीय शासन का और दूसरा प्रान्तों का शासन। शक्तियों का बँटवारा-संघात्मक सरकार में संविधान द्वारा शक्तियों का बँटवारा केन्द्र तथा राज्यों के बीच किया जाता है। दोनों ही सरकारें अपने-अपने अधिकार क्षेत्र में स्वतंत्र होती हैं। लिखित एवं कठोर संविधान संघात्मक शासन व्यवस्था में संविधान लिखित तथा कठोर होता है। स्वतंत्र एवं सर्वोच्च न्यायालय केन्द्र तथा प्रान्तों के आपसी विवादों को निपटाने के लिए तथा संविधान के मौलिक प्रावधानों की सुरक्षा के लिए एक स्वतंत्र तथा सर्वोच्च न्यायपालिका की स्थापना की जाती है।
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Question 33 Marks
संविधान द्वारा प्रस्तावित संघ सरकार एवं राज्य सरकारों के बीच विधायी शक्तियों के बँटवारे की तीन सूची व्यवस्था का वर्णन कीजिए।
Answer
संविधान द्वारा संघ सरकार एवं राज्य सरकारों के बीच विधायी शक्तियों का बँटवारा निम्नलिखित तीन सूचियों के द्वारा किया गया है-
संघ सूची-संघ सूची में दिये गए विषयों पर केवल केन्द्र सरकार कानून बना सकती है। ये विषय राष्ट्रीय महत्त्व के हैं, जैसे-रक्षा, वित्त, विदेश विभाग आदि।
राज्य सूची-राज्य सूची में दिए गए विषयों पर केवल राज्य सरकार कानून बना सकती है। ये स्थानीय महत्त्व के विषय हैं, जैसे- कृषि, पुलिस, वाणिज्य इत्यादि।
समवर्ती सूची-इस सूची में गिनाए गए विषयों पर केन्द्र तथा राज्य सरकारें दोनों ही कानून बना सकती हैं। एक ही समय में किसी एक विषय पर दोनों सरकारों के कानून में टकराहट होने की स्थिति में केन्द्र का कानून मान्य होगा और राज्य का कानून निरस्त हो जायेगा। अवशिष्ट विषय शेष विषय केन्द्र सरकार को प्रदान किये गये हैं।
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Question 43 Marks
शक्तियों के विकेन्द्रीकरण के पीछे मूल भावना क्या है?
Answer
शक्तियों के विकेन्द्रीकरण के पीछे मूल भावना यह है कि अनेक मुद्दों और समस्याओं का निपटारा स्थानीय स्तर पर ही बढ़िया ढंग से ही हो सकता है। लोगों को अपने इलाके की समस्याओं की बेहतर समझ होती है। लोगों को इस बात की भी अच्छी जानकारी होती है कि पैसा कहाँ खर्च किया जाये और चीजों का अधिक कुशलता से उपयोग किस तरह किया जाये?
दूसरे, स्थानीय स्तर पर लोगों को फैसलों में सीधे भागीदार बनाना भी संभव हो जाता है। इस प्रकार स्थानीय सरकारों की स्थापना स्वशासन के लोकतांत्रिक सिद्धान्त को वास्तविक बनाने का सबसे अच्छा तरीका है।
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Question 53 Marks
भारत की भाषा नीति को संक्षेप में बताइये।
Answer
भारत की भाषा नीति हमारे संविधान में किसी एक भाषा को राष्ट्रभाषा का दर्जा नहीं दिया गया है। हिंदी को राजभाषा माना गया, साथ ही अन्य भाषाओं के संरक्षण के अनेक दूसरे उपाय किये गये। संविधान में हिंदी के अलावा अन्य 21 भाषाओं को अनुसूचित भाषा का दर्जा दिया गया है। केन्द्र सरकार के किसी पद का उम्मीदवार उनमें से किसी भी भाषा में परीक्षा दे सकता है, बशर्ते कि उम्मीदवार इसको विकल्प के रूप में चुने। राज्यों की अपनी राजभाषाएँ हैं। राज्यों का अपना अधिकांश काम अपनी राजभाषा में ही होता है। केन्द्र सरकार ने गैर-हिंदी भाषी राज्यों की माँग पर हिंदी के साथ-साथ अंग्रेजी को राजकीय कामों में प्रयोग की अनुमति दे दी है।
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Question 63 Marks
संघवाद क्या है? भारत में संघवाद का स्वरूप कैसा है? बताइए।
Answer
संघवाद का अर्थ-संघवाद अर्थात् संघीय शासन व्यवस्था में सर्वोच्च सत्ता केन्द्र और उसकी इकाइयों के बीच विभाजित होती है।
भारत में संघवाद का स्वरूप-
भारतीय संघवाद राज्यों का संघ है।
भारतीय संघीय व्यवस्था में दो स्तरीय शासन व्यवस्था है। इसमें एक सरकार पूरे देश के लिए होती है और दूसरी सरकार प्रान्तों के स्तर पर होती है। भारतीय संघवाद में शक्तियों का बँटवारा तीन सूचियों-संघ सूची, राज्य सूची तथा समवर्ती सूची के माध्यम से किया गया है।
भारतीय संघवाद में न्यायपालिका स्वतंत्र तथा सर्वोच्च है।
भारतीय संघवाद में सारे राज्यों को बराबर अधिकार नहीं है। यहाँ कुछ राज्यों को विशिष्ट अधिकार प्रदान किये गए हैं।
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Question 73 Marks
सरकार के तृतीय स्तर की किन्हीं चार विशेषताओं को स्पष्ट कीजिए।
Answer
सरकार के तृतीय स्तर से आशय स्थानीय स्वशासन की संस्थाओं से है। इसकी चार विशेषताएँ निम्नलिखित हैं-
इन संस्थाओं के सदस्यों तथा पदाधिकारियों के पदों में अनुसूचित जाति तथा अनुसूचित जनजातियों के लिए सीटें आरक्षित होती हैं।
इनमें 1/3 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित की गई हैं
सभी स्थानीय संस्थाओं के सदस्यों के चुनावों के लिए राज्य चुनाव आयोग की व्यवस्था की गई है। राज्य सरकारें अपनी आय का एक भाग विकास कार्य के लिए इन संस्थाओं को देती हैं।
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Question 83 Marks
संघ बनाने के अलग-अलग ढंगों का वर्णन कीजिये।
Answer
संघीय शासन व्यवस्थाएँ आमतौर पर दो तरीकों से गठित होती हैं-
(1) साथ आकर संघ बनाना (Coming together federation)-इसमें दो या अधिक स्वतंत्र राज्य अपनी इच्छा से साथ आकर एक संघ का निर्माण करते हैं। इसमें वे अपनी संप्रभुता तथा अपनी अलग पहचान को भी बनाए रखते हैं और अपनी सुरक्षा और खुशहाली बढ़ाने का रास्ता अख्तियार करते हैं। इसमें प्रायः प्रान्तों को केन्द्र के समान अधिकार होते हैं और वे केन्द्र से ज्यादा शक्तिशाली होते हैं। अमरीका, स्विट्जरलैंड तथा आस्ट्रेलिया ऐसे ही संघ राज्य हैं।
(2) साथ रखने के द्वारा संघ बनाना (Holding together federation)-इसमें बड़े देश पहले राज्यों का गठन करते हैं फिर राज्य और राष्ट्रीय सरकार के बीच सत्ता का बँटवारा कर दिया जाता है। इसमें राज्यों की तुलना में केन्द्र सरकार अधिक शक्तिशाली होती है। भारत, बेल्जियम और स्पेन इसके उदाहरण हैं।
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Question 93 Marks
घीय शासन गठित करने के दो विभिन्न तरीकों का वर्णन कीजिए।
Answer
संघीय शासन व्यवस्थाएँ आमतौर पर दो तरीकों से गठित होती हैं-
(1) साथ आकर संघ बनाना (Coming together federation)-इसमें दो या अधिक स्वतंत्र राज्य अपनी इच्छा से साथ आकर एक संघ का निर्माण करते हैं। इसमें वे अपनी संप्रभुता तथा अपनी अलग पहचान को भी बनाए रखते हैं और अपनी सुरक्षा और खुशहाली बढ़ाने का रास्ता अख्तियार करते हैं। इसमें प्रायः प्रान्तों को केन्द्र के समान अधिकार होते हैं और वे केन्द्र से ज्यादा शक्तिशाली होते हैं। अमरीका, स्विट्जरलैंड तथा आस्ट्रेलिया ऐसे ही संघ राज्य हैं।
(2) साथ रखने के द्वारा संघ बनाना (Holding together federation)-इसमें बड़े देश पहले राज्यों का गठन करते हैं फिर राज्य और राष्ट्रीय सरकार के बीच सत्ता का बँटवारा कर दिया जाता है। इसमें राज्यों की तुलना में केन्द्र सरकार अधिक शक्तिशाली होती है। भारत, बेल्जियम और स्पेन इसके उदाहरण हैं।
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