MCQ 11 Mark
परीक्षार्थ प्रसंकरण में, जिसमें द्विसंकरण मक्खियां शामिल थीं पुनर्योगज प्रकार की संततियों की तुलना में जनक-प्रकार की संततियां अधिक उत्पन्न दुयीं। इसमें संकेत मिलते हैं कि:
- A
दो जीन दो अलग गुणसूत्रों पर स्थित हैं।
- B
अर्धसूत्रण के दौरान गुणसूत्र पृथक नहीं हो पाए।
- ✓
दो जीन सहलग्न हैं और एक टी गुणसूत्र पर वितमान हैं।
- D
दोनों टी लक्षणों का नियंत्रण एक से अधिक जीनों द्वारा होता है।
AnswerCorrect option: C. दो जीन सहलग्न हैं और एक टी गुणसूत्र पर वितमान हैं।
दो जीन सहलग्न हैं और एक टी गुणसूत्र पर वितमान हैं।
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सटी कथन चुनिए:
(A) टीमोफीलिया लिंग-सटलग्न अप्रभावी रोग है।
(B) डाउन सींड्रोम असुगुणिता के कारण टोता है।
(C) फेनिलकीटोनमेट (फिनाइलकीटोन्यूरिया) एक अलिंग सूत्री अप्रभावी जीन विकास है।
(D) दात्र कोशिका रक्ताल्पता $X$-सहलग्न अप्रभावी जीन विकार है।
Answer(c) द्विसंकरण में जब दो जीन एक ही गुणसूत्र पर उपस्थित टोता हैं तब जनक जीन संयोजन का अनुपात गैर जनक या पुनर्सयुक्त टाइप से कुछ ज्यादा टोता टै। इसे अपूर्ण संयोजन भी कटा जाता है।
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कॉलम-I की शब्दों को कॉलम-II में दिए गए उनके वर्णन से मैच कीजिए तथा सही विकल्प चुनिए:
| कॉलम-I | कॉलम-II |
| (A) प्रभाविता | (i) अनेक जीन एकल लक्षण का नियंत्रण करते हैं। |
| (B) सहप्रभाविता | (ii) विपमयुग्मजी जीव में केवल एक ही ऐलील स्वयं को अभिव्यक्त करता है। |
| (C) बहुप्रभाविता | (iii) विपमयुग्मजी जीव में दोनों ही ऐलील स्वयं को पूरी तरह अभिव्यक्त करता है। |
| (D) बहुजीनी वंशागति | (iv) एकल जीन अनेक लक्षणों को प्रभावित करता है। |
कोड:
- A
(A)-(iv) (B)-(iii) (C)-(i) (D)-(ii)
- B
(A)-(ii) (B)-(i) (C)-(iv) (D)-(iii)
- C
(A)-(ii) (B)-(iii) (C)-(iv) (D)-(i)
- ✓
(A)-(iv) (B)-(i) (C)-(ii) (D)-(iii)
AnswerCorrect option: D. (A)-(iv) (B)-(i) (C)-(ii) (D)-(iii)
(d) आटोसोमल अप्रभावी पैटर्न में सिकल सेल व्याधि एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी में स्थानांतरित होती है।
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एक लस्बे तद्रूप प्रजनन उदान मटर पादप को एक बौने तद्रूप प्रजनन उदान मटर पादप से संकरित कराया गया। जब $F _1$ पादपों को स्वपरागित किया गया तो जीन प्रारूप का परिणाम किस अनुपात में था?
AnswerCorrect option: D. $3: 1::$ बौने : लम्बे
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निम्नलिखित में से कौन-सा हीमोफीलिया का सबसे अधिक उपयुक्त वर्णन प्रस्तुत करता है?
Answer(a)

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एक वर्णांध व्यक्ति सामान्य दृष्टिवाली एक ऐसी महिला से विवाह करता है, जिसके परिवार का कोई भी सदस्य वर्णाध नहीं है। इस दंपति के पोतों के वर्णांध होने की क्या संभावना है?
Answer(b) $X$-सहलग्न अप्रभावी पैटर्न में टीमोफीलिया $A$ तथा टीमोफीलिया $B$ वंशानुगत दोते हैं। इन अवस्थाओं से संबंधित जीन $X$ गुणसूत्र पर अवस्थित टोते हैं जो दो लिंग गुणसूत्र में से एक होता है। पुरुपों में (इनमें केवल एक $X$ गुणसूत्र होता है)। प्रत्येक कोशिका में जीन की एक परिवर्तित प्रतिलिपि इस स्थिति के लिए पर्याप्त कारण है। महिलाओं में (दो गुणसूत्र होते हैं) विकार की स्थिति के लिए जीन की दोनों प्रतिलिपियों में उत्परिवर्तन दोगा। यट संभावना ही नटीं होती है कि महिलाएं इस जीन की दो परिवर्तित प्रतिलिपि प्रदर्शित करें। महिलाओं में टीमोफीलिया का पाया जाना बहुत टी दुर्लभ है। $X$-सदलग्न अनुवांशिकता की यट विशेपता है कि पिता अपने पुत्रों में $X$-सटलग्न कारकों को स्थानांतरित नटी कर सकता है।
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सटलग्नता (लिंकेज) शब्द किसने प्रयोग किया था?
Answer(c) 
इस दस्पत्ति की पुत्रियां सामान्य दृप्टिवाली तथा वाहक होंगी। यदि वाहक पुत्रियों में से एक पुत्री
सामान्य दृप्टिवाले पुरुप से विवाट करती है तो$XX ^{ c } \quad \times XY$ वादक स्त्री सामान्य पुरुप

केवल $25 \%$ पौत्र वर्णांध होंगे। View full question & answer→MCQ 81 Mark
निम्नलिखित मानव वंशावली में भरे हुए संकेत प्रभावित व्यक्तियों का निरूपण करते हैं। दी गयी वंशावली के प्रकार को पदचानिए:

- A
$X$ - सहलग्न अप्रभाविता
- B
- C
- ✓
Answer(d) सर्वप्रथम सदलग्नता (लिंकेज) शब्द का प्रयोग थामस टंट मारगन (1933) ने किया था। उन्हें आनुवांशिकी में गुणसूत्रों के कार्य के ऊपर नोबल पुरस्कार प्रदान किया गया।
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मटर के पौधे पर अपने आदर्श प्रयोग में मेंडल ने किसका उपयोग नहीं किया ?
Answer(b) अलिंग सूत्री अप्रभावी नामक रोग में एक असामान्य जीन की दो प्रतिलिपि पायी जाती है।
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एक नारी जो टर्नर सिंड्रोम से ग्रस्त है
AnswerCorrect option: A. उसमें 45 गुणसूत्र XO के साथ हैं
(a) मेंडल ने अपने प्रयोग के लिए फली की लम्बाई को नहीं चुना।
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1000 व्यक्तियों की समष्टि में 360 जीनप्ररूप AA, 480 $Aa$ और शेष $160 aa$ के अंतर्गत आते हैं। इस आंकड़े के आधार पर $A$ एलील की आवृति इस समष्टि में होगी
Answer(a) एक टर्नर सिंड्रोम से ग्रस्त नारी में गुणसूत्रों की संख्या 45 होती है। टर्नर सिन्ड्रोम से पीड़ित स्त्री में एक लिंग गुणसूत्र (XO) अनुपस्थित होता है। दूसरे शब्दों में ये लिंग गुणसूत्रों के लिए मोनोसोमिक $(2 n-1$ या $44+ XO )$ होती है। इन स्त्रियों का कद छोटा, वक्ष चपटा जननांग अल्प विकसित होते हैं।
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एक मनुष्य जिसका पिता वर्णान्धता से ग्रसित था एक ऐसी स्त्री से विवाह करता है जिसकी माता वर्णान्धता से ग्रसित और पिता सामान्य है। इस युगल के नर बच्चों का कितना प्रतिशत वर्णान्ध होगा ?
- A
$25 \%$
- B
$0 \%$
- ✓
$50 \%$
- D
$75 \%$
AnswerCorrect option: C. $50 \%$
(c) हॉर्डी वीनबर्ग सिद्धांत के अनुसार,
$ (p+q)^2=p^2+2 p q+q^2 $
जहाँ $p=$ एलील ' $A$ ' की आवृति
$q =$ एलील ' $a$ ' की आवृत्ति
(AA). $p ^2=1000$ व्यष्टियाँ में 360
$=100$ व्यष्टियों में से 36
$q ^2=1000$ व्यष्टियों में 160
$=1000$ व्यष्टियों में 16
$=\sqrt{16 / 100}=\sqrt{0.16}=0.4$
इसलिए, $p+q=1$
$ \begin{aligned}
p+0.4 & =1 \\
p & =0.6
\end{aligned} $
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कुम्हैडा के फल का रंग किसका उदाहरण है ?
Answer(c) प्रश्नानुसार मनुष्य जिसका पिता वर्णान्ध है। वह सामान्य पुरुष होगा, क्योंकि वर्णान्धता एक अप्रभावी लिंग सहलग्नता का उदाहरण है। इसी प्रकार वर्णान्धता से ग्रस्त स्त्री की पुत्रियाँ इस रोग की वाहक होंगी। 
अब स्थितिनुसार, सामान्य पुरुष तथा वर्णान्धता के जीन की वाहक स्त्री युगल के नर बच्चों में $50 \%$ वर्णान्ध, जबकि $50 \%$ पुत्र सामान्य होंगे इस युगल की $50 \%$ पुत्रियाँ वर्णान्ध जीन की वाहक, जबकि $50 \%$ सामान्य होंगी। View full question & answer→MCQ 141 Mark
हीमोफिलिया के बारे में गलत कथन कौन-सा है?
- ✓
- B
- C
रूधिर-स्कंदन में निहित केवल एक प्रोटीन प्रभावित होती है।
- D
यह एक लिंग-सहलग्न रोग है।
Answer(a) एक प्रभावी प्रबल एलील अन्य नॉन-एलीलिक जीन के प्रभाव को संदमित करता है। जबकि अन्य जीन प्रभावी या अप्रभावी हो। उदाहरण के लिए, कुम्हैडा के फल का रंग एक जीन के द्वारा जो प्रभावी अवस्था $\left( Y _{-}\right)$में पीला रंग तथा अप्रभावी अवस्था (yy) में हरे रंग में जाना जाता है।
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दो जीन जो $50 \%$ पुर्योगज आवृत्ति दर्शाती हैं उनके लिए निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा सत्य नहीं है?
- A
- ✓
जीन स्वतंत्र अपव्यूहन दर्शाती है
- C
यदि जीन एक ही गुणसूत्र पर विद्यमान हैं तो वे प्रत्येक अर्द्धसूत्री विभाजन में एक से अधिक बार विनियमित होती हैं
- D
जीन भिन्न गुणसूत्रों पर हो सकती हैं
AnswerCorrect option: B. जीन स्वतंत्र अपव्यूहन दर्शाती है
(b) हीमोफिलिया लिंग सहलग्न अप्रभावी रोग है जिसमें एक सामान्य प्रोटीन प्रभावित होता है जो रक्त के थक्का बनने से संबंधित प्रोटीन कास्केड का एक भाग है। इसके कारण, इससे प्रभावित व्यक्ति को यदि छोटा कट लग जाय तो भी रक्त का बहना बन्द नहीं होता है।
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यदि दोनों ही जनक थैलेसिमिया, जो एक अलिंगसूत्री अप्रभावी विकार है, के लिए वाहक हैं तो गर्भ धारण करने की क्या संभावनाएँ हैं जिसके फलस्वरूप एक प्रभावित बच्चा पैदा होगा:
- ✓
$50 \%$
- B
$25 \%$
- C
$100 \%$
- D
AnswerCorrect option: A. $50 \%$
(a) क्रॉसिग ओवर से पहले मजबूती से जुड़े हुए जीन अधिक कड़ी (linkage) अभिव्यक्त करते हैं।
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एक समष्टि की आनुवांशिक संतुलन में रहने की प्रवृत्ति किसके द्वारा भंग हो सकती है?
- A
- ✓
उत्परिवर्तनों के अभाव द्वारा
- C
यादृच्छिक संगम के अभाव द्वारा
- D
AnswerCorrect option: B. उत्परिवर्तनों के अभाव द्वारा
(b) संवाहक जनकों का जीनोटाइम है-Aa (नर जनक) $\times Aa$ (मादा जनक) 
अधिक कड़ी (linkage) अभिव्यक्त करते हैं।

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ऐसे प्रसंकरण के द्वारा कौन-सा मेन्डेलीय विचार प्रदर्शित होता है जिसमें $F_1$ पीढ़ी दोनों ही जनकों से मिलती हैं?
Answer(c) समष्टि की आनुवांशिक संतुलन में बने रहने की प्रवृत्ति पांच कारकों से बाधित हो सकती है। ये हैं-जीन स्थानांतरण या जीन प्रवाह, आनुवांशिक ड्रिफ्ट, उत्परिवर्तन, अनुवांशिक पुनर्संयोजन तथा प्राकृतिक चयन।
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यदि ' $AB$ ' रक्त समूह वाले दो व्यक्ति विवाहित होते हैं और उनके पर्याप्त विशाल संख्या में बच्चे होते हैं, इन बच्चों को ऐसे वर्गीकृत किया जा सकता हैं ' $A$ ' रक्त समूह: 'AB' रक्त समूह: 'B' रक्त समूह के $1: 2: 1$ के अनुपात में। प्रोटीन वैद्युत का संचालन (प्रोटीन इलेक्ट्रोफोरेसिस) की आधुनिक तकनीक से ज्ञात होता है कि ' $A$ ' और ' $B$ ' प्रकार के प्रोटीन दोनों ही ' $AB$ ' रक्त समूह व्यक्तियों में विद्यमान हैं। यह किसका उदाहरण है?
Answer(c) सह प्रभाविकता में, $F _1$ पीढ़ी दोनों जनकों से समानता अभिव्यक्त करती है, जैसे-रक्त समूह वंशागति।
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नीचे दिये जा रहे आरेखीय निरूपण में मानवों में पाये जाने वाले एक खास प्रकार के विशेषकों (ट्रेटों) का वंशागति प्रतिरूप गया है। बताइये कि निम्नलिखित में से कौन सी एक दशा है जो इसी प्रतिरूप का एक उदाहरण हो सकती है?

Answer(d) $ABO$ रक्त समूह, मानव में सहप्रभावी, प्रभावी, अग्रभावी तथा बहुएलिल्स का एक उदाहरण है। रक्त समूह का नियंत्रण 9 वें गुणसूत्र पर स्थिर जीन I द्वारा होता है जिसमें तीन बहुएलिल्स होते हैं जिसमें से दो ही एक व्यक्ति में पाए जाते हैं। सहप्रभाविकता में दोनों जीन स्वयं को पूर्णतः प्रकट करते हैं।
View full question & answer→MCQ 211 Mark
म्यूटेशनस (उत्परिवर्तनों) की विचारधारा को किसमें प्रस्तुत किया था?
- A
ह्यूगो व व्रीज, जिसमें सायंकालीन प्रिमरोज पर काम किया था।
- B
मेंडल, जिसमें (मटर) पर काम किया था।
- ✓
हाडी-वीनबर्ग, जिन्होने समष्टि के भीतर ऐलील बारंबारता पर कार्य किया था।
- D
चार्ल्स डार्विन, जिसने अपनी समुद्र यात्रा के दौरान जीवों की भारी विविधता देखी थी।
AnswerCorrect option: C. हाडी-वीनबर्ग, जिन्होने समष्टि के भीतर ऐलील बारंबारता पर कार्य किया था।
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परीक्षण संकरण किस लिये किया जाता है?
AnswerCorrect option: A. एक पौधे का $F _2$ पर जीन प्रारूप निर्धारित करने के लिए
(a) म्यूटेशन (उत्परिवर्तनों) की विचारधारा को ह्यूगो ड व्रीज ने प्रस्तुत किया था, जिसने सायंकालीन प्रिमरोज़ पर काम किया था।
View full question & answer→MCQ 231 Mark
उत्परिवर्तनों के सन्दर्भ में निम्नलिखित में से कौन सा एक कथन गलत है?
AnswerCorrect option: A. बेस जोड़ों के विलोपन तथा निवेशन होने से फ्रेम शिफ्ट उत्परिवर्तन होते हैं।
(a) परीक्षण संकरण में एक जीव प्रभावी लक्षण के लिये या तो होमोजायगस या हिटरोजायगस होता है। जब इस जीव को अप्रभावी जनक के साथ क्रॉंस कराया जाता है, तब हाइब्रिड (hybrid) या हिटरोजायगस के संदर्भ में $50 \%$ प्रभावी तथा $50 \%$ अप्रभावी अनुपात प्राप्त होता है। टेस्ट क्रॉस जनकों के जीन प्रारूप ज्ञात कराने में सहायक होता है।
View full question & answer→MCQ 241 Mark
एक सामान्य दृष्टि वाला पुरूष जिसका पिता रंगांध (वर्णाध) था, एक ऐसी स्त्री से विवाह करता है जिसका पिता भी रंगांध था। उनकी पहली संतान एक पुत्री हुई। इस पुत्री के रंगांध होने की क्या संभावना रही होगी?
- A
$100 \%$
- B
$0 \%$
- C
$25 \%$
- ✓
$50 \%$
AnswerCorrect option: D. $50 \%$
(d) DNA के एक क्षार जोड़ें में परिवर्तन होने से भी उत्परिवर्तन होते है जिन्हें बिन्दु उत्परिवर्तन (point mutation) कहते हैं।
View full question & answer→MCQ 251 Mark
सड़क हादसे के किसी एक रोगी को जिसका रक्त समूह मालूम नहीं है तुरंत रक्तदान की आवश्यकता है उसके एक डॉक्टर मित्र ने तुरंत अपना रक्त देने को कहा। इस रक्तदाता डॉक्टर का क्या रक्त समूह रहा होगा?
- A
रक्त समूह $B$
- ✓
रक्त समूह $AB$
- C
रक्त समूह $O$
- D
रक्त समूह $A$
AnswerCorrect option: B. रक्त समूह $AB$
View full question & answer→MCQ 261 Mark
पौधों में अथवा ड्रोसोफिला मे परीक्षार्थ प्रसंकरण में किनके बीच प्रसंकरण कराया जाता है।
AnswerCorrect option: D. प्रभावी ट्रेट (विशेषक) वाले दो जीनप्ररूपों के बीच
(d) DNA का आनुवांशिक पदार्थ होने का सुस्पष्ट प्रमाण हर्सी और चेज के द्वारा वायरस (Bacteriophage) पर किए गए अध्ययनों से सामने आया।
View full question & answer→MCQ 271 Mark
जाईगोटिक (युग्मनजी) कोशिका की वह कौन सी एक दशा होती है, जिससे मानवों में एक सामान्य मादा बच्चे का जन्म होता है?
AnswerCorrect option: C. केवल एक $X$ क्रोमोसोम
(c) रक्त समूह $O$ (Blood group O) सार्वजनिक दाता (यूनिवर्सल डॉनर) रक्त समूह है।
View full question & answer→MCQ 281 Mark
DNA का आनुवांशिक पदार्थ होने का सुष्पष्ट प्रमाण किस पर किये अध्ययनों से सामने आया
Answer(a) सामान्य मानव मादा शिशु का जन्म का निर्धारण दो $X$-गुणसूत्रों की उपस्थिति से प्रकट किया जाता है।
View full question & answer→MCQ 291 Mark
एक व्यक्ति है जिसे एक दुर्घटना में आयी चोट से बहुत ज्यादा रक्त हानि हुई है और $ABO$ रक्त समूह व्यवस्था में उसका रक्त समूह भी मालूम नहीं है। उसे तुरन्त रक्तदान की आवश्यकता है। उसके एक दोस्त ने बिना देर किये हुए तुरन्त रक्तदान करने के लिए अपने को प्रस्तुत किया, और इस दोस्त के पास स्वयं अपने रक्त समूह का एक प्रामणिक सर्टिफिकेट है। बताइए इस दाता मित्र का रक्त समूह कौन सा रहा होगा?
- A
टाइप $B$
- B
टाइप $AB$
- ✓
टाइप $O$
- D
टाइप $A$
AnswerCorrect option: C. टाइप $O$
(c) परीक्षण संकरण (Test cross) में प्रभावी लक्षण दिखाने वाले जीव $\left( F _1\right.$ संकर $)$ के जीनप्ररूप को अप्रभावी होमोजायगज जीनप्ररूप वाले जनक के साथ क्रास करने पर प्राप्त किया जाता है।
View full question & answer→MCQ 301 Mark
उत्परिवर्तन किसके द्वारा प्रेरित किये जा सकते है?
Answer(c) रूधिर समूह टाइप $O$ को विश्वव्यापी ढाता रूधिर समूह माना जाता है। किसी भी रूधिर समूह के मरीज के रूधिर में यह सम्भावी रूप से ट्रान्सफ्यूज किया जा सकता है।
View full question & answer→MCQ 311 Mark
जब कभी दो असम्बन्धित व्यष्टियों अथवा वंशक्रमों के बीच संकरण कराया जाता है, तब $F_1$ संकर का कार्य उसके दोनों जनकों से श्रेष्ठतर होता है। इस परिघटना को क्या कहते हैं?
Answer(d) उत्परिवर्तन (Mutation) को गामा विकिरणों द्वारा प्रेरित किया जा सकता है।
View full question & answer→MCQ 321 Mark
पौधों तथा बीजों का वह संग्रह जिसमें एक फसल के सभी जीन्स के विविध एलील (विकल्पी) पाये जाते है, क्या कहलाता है?
Answer(a) जब दो असमान जीवों या असमान वंश के जीवों का संकरण कराने पर हेटरोसिस या हाइब्रिड विगर प्राप्त होते हैं। $F_1$ पीढ़ी के संकर की क्षमता प्रायः अपने जनक की तुलना में अधिक श्रेष्ठतर होता है।
View full question & answer→MCQ 331 Mark
निम्नलिखित में से वह कौन सी एक दशा है जिसमें दिये जा रहे उदाहरण के संदर्भ में लिंग निर्धारण की सही विधि बतायी गयी है।
- A
समयुग्मी लिंग गुणसूत्रों ( $ZZ )$ से पक्षियों में मादा सेक्स का निर्धारण होता है।
- B
$XO$ प्रकार के लिंग गुणसूत्रों से टिड्डे में नर सेक्स बनती है।
- ✓
मानवों में $XO$ दशा से जैसी कि टर्नर सिंड्रोम में पायी जाती है मादा सेक्स का निर्धारण होता है।
- D
समयुग्मी लिंग गुणसूत्रों $( XX )$ से ड्रोसोफिला में नर बनता है।
AnswerCorrect option: C. मानवों में $XO$ दशा से जैसी कि टर्नर सिंड्रोम में पायी जाती है मादा सेक्स का निर्धारण होता है।
(c) जीन लाइब्रेरी, में विभिन्न स्त्रोतों से प्राप्त सभी DNA उपस्थित होते है। इसलिए किसी फसल (क्राप) के जीन्स के अलील के जीन क्लोन्स के संग्रह को जीन लाइब्रेरी कहते हैं।
View full question & answer→MCQ 341 Mark
निम्नलिखित में से वह कौन सी एक दशा है जिसमें दिये जा रहे उदाहरण के संदर्भ में लिंग निर्धारण की सही विधि बतायी गयी है।

- A
नर जनक समयुग्मकी प्रभावी है
- ✓
- C
इन माता पिता के इस लक्षण के लिए सामान्य पुत्री पैदा नहीं हो सकती ।
- D
अध्ययन किया जा रहा विशेषक वर्णांधता नहीं हो सकती।
Answer(b) नरटिड्डा (grass-hopper) में एक $Y$-लिंग गुणसुत्र अनुपस्थित होता है और सिर्फ $X$-गुणसूत्र उपस्थित होता है। वैसे वे शुक्राणु कोशिकॉए उत्पन्न होते हैं, जिसमें या तो $X$-गुणसूत्र उपस्थित होता है अथवा लिंग-गुणसूत्र अनुपस्थित होता है, जिसको $O$ से अभिकल्पित किया जाता है।
View full question & answer→MCQ 351 Mark
मॉर्गन और उसके सहकर्मियों द्वारा रखे गये वंशागति के गुणसूत्र सिद्धांत के प्रायोगिक सत्यापन के लिए फल-मक्खी ड्रोसोफिला मेलैनोगैस्टर को बहुत उपयुक्त पाया गया। ऐसा इसलिए क्योंकि-
- ✓
इसका जीवन-चक्र लगभग दो सप्ताह में पूरा हो जाता है।
- B
यह अनिषेकजनन विधि से जनन करती है
- C
एकल मैथुन से दो बच्ची-मक्खियां पैदा होती हैं।
- D
छोटे आकार की मादाऐं बड़े नरों से आसानी से पृथक पहचानी जा सकती हैं
AnswerCorrect option: A. इसका जीवन-चक्र लगभग दो सप्ताह में पूरा हो जाता है।
(a) ड्रोसोफिला का जीवन-चक्र बहुत छोटा होता है। वे अपने जीवन चक्र को लगभग दो सप्ताहों में पूर्ण कर लेते हैं। साथ ही इसे प्रयोगशाला में कृत्रिम माध्यम में आसानी से उगाया जा सकता है तथा साधारण मैथुन से बहुत सारे संतति प्राप्त किए जा सकते हैं। इसलिए मॉर्गन और उसके सहयोगियों द्वारा वंशगति के सिद्धांत के प्रायोगिक सत्यापन के लिए ड्रोसोफिला का चयन किया गया।
View full question & answer→MCQ 361 Mark
नीचे दिये जा रहे एक विशिष्ट परिवार के वंशावली चार्ट का अध्ययन कीजिए और उस पर लागू होने वाली सही निष्कर्ष को चुनिए।
- A
नर जनक समयुग्मकी प्रभावी है
- ✓
- C
इन माता पिता के इस लक्षण के लिए सामान्य पुत्री पैदा नहीं हो सकती ।
- D
अध्ययन किया जा रहा विशेषक वण्णांधता नहीं हो सकती।
Answer(b) दिए गए वंशावली चार्ट से यह निष्कर्ष निकाला जा सकता है कि मादा जनक विषमयुग्मी है।
View full question & answer→MCQ 371 Mark
ऐन्टिराइनम के दो पौधों, (दोनों गुलाबी फूलों वालों) के बीच संक्रमण कराया गया। $F_1$ पौधों में लाल, गुलाबी तथा सफेद् पुष्प 1 लाल, 2 गुलाबी तथा 1 सफेद पुष्प के अनुपात में बनते पाये गए। संकरण में उपयोग में लाये गए दो पौधों का जीनप्ररूप क्या रहा होगा? पुष्प के लाल रंग का निर्धारण $RR$ जीन तथा सफेद रंग का निर्धारण $rr$ जीन करते हैं।
Answer(d) संकरण में उपयोग में लाये गए दो पादपों का जीन प्ररुप होगा-

दिया गया संकरण अपूर्ण प्रभाविता का उदाहरण है।
View full question & answer→MCQ 381 Mark
मानव वंशावली विश्लेषण में निम्नलिखित में से कौन सा एक प्रतीक एवं जिस सूचना को वह प्रदर्शित करता है, सही मिलाया गया है?
Answer(a) मानव वंशावली विश्लेषण किसी मानव परिवार के कई पीढ़ियों में पाये जाने वाले लक्षणों का रिकार्ड होता है। इसमें पुरूष सदस्यों को वर्ग तथा स्त्रियों को वृत के द्वारा दर्शाया जाता है। संतति को उनके जन्म के अनुसार एक क्षैतिज रेखा द्वारा दर्शाया जाता है। यह किसी व्यक्ति के लक्षण के जांच के लिए उसके जीनोटाइप के बारे में जानकारी उपलब्ध कराने में सहायता प्रदान करता है।
View full question & answer→MCQ 391 Mark
नीचे दिये जा रहे कथनों में से द्विसंकर प्रसंकरण से संबंधित सही कथन कौन सा है?
- A
एक ही गुणसूत्र पर स्थित कसकर सहलग्न जीनों में अपेक्षाकृत अधिक पुनर्योजन होते देखे जाते हैं।
- B
एक ही गुणसूत्र पर दूर-दूर स्थित जीनों के पुनर्योजन बहुत कम होते देखे जाते हैं।
- C
एक ही गुणसूत्र पर बने शिथिल सहलग्न जीनों में वैसे ही पुनर्योजन होते देखे जाते हैं जैसे कि सशक्त सहलग्न जीनों में।
- ✓
एक ही गुणसूत्र पर स्थित कसकर सहलग्न जीनों में बहुत ही कम पुनर्योजन होते देखे जाते हैं।
AnswerCorrect option: D. एक ही गुणसूत्र पर स्थित कसकर सहलग्न जीनों में बहुत ही कम पुनर्योजन होते देखे जाते हैं।
(d) सहलग्नता ( लिंकेज) में एक क्रोमोसोम पर उपस्थित जीनों की वंशानुगती एक साथ होती है जिससे वे अगले पीढी में अपने माता-पिता के गुणों को कायम रखते हैं। दो जीनों के मध्य सहलग्नता की मजबूती इन दो जीनों के बीच दूरी की अनुक्रमानुपाती होती है। इसका अर्थ है कि दो लिंक्ड जीन जिनके मध्य दूरी अधिक होगी वहां पुन: संयोजन की दर अधिक दर्शायेंगे तथा कम दूरी के लिए कम दर होगा।
View full question & answer→MCQ 401 Mark
एक ऐसे पौधे का जीनप्ररूप जिसमें प्रभावी लक्षणप्ररूप दिखायी दे रहा हो, किसके द्वारा निर्धारित किया जा सकता है?
Answer(a) परीक्षार्थ प्रसंकरण ऐसा प्रसंकरण है जिसमें एक जीव को एक अप्रभावी लक्षणपपररूप वाले दूसरे जीव के साथ प्रसंकरण कराया जाता है। इस विधि के द्वारा ऐसे पौधे का जीनप्ररूप जिसमें प्रभावी लक्षणप्ररूप दिखायी दे रहा हो, निर्धारित किया जा सकता है। इससे यह भी पता किया जा सकता है कि किसी जीव के द्वारा प्रदर्शित प्रभावी लक्षण समयुग्मजी है या विषमयुग्मजी।
View full question & answer→MCQ 411 Mark
निम्नलिखित में से वह कौन सा एक है जिसे मेंडल के प्रभावित के नियम के आधार पर स्पष्ट नहीं किया जा सकता ?
AnswerCorrect option: C. विकल्पियों में कोई संमिश्रण होते नहीं देखा जाता तथा $F _2$ पीढ़ी में पाये जाते हैं।
(c) मेंडल के प्रभाविता के नियम के अनुसार दो विपरीत लक्षणों वाले युग्मविकल्पी में से केवल एक ही लक्षण अपने आपको एक जीव में अभिव्यक्त करता है। जो कारक अपने को अभिव्यक्त करता है प्रभावी लक्षण कहलाता है जबकि दूसरा कारक जो विषमयुग्मजी जीव में अपने को अभिव्यक्त नहीं करता है उसे अप्रभावी लक्षण कहते हैं। इस प्रकार प्रश्न में दिये गये विकल्प (c) की व्याख्या प्रभाविता के नियम के आधार पर नही की जा सकती है। मेंडल के स्वतंत्र अपव्यूहन के नियम के अनुसार द्विसंकर क्रासों में लक्षणों के दो जोड़े लिए जाते हैं तो किसी एक जोड़े का लक्षण-विसंयोजन दूसरे जोड़े से स्वतंत्र होता है तथा वे युग्मक बनाने के समय पृथक होते हैं।
View full question & answer→MCQ 421 Mark
बिंदु उत्परिवर्तन में क्या अंतर्निहित होता है :
- ✓
एकल बेस जोड़े में परिवर्तन होना
- B
लोपन (बाहर निकाल दिया जाना)
- C
निवेश (भीतर डाल दिया जाना)
- D
AnswerCorrect option: A. एकल बेस जोड़े में परिवर्तन होना
(a) बिंदु उत्परिवर्तन जीन क्रम के एकल बेस जोड़े में परिवर्तन होना होता है। यह किसी वाक्य में एक अक्षर परिवर्तित करने के बराबर होता है जैसे- यह एक बिल्ली है। बिंदु उत्परिवर्तन के बाद- यह एक गिल्ली है। यहां 'ब' की जगह पर 'ग' आया है।
View full question & answer→MCQ 431 Mark
निम्नलिखित में से कौनसा एक कथन असत्य है :
- A
सहलग्नता का पाया जाना वंशागति के स्वतंत्र अपव्यूहन के सिद्धांत में एक अपवाद है
- B
गैलेक्टोसीमिया उपापचय की एक जन्म जात त्रुटि है ।
- ✓
गंजापन एक लिंग-सीमित ट्रेट (विशेषक) है ।
- D
छोटे आकार की समष्टि होने पर समष्टि में यादृच्छिक आनुर्वंशिक विचलन होता है
AnswerCorrect option: C. गंजापन एक लिंग-सीमित ट्रेट (विशेषक) है ।
(c) गंजापन एक लिंग प्रभावित लक्षण है। एलीलों की प्रभाविता दोनों लिंगों के हेटरोजाइस्योट्स में। भिन्न होती है।
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दात्री कोशिका अरक्तता के विषय में क्या सही है :
AnswerCorrect option: B. यह DNA के एक एकल बेस जोड़े में परिवर्तन आने से होता है
(b) हंसियाकार-रूधिराणु ऐनीमिया डी.एन.ए. के एकल क्षार जोड़े में परिवर्तन के कारण होता है। हंसियाकार-रुधिराणु ऐनीमिया एक खास प्रकार की हंसियाकार कोशिका बीमारी है जो कि समयुग्मजी स्थिति में $HbS$ उत्पन्न करने वाले उत्परिवर्तन के कारण होती है। हंसियाकार - रुधिराणु ऐनीमिया (ड्रीपेनोसाइटोसिस) एक जीवनपर्यंत चलने वाला रक्त विकार है जिसमें लाल रक्त कणिकाएं असामान्य कड़ी तथा हंसियाकार हो जाती हैं। हंसियाकार होने के कारण कणिकाओं का लचीलापन कम हो जाता है जिसके कारण अनेक विसंगतियां आ जाती हैं।
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ऐडीनोसीन डीऐमिनेज (ADA) अभाव वाला आनुवांशिक दोष किसके द्वारा स्थायी तौर पर उपचारित किया जा सकता है :
- A
एंज़ाइम प्रतिस्थापन चिकित्सा
- ✓
$ADA$ उत्पादन करने वाली अस्थि-मज्जा कोशिकाओं को आंरभिक भ्रूण अवस्थाओं पर बनी रही कोशिकाओं के भीतर प्रवेश करा कर ।
- C
कार्यशील $ADA cDNA$ से युक्त आनुवांशिकत: इंजीनियरित लिम्फोसाइटों ( लसीकाणुओं) को समय समय पर अंतः प्रवेशित करा कर
- D
ऐडीनोसीन डीऐमीनेज सक्रियको का सेवन करा कर ।
AnswerCorrect option: B. $ADA$ उत्पादन करने वाली अस्थि-मज्जा कोशिकाओं को आंरभिक भ्रूण अवस्थाओं पर बनी रही कोशिकाओं के भीतर प्रवेश करा कर ।
(b) कोशिकाओं में शुरुआती भ्रूणीय अवस्था में एडिनोसीन डीअमाइनेज (ADA) का उत्पादन करने वाले अस्थिमज्जा कोशिकाओं के प्रवेश कराने से एडिनोसीन डीअमाइनेज (ADA) न्यूनता नामक अनुवांशिक त्रुटि स्थायी रूप से ठीक हो जाती है। यह उत्परिवर्तन के कारण होती है।
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नीचे दिये जा रहे वंशावली चार्ट का अध्ययन कीजिए :

यह चार्ट क्या दर्शाता है :
- ✓
एक अलिंगसूत्री अप्रभावी विशेषक (ट्रेट) के रूप में फ़ीनाइलकीटोन्यूरिया जैसी दशा की वंशागति
- B
एक अप्रभावी लिंग-सहलग्न रोग की वंशागति जैसे कि हीमोफिलिया की
- C
एक लिंग-सहलग्न जन्मजात उपापचय दोष की वंशागति जैसे कि फ़ीनाइलकीटोन्यूरिया। की०WS
- D
यह वंशावली चार्ट गलंत है, क्योंकि ऐसा हो ही नहीं सकता
AnswerCorrect option: A. एक अलिंगसूत्री अप्रभावी विशेषक (ट्रेट) के रूप में फ़ीनाइलकीटोन्यूरिया जैसी दशा की वंशागति
(a) दी गई सारणी फिनाइल कीटोन्यूरिया की वंशागति दर्शाता है जो कि एक अलिंग गुणसूत्रीय अप्रभावी लक्षण है। चूंकि दो बच्चे इस बीमारी से ग्रसित हैं अतः माता -पिता विषमयुग्मी ही होंगे। ये अग्रभावी लैंगिक अनुवांशिकता नहीं है क्योंकि ऐसी स्थिति में पिता बीमारी से ग्रसित होता।
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निम्नलिखित में से किस एक जोड़े में मानवों में पा जानेवाली एक दशा को उसे सही कारण, गुणस अपसामान्यता/सहलग्नता से सही मिलाया गया है?
AnswerCorrect option: A. क्लाइनेफेल्टर सिंड्रोम $-44$ अलिंगसूत्र $+ XXY$
(a) क्लाइनेफेल्टर्स सिन्ड्रोम पुरुषों को प्रभावित करने वाला एक आनुवांशिक रोग है जिसमें व्यक्ति को एक अतिरिक्त $X$ गुणसूत्र प्राप्त होता है जिसके कारण सामान्य केरियोटाइप $XY$ के बजाए $XXY$ हो जाता है। क्लाइनेफेल्टर्स सिन्ड्रोम के लक्षणों का नाम चिकित्सक एच.एफ क्लाइनेफेल्टर के नाम पर रखा गया है। इसमें नारी लक्षणों(जैसे वक्षों का बढ़ना) का विकास होता है।
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एक नर मानव में दो द्विविकल्पी लक्षणों से सम्बन्धित, $AB , Ab$,तथा $ab$ जीनप्रारूपों वाले शुक्राणु समान अनुपातमें बनते हैं। बताइए इस व्यक्ति का इन लक्षणों से सम्बन्धित लक्षणप्रारूप क्या हैं?
- ✓
$AaBb$
- B
$AaBB$
- C
$AABb$
- D
$A A B B$
AnswerCorrect option: A. $AaBb$
(a) 
अतः संगत जीनोटाइप $AaBb$ होगा। View full question & answer→MCQ 491 Mark
मानवों में त्वचा के रंग की वंशागति किसकी एक उदाहरण है?
Answer(d) मानवों में त्वचारंग की वंशागति तीन जीन्स $A , B$ एबं $C$ के द्वारा नियंत्रित होती है। यह बहुजीनी वंशागति का उदाहरण है।
View full question & answer→MCQ 501 Mark
षट्गुणित गेहूँ में गुणसूत्रों की अगुनित $( n )$ तथा मूलभूत (x) संख्याएँ क्या हैं?
- A
$n =7$ तथा $x =21$
- B
$n =21$ तथा $x =21$
- C
$n =21$ तथा $x =14$
- ✓
$n =21$ तथा $x =7$
AnswerCorrect option: D. $n =21$ तथा $x =7$
(d) गेहूँ की मूलभूत सँख्या 7 है अत: $6 x =2 x =42$ एवं $n =21$
View full question & answer→MCQ 511 Mark
DNAकी द पॉलिन्यूक्लिओंटाइड श्रृंखलाएँ कैसी होती हैं?
Answer(c) दोनों श्रृंखलाएं प्रतिसमान्तर होती है एक $5^{\prime} \rightarrow 3^{\prime}$ दिशा में एवं दूसरी दिशा में $3^{\prime} \rightarrow 5^{\prime}$ दिशा में रेखित होती है।
View full question & answer→MCQ 521 Mark
मटर के पौधों में पीले बीज हरे बीजों पर प्रभावी होते हैं। यदि एक विषमयुग्मजी पीले बीज वाले पौधे का एक हरे बीज वाले पौधे के साथ प्रसंकरण किया जाए तो बताइए कि $F _1$ पीढ़ी में पीले और हरे बीज वाले पौधों का क्या अनुपात होगा?
- ✓
$50: 50$
- B
$9: 1$
- C
$1: 3$
- D
$3: 1$
AnswerCorrect option: A. $50: 50$
(a) माना
$GG \rightarrow$ समयुग्मजी पीले बीजों वाला पौधा ।
$gg \rightarrow$ विषमयुग्मजी हरा
प्रश्नानुसार,

View full question & answer→MCQ 531 Mark
किसी संकर का जीनप्रारूप पता लगाने के लिए किसके द्वारा सामान्य परीक्षण किया जाता है?
- A
एक $F _2$ संतान का नर जनक के साथ प्रसंकरण करके
- B
एक $F _2$ संतान का मादा जनक के साथ प्रसंकरण करके
- C
$F _1$ संतानों के लैंगिक व्यवहार का अध्ययन करके
- ✓
एक $F_1$ संतान का नर जनक के साथ प्रसंकरण करके
AnswerCorrect option: D. एक $F_1$ संतान का नर जनक के साथ प्रसंकरण करके
(d) एक $F _1$ संतति का नर जनक से प्रसंकरण उदाहरण, संकर का जीनरूप जानने हेतु टेस्ट क्रॉस किया जाता है। 
View full question & answer→MCQ 541 Mark
हंसियाकर कोशा अरक्तता नामक बीमारी के अफ्रीकी आबादी से उन्मूलन न होने का कारण है।
- A
यह एक घातक बीमारी नहीं है।
- ✓
यह मलेरिया के प्रति प्रतिरक्षा उपलब्ध करता है।
- C
यह प्रभावी जीनों द्वारा नियन्त्रित की जाती है।
- D
यह अप्रभावी जीनों द्वारा नियन्त्रित की जाती है।
AnswerCorrect option: B. यह मलेरिया के प्रति प्रतिरक्षा उपलब्ध करता है।
(b) हंसियाकार कोशा रक्ताल्पता में $RBC$ हंसियाकार हो जाती है जिसके कारण ये मलेरिया परजीवी प्लाज्मोडियम की वृद्धि मे सहातार्थ नहीं होतीं। इस कारण यह मलेरिया रोग के प्रति प्रतिरोधकता उपलब्ध कराती हैं।
View full question & answer→MCQ 551 Mark
हंसियाकर कोशा अरक्तता तथा हन्टिगटन कोरिया दोनों है-
Answer(c) हंसियाकार रक्ताल्पता एक जैव रासायनिक व्याधि है जिसमें दोषपूर्ण हीमोग्लोबीन के कारण $RBC$, हंसियाकार आकारित हो जाती है। हीमोग्लोबीन के $O _2$ परिवहन हेतु अयोग्य हो जाता है। हंटिगटन कोरिया एक बीमारी है जिसमे मस्तिष्कीय शिथिलता के करण श्वसनीय असामान्यता, बोलने में परेशानी व चलने में मुश्किल होती है। ये दोनों अनुवांशिक बीमारी होती हैं, जो किसी भी व्यक्ति में जन्म से ही होती हैं इसलिए इन्हें कोजीनाइटल रोग कहते हैं।
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मनुष्यों में क्रि-डु-चैट सिन्ड्रोम का कारण है?
AnswerCorrect option: A. गुणसूत्र - 5 की छोटी भुजा के आधे भाग का गायब (विलुप्त) होना
(a) मनुष्यों में क्रि-डु-चैट नामक व्याधि, गुणसूत्र संख्या 5 की छोटी भुजा के आंशिक विलोपन के कारण होता है इसमे शिशु के चेहरे की अभिव्यक्तियों में असामान्यता होती है, वे मन्द बुद्धि होते हैं। बिल्ली की तरह बोलते व चिल्लाते हैं। इनका ह्रदय सही प्रकार से कार्य नहीं करता है।
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निम्न में से कौन एक बहुजीवी वंशागति का उदाहरण है-
- A
नर मधुमक्खियों का उत्पादन
- B
बाग की मटर की फली का आकार
- ✓
- D
मिराबिलिस जलापा में फूलों का रंग
Answer(c) बहुजीवी वंशागति का उदाहरण मानव की त्वचा का रंग है।
View full question & answer→MCQ 581 Mark
यदि एक वर्णांध महिला, किसी सामान्य दृष्टि के पुरुष से विवाह करे तो उनके पुत्र होंगे-
- A
आधे वर्णांध व आधे सामान्य
- B
तीन चौथाई वर्णांध व एक चौथाई सामान्य
- ✓
- D
Answer(c) वर्णान्धता $X$-गुणसूत्र सहलग्न गुण है, इसलिए उनके सभी पुत्र वर्णान्ध व पुत्रियां वाहक होंगी। वाहकपुत्री वर्णाधपुत्र वाहकपुत्री वर्णाधपुत्र 
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एक $AABbCC$ जीन रूप वाले पौधे से कितने विभिन्न प्रकार के युग्मक उत्पन्न किये जायेंगे-
Answer(c) यह केवल दो प्रकार के युग्मक उत्पन्न करेगा जो $ABC$ व $AbC$ होंगे।
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किसी जीव का दर्शरूप (फीनोटाइप) निम्न के कारण होता है-
- A
कोशिकाद्रव्यी प्रभावों व पोषण के कारण
- B
वातावरणीय प्रभावों व लैंगिक द्विमोरफिज्म के कारण
- ✓
जीनरूप व वातावरणीय अंतक्रिया के कारण
- D
उत्परिवर्तनों व सहलग्नों के कारण
AnswerCorrect option: C. जीनरूप व वातावरणीय अंतक्रिया के कारण
(c) दर्शरूप किसी जीव का बाह्य रूप होता है जबकि जीनरूप पूर्वजों से प्राप्त जीन पूरक होता है। इन जीनों का प्रभाव केवल दर्शरूप में दिखायी देता है परन्तु वातावरण भी अपना प्रभाव डालता है। अतः दर्शरूप जीनरूप व वातावरणीय अंतः क्रिया का परिणाम होता है।
View full question & answer→MCQ 611 Mark
AnswerCorrect option: B. $F _1$ संकर का द्विअप्रभावी जीनरूप से संकरण
(b) $F _1$ संकर का इसके अप्रभावी समयुग्मनजी पितृ से संकरण टेस्ट क्रॉस कहलाता है। इसका उपयोग दिये हुए पौधे के जीनरूप को ज्ञात करने के लिए किया जाता है। यदि दिये हुए पौधे में समयुग्मनजी प्रभावी विशेषक हो, तो टेस्ट क्रॉस में यह सभी प्रभावी विशेषक देता है, परन्तु यह विषमयुग्मनजी प्रभावी हो तो यह प्रभावी व अप्रभावी दर्शरूप $1: 1$ में होता है।
View full question & answer→MCQ 621 Mark
मेण्डल के मटर के प्रयोग में, यदि बीज का गोल आकार (RR) झुर्रीदार (rr) पर तथा पीला बीज पत्र (YY) हरे बीजपत्र (yy) पर प्रभावी हो तो RRYYXrryy संकरण से $F _2$ पीढ़ी में संभावित दर्शरूप होंगे-
- A
केवल झुर्रीदार बीज, पीले बीज पत्रों के साथ
- B
केवल झुर्रीदार बीज, हरे बीज पत्रों के साथ
- ✓
गोलबीज पीले बीज पत्रों के साथ, झुर्रीदार बीज हरे बीज पत्रों के साथ
- D
केवल हरे बीज, हरे बीज पत्रों के साथ
AnswerCorrect option: C. गोलबीज पीले बीज पत्रों के साथ, झुर्रीदार बीज हरे बीज पत्रों के साथ
(c) 
अत: गोल बीज व पीले बीज पत्रों : गोल बीज हरे बीजपत्र : झुर्रीदार बीज पीले बीजपत्र : झुर्रीदार बीज हरे बीजपत्र का अनुपात होगा $9: 3: 3: 1$ अत: $F _2$ पीढ़ी में हरा बीज गुण पीले बीजपत्र गुण साथ होता है तथा झुर्रीदार बीज गुण तथा पीला बीजपत्र गुण साथ होते हैं। View full question & answer→MCQ 631 Mark
एक महिला में 47 गुणसूत्र का होना जिसमें गुणसूत्र 21 की तीन कांपियां होती हैं
Answer(d) अतिमादाकरण (अतिमादापन) $= XXX$ (2 से अधिक $X$ गुणसूत्र)
View full question & answer→MCQ 641 Mark
मानव नरों में मानव मादाओं की अपेक्षा हीमोफीलिया अधिक पाया जाता है क्योंकि-
AnswerCorrect option: C. यह रोग $X$-सहलग्न अप्रभावी उत्परिवर्तन के कारण होता है।
(c) नर इस व्याधि से पीड़ित होते हैं। चूंकि उनमें केवल एक $x$ गुणसूत्र होता है। अतः इस पर स्थित विशेषक को वे अभिव्यक्त करते हैं।
View full question & answer→MCQ 651 Mark
निम्न में से कौन एक अनुवांशिक बीमारी नहीं है-
Answer(d) सिस्टिकफाइब्रोसिस काकेशियन प्रजाति की सामान्य बीमारी है जिसमें मोटी व अधिक लवणीय श्लेष्मा श्वसनीय पथ को बाधित कर देती है। समयुग्मनजी अप्रभावी अवस्था द्वारा उत्पन्न दोषपूर्ण प्रोटीन क्लोराइड परिवहन मार्ग का नियमन करती है।
क्रिटिनिज्म: इस व्याधि में शिशु की शारीरिक, मानसिक व लैंगिक वृद्धि मंद हो जाती है। ऐसा बौना व बन्ध य शिशु क्रेटिन कहलाता है। यह थाइराइड हार्मोन के अल्प स्रावण के कारण होता है।
थैलासीमिया: हीमोग्लोबीन की $\alpha, \beta$ - श्रृंखला के दोषपूर्ण उत्पादन के कारण दैहिक अप्रभावी रहते हैं अन्य दो प्रकार हैं-दीर्घ समयुग्मजी, अल्प विषय युग्मजी व $\beta$ हीमोफीलिया: यह एक लिंग सहलग्न व्याधि है जो कि दोषपूर्ण अप्रभावी (सुप्त) जीन के कारण होती है।
View full question & answer→MCQ 661 Mark
एक सामान्य दृष्टि महिला, जिसके पिता वर्णांध थे, एक वर्णांध पुरुष से विवाह करती है, यदि उनका चौथा बच्चा एक लड़का हो, तो यह लड़का-
- ✓
वर्णांध या सामान्य दुष्टि का हो सकता है।
- B
- C
सामान्य दृष्टि वाला होगा।
- D
आंशिक रूप से वर्णांध होगा क्योकि वह वर्णांध उत्परिवर्तित एलील के लिए विषमयुग्मजी हो।
AnswerCorrect option: A. वर्णांध या सामान्य दुष्टि का हो सकता है।
(a) चूंकि महिला के पिता वर्णान्ध थे अतः वह वर्णान्धता के जीन की वाहक होगी। जब वह वर्णान्ध पुरूष से विवाह करेगी तो सन्ततियां होंगी जनक $X ^{ c } X \times X ^c Y$ वाहक महिला वणान्ध पुरूष सन्ततियां $X ^c X \quad XX \quad X ^c Y \quad XY$ वर्णान्ध पुत्र सामान्य पुत्र
View full question & answer→MCQ 671 Mark
G-6-P डीहाइड्रोजीनेस की कमी निम्न में से किसके हीमोलाइसिस के कारण होती है?
Answer(d) ग्लूकोज -6-P डीहाइड्रोजीनेस पेन्टोज फास्फेट पाथवे में ग्लूकोज के ऑक्सीकरण का पहला एन्जाइम है। आर. बी.सी. का हीमोग्लोबीन ऑक्सीजन से संयोग कर ऑक्सीहीमोग्लोबीन बनाता है जो कि भोजन के ऑक्सीकरण के लिए ऑक्सीजन देता है। हीमोलीसिस में आर.बी.सी. का विघटन होता है जिसके कारण हीमोग्लाबीन प्लाज्मा में चला जाता है और पीलिया हो जाता है। अतः आर.बी.सी. भोजन के ऑक्सीकरण के लिए ऑक्सीजन नहीं दे पाता है अतः ग्लूकोज $-6$ - फास्फेट डीहाइड्रोजीनेज की कमी हो जाती है।
View full question & answer→MCQ 681 Mark
डिप्टेरन लारवा में, लसिका ग्रन्थि के गुणसूत्र, जीन मैपिंग में सहायक होते हैं क्योंकि-
- A
- B
वे आकार में लम्बे होते हैं।
- C
उन्हें आसानी से रंगा जा सकता है
- ✓
उनमें एन्डोरीडुप्लीकेट गुणसत्र होते हैं।
AnswerCorrect option: D. उनमें एन्डोरीडुप्लीकेट गुणसत्र होते हैं।
(d) पॉलीटीन गुणसूत्रों को सर्वप्रथम ई.जी. बालबियानी द्वारा 1881 में खोजा गया। ये मुख्यत: कीटों की लसीका ग्रन्थियों में पाये जाते हैं अतः इन्हें मुख्यतः लसीका गुणसूत्र कहते हैं। पॉलीटीन गुणसूत्र कीटों की एन्टीपोडल कोशाओं ( भ्रूण कोष), एन्डोस्पर्म कोशाओं तथा भूरण की सस्पेन्सर कोशा में पाये जाते हैं। गुणसूत्रों की लम्बाई $200 \mu m$ तक हो सकती है तथा सामान्य दैहिक गुणसूत्रों की अपेक्षा 1000 से 16000 गुना अधिक DNA रखते हैं। वृहत गुणसूत्रों के निर्माण का कारण समजात गुणसूत्रों के बीच जोड़ा बनने से, तथा उनके क्रोमेटिड्स के अनुलिपिकरण (एन्डोमाइटोसिस) से होता है।
View full question & answer→MCQ 691 Mark
किसी विशेष लोकस पर 'A' एलील की बारम्बारता $0.6$ है जबकि ' $a$ ' की $0.4$ है। यदि साम्यावस्था में संयुग्मन अनियमित ढंग से कराया जाए तो विषम युग्मनजों की बारम्बारता होगी-
- A
$0.36$
- B
$0.16$
- C
$0.24$
- ✓
$0.48$
AnswerCorrect option: D. $0.48$
(d) एलील बारम्बारता को ज्ञात करने का गणितीय सूत्र $p + q =1$ है, जहां $p$ प्रभावी एलील $q$ अप्रभावी एलील की बारम्बारता का प्रतिनिधित्व करता है। जीनरूप बारम्बारता को ज्ञात करने के लिए, हार्डी-वीनबर्ग का नियम $= p ^2+2 pq + q ^2=1$ होता है।
जहां $p ^2=$ समयुग्मनजी प्रभावी
$2 pq =$ असमयुग्मनजी प्रभावी
$q ^2=$ समयुग्मनजी अप्रभावी
असमयुग्मनजी जीवों की बारम्बारता है $ =2 \times 0.6 \times 0.4=0.48$
View full question & answer→MCQ 701 Mark
$AaBb$ जीन रूप वाले मटर के पौधे से विभिन्न प्रकार के युग्मक प्राप्त करने के लिए, इसका संकरण निम्न में से किस प्रकार के जीन रूप से करना चाहिए?
- A
$AABB$
- B
$AaBb$
- ✓
$aabb$
- D
$aaBB$
AnswerCorrect option: C. $aabb$
(c) युग्मनक या एक जीव के जीनरूप की पहचान के लिए वैज्ञानिक टेस्टक्रॉस करते हैं। टेस्ट क्रॉस में, दिये हुए जीव का संकरण समयुग्मनजी अप्रभावी पितृ से कराया जाता है। अतः उत्तर aabb होगा।

View full question & answer→MCQ 711 Mark
एक सामान्य महिला, जिसके पिता वर्णांध थे, एक सामान्य पुरुष से विवाह करती है। उसके पुत्र होंगे-
- A
$75 \%$ वर्णांध
- ✓
$50 \%$ वर्णांध
- C
- D
AnswerCorrect option: B. $50 \%$ वर्णांध
(b) सामान्य महिला जिसके पिता वर्णान्ध थे एक वाहक होगी महिला $\left( X ^c X \right) X$ सामान्य पुरूष $( X$ Y)
View full question & answer→MCQ 721 Mark
एक नर मानव कायिक जीनों $A$ व $B$ के लिए विषम युग्मजी व हीमोफीलिक जीन $h$ के लिए अर्धयुग्मजी है। उसके शुक्राणुओं का कितना हिस्सा abh होगा?
- ✓
$1 / 8$
- B
$1 / 32$
- C
$1 / 16$
- D
$1 / 4$
AnswerCorrect option: A. $1 / 8$
(a) $a$ के प्राप्त होने की सम्भवना $=\frac{1}{2}$ $b$ के प्राप्त होने की सम्भवना $=\frac{1}{2}$ $h$ के प्राप्त होने की सम्भवना $=\frac{1}{2}$ शुक्राणुओं के $abh$ के साथ होने की सम्भावना $=\frac{1}{2} \times \frac{1}{2} \times \frac{1}{2}=\frac{1}{8}$
View full question & answer→MCQ 731 Mark
मनुष्यों में, $X -$ गुणसूत्र पर उपस्थित अप्रभावी जीन सदैव होते हैं-
Answer(c) नरों में केवल एक $X$-गुणसूत्र होता है अतः कोई भी जीन जो अकेले $X$-गुणसूत्र पर स्थित होता है नरों में स्वयं को अभिव्यक्त करता है। उत्परिवर्तक एलील के स्वंय को दर्शरूप में अभिव्यक्त करने के लिए दोनों $X -$ गुणसूत्रों पर उपस्थित होना चाहिए। यदि एलील की एक ही प्रतिलिपि स्थित हो तो केवल मादा वाहक हो जाती है तथा जीन बाह्य रूप से प्रदर्शित नहीं होता। उप घातक अवस्था में नरों में कभी उत्पन्न नहीं होती।
View full question & answer→MCQ 741 Mark
फलमक्खी तथा ड्रोसोफिला के दो जीनों $A$ तथा $B$ में स्वतंत्र अपव्यूहन की कमी का कारण है-
Answer(c) मीठी मटर व ड्रोसोफिला में स्वतन्त्र अपव्यूहन की कमी सहलग्नता के कारण होती है। सहलग्नता पारगमनता के कारण खण्डित हो जाती है।
View full question & answer→MCQ 751 Mark
अनुवांशिक लोकस पर उत्परिवर्तन होने पर, किसी जीव के गुण में परिवर्तन निम्न में परिवर्तन के कारण होता है-
Answer(a) अनुवांशिक लोकस में परिवर्तन, जीन में परिवर्तन कर देता है जिसके कारण इसके लिए कोड बनाने वाला अमीनो अम्ल बदल जाता है। यह संश्लेषित प्रोटीन की प्रकृति को बदल देता है जो जीव में परिवर्तन उत्पन्न कर देता है। DNA प्रतिलिपिकरण व प्रोटीन संश्लेषण की विधि पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता। DNA टेम्पलेट पर RNA संश्लेषण अनुलेखन कहलाता है।
View full question & answer→MCQ 761 Mark
एक स्व-निषेचित त्रिसंकरित पौधा बनाता है-
- ✓
8 विभिन्न युग्मकों व 64 भिन्न युग्मनजों को
- B
4 विभिन्न युग्मकों व 16 विभिन्न युग्मनजों को
- C
8 विभिन्न युग्मकों व 16 विभिन्न युग्मनजों को
- D
8 विभिन्न युग्मकों व 32 विभिन्न युग्मनजों को
AnswerCorrect option: A. 8 विभिन्न युग्मकों व 64 भिन्न युग्मनजों को
(a) एक स्वनिषेचित त्रिसंकरित पौधा 8 विभिन्न युग्मक व 64 विभिन्न युग्मनज बनाता है। त्रिसंकरित पादप का जीनरूप $AaBbCc$ होता है। बनने वाले युग्मकों की संख्या $=2^{ n }=2^3=8$ यहां $n =$ विषमयुग्मता की संख्या = इनकी संख्या 3 है। बनने वाले युग्मनजों की संख्या $=8^2=64$
View full question & answer→MCQ 771 Mark
माना संकरित होने वाले माता पिता में से, पिता के माइटोकान्ड्रिया में उत्परिवर्तन हो जाता है। $F _2$ सन्ततियों के पृथक्करण के दौरान यह उत्परिवर्तन दिखायी देगा-
- A
$1 / 3$ सन्ततियों में
- ✓
- C
- D
$50 \%$ सन्ततियों में
Answer(b) माइटोकान्ड्रिया नामक अंग कोशिका द्रव्य में उपस्थित होता है। युग्मनज में पाया जानेवाला कोशिका द्रव्य मातृक युग्मनक से प्राप्त होता है। अतः दिये गये सवाल में, $F _2$ सन्ततियों में पाया जाने वाले माइटोकान्ड्रियल जीनोम नर से प्राप्त नहीं होता है और उत्परिवर्तन संततियों तक नहीं जाता है।
View full question & answer→MCQ 781 Mark
पादपों में, कोशिका द्रव्यी नर नपुसंकता के लिए जिम्मेदार जीन्स स्थित होते हैं-
Answer(a) पौधों में नर बंध्यता केन्द्रीय व कोशिकाद्रव्यी या दोनों जीनों द्वारा नियंत्रित होती है। पौधों में तीन तरह से नर बंध्यता होती है- (i) अनुवांशिक नर बंध्यता, (ii) कोशिकाद्रव्यी नर बंध्यता (iii) कोशिकाद्रव्यी- अनुवांशिक नर बंध्यता। मक्के में नर बंध्यता को नियंत्रित करने वाले जीन कोशिकाद्रव्य में होते हैं।
View full question & answer→MCQ 791 Mark
गुण सूत्र संख्या 21 की एक अतिरिक्त प्रतिलिपि के कारण डाउन सिन्ड्रोम होता है। इससे ग्रसित महिला व सामान्य पुरुष से उत्पन्न सन्तानों के इससे ग्रसित होने की प्रतिशतता क्या होगी?
- A
$25 \%$
- B
$100 \%$
- C
$75 \%$
- ✓
$50 \%$
AnswerCorrect option: D. $50 \%$
(d) $50 \%$ अण्डाणुओं में $( n +1)$ गुणसूत्र होंगे जो कि निषेचन के पश्चात $( n +1)+( n )=2 n +1$ असामान्य युग्मनज बनाएंगे।
View full question & answer→MCQ 801 Mark
मनुष्यों में क्रमयुक्त गंजापन, मूँछें तथा दाढ़ी, उदाहरण होते हैं।
- A
लिंग निर्धारक विशेषकों का
- B
- C
लिंग परिमित विशेषकों का (लिंग सीमित)
- ✓
Answer(d) लिंग सहलग्न विशेषक जैसे कि वर्णांधता या हीमोफीलिया क्रिसक्रॉंस क्रम की वंशागति को दर्शाते हैं जिसमें कुछ निश्चित जीन लिंग निर्धारक जीनों सहित वशांगत होते हैं क्योंकि वे लिंग गुणसूत्रों पर स्थित होते हैं। लिंग सीमित लक्षण स्वयं को केवल एक लिंग में व्यक्त करते हैं दूसरे में नहीं। लिंग प्रभावित लक्षण किसी विशेष लिंग हार्मोन के दूसरी संरचनाओं के ऊपर प्रभाव के कारण उत्पन्न होते हैं।
View full question & answer→MCQ 811 Mark
'क्रिसमस बीमारी' किस रोग का अन्य नाम है-
- A
- ✓
हीमोफीलिया $B$
- C
हेपेटाइटिस - $B$
- D
AnswerCorrect option: B. हीमोफीलिया $B$
View full question & answer→MCQ 821 Mark
फलमक्खी के $X$-गुणसूत्र के सहलग्न मैप (नक्शे) में 66 इकाइयां होती हैं, यहाँ पीत देह जीन (4) एक सिरे पर जबकि बोण्ड बाल (6) जीन दूसरे पर होता है। इन दोनों जीनों $Y$ तथा $( b )$ के बीच पुनर्संयोजन आवृत्ति होनी चाहिए-
- A
$100 \%$
- ✓
$66 \%$
- C
$>50 \%$
- D
$\leq 50 \%$
AnswerCorrect option: B. $66 \%$
(b) गुणसूत्रों पर स्थित जीनों का आलेखन इस मान्यता पर आधारित होता है कि जीन्स गुणसूत्र पर व्यवस्थित होते हैं तथा पारगमन की (पुनर्संयोजन आवृत्ति) प्रतिशतता दो जीनों के बीच के मध्य उनकी दूरी की अनुक्रमानुपाती होती है। जीनों के बीच दूरी मैप (आलेख) इकाई के रूप में व्यक्त की जाती है जहाँ एक मैप यूनिट एक प्रतिशत पुनर्संयोजन के रूप में परिभाषित की जाती है।
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निम्न में से किस खोज के लिए नोबेल पुरस्कार दिया गया-
AnswerCorrect option: B. $X$-ray प्रेरित लिंग-सहलग्न अप्रभावी घातक उत्परिवर्तनों के लिए
(b) मुलर को 1946 में नोबेल पुरस्कार मिला। उन्होंने बताया कि $X$-किरणें उत्परिवर्तनकारी होती हैं।
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जीन रूप अथवा दर्शरूप के समान जोड़े के बीच दो संकरण जिसमें कि एक संकरण में युग्मकों का स्रोत उलट दिया जाता है कहलाता है-
Answer(c) द्विसंकरण संकर उन जीवधारियों के बीच होता है जिनमें विपरीत विशेषक होते हैं जिससे कि एलीलों के दो जोड़ों की अनुवांशिकता का अध्ययन किया जा सके। टेस्ट क्रॉस एक प्रतिगामी संकरण होता है जिससे प्रभावी विशेषक युक्त जीव का इसके अप्रभावी पितृ से संकरण कराया ज्ञाता है जिससे यह पता चल सके कि सत्तति विशेषक के लिए समयुग्मजी है या विषमयुग्मजी।
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मेण्डल द्वारा अध्ययन किये गये मटर के पौधे में सात विशेषकों को नियंत्रित करने वाले जीन्स कितने विभिन्न गुणसूत्रों पर पाये गये-
Answer(a) 7 विशेषक चार गुणसूत्रों पर स्थित थे। ये संकरण प्रदर्शित नहीं करते, इसका कारण है गुणसूत्र पर इनके बीच की दूरी।
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मेण्डल द्वारा अध्ययन की गयी मटर का, कौन-सा विशेषक अप्रभावी गुण था-
Answer(c) बीज का पीला रंग हरे रंग पर प्रभावी होता है।
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निकोशियाना सिल्वेस्ट्रिस लम्बे प्रकाश दिनों में पुष्पित होता है जबकि एन.टेबेकम लघु प्रकाश दिनों में पुष्पित होता है। यदि इन्हें प्रयोगशाला में भिन्न प्रकाश कालों में उगाया जाए, तो उन्हें एक ही समय पर पुष्पित होने के लिए प्रेरित किया जा सकता है तथा संकर निषेचन द्वारा स्वपुसंक सन्ततियाँ प्राप्त की जा सकती हैं। एन.सिल्वेस्ट्रिस व एन टेबेकम को अलग जाति का बताने का सबसे अच्छा कारण है-
- A
वे आकारिकी रूप से भिन्न हैं।
- B
वे प्राकृतिक रूप से स्वप्रजनन नहीं कर सकते हैं।
- ✓
वे प्रजननात्मक रूप से भिन्न हैं।
- D
वे भौतिक रूप से भिन्न हैं।
AnswerCorrect option: C. वे प्रजननात्मक रूप से भिन्न हैं।
(c) समान प्रजातियाँ अंतर प्रजनन गुण प्रदर्शित करती हैं। अर्थात् दो जीव जो प्रकृति में मुक्त रूप से प्रजनन करते हैं तथा प्रजनन योग्य सन्ततियां उत्पन्न करते हैं, एक ही जाति से संबंधित होते हैं।
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ड्रोसोफिला में लिंग-निर्धारण निम्न प्रकार से होता है-
AnswerCorrect option: B. दैहिक (कायिक) गुणसूत्रों व $X$-गुणसूत्रों के अनुपात द्वारा
(b) केल्विन ब्रिज ने खोज की कि ड्रोसोफिला में लिंग-निर्धारण X-गुणसूत्रों की संख्या व दैहिक समूहों के अनुपात द्वारा होता है।
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एक रोगी पुरुष सामान्य महिला से विवाह करता है। उनके तीन लड़कियां व पाँच पुत्र होते हैं। सभी पुत्रियां रोग ग्रस्त व लड़के सामान्य थे। इस रोग का जीन है-
Answer(a) लिंग सहलग्न व्याधियां क्रिस-क्रास अनुवांशिक क्रम का अनुसरण करती है जिसमें प्रभाविता पिता इसे अपनी पुत्रियों में वाहित करता है। पुत्रियां अपना एक $X$-गुणसूत्र अपने पिताओं से प्राप्त करती है।
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एक जीन को 'प्रभावी' कहा जाता है यदि -
- A
यह अपना प्रभाव केवल समयुग्मजी अवस्था में दिखाता है।
- B
यह अपना प्रभाव केवल विषमयुग्मजी अवस्था में दिखाता है।
- ✓
यह अपना प्रभाव समयुग्मजी व विषमयुग्मजी दोनों अवस्थाओं में दिखाता है।
- D
यह किसी की अवस्था में अपना प्रभाव नहीं दिखाता।
AnswerCorrect option: C. यह अपना प्रभाव समयुग्मजी व विषमयुग्मजी दोनों अवस्थाओं में दिखाता है।
(c) एक प्रभावी जीन अपने दर्शरूप को अभिव्यक्त करेगा बिना इस बात पर ध्यान दिये हुए कि इसका एलीलिक जीन प्रभावी अथवा अप्रभावी ( सुप्त) है।
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निम्न में से कौन 'प्लियोट्रापिक प्रभाव' का उदाहरण है-
- A
- B
- ✓
हंसियाकार रूधिराणु अरक्तता
- D
AnswerCorrect option: C. हंसियाकार रूधिराणु अरक्तता
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निम्न में से कौन लिंग सहलग्न रोग का उदाहरण है-
Answer(b) AIDS एक विषाणु जनित रोग है। सिफलिस (सुजाक) व गोनोरिया दोनों ही लैंगिक सम्बन्धों द्वारा प्रेषित रोग है।
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निम्न में से कौन सुमेलित जोड़ा है-
AnswerCorrect option: A. डाउन सिन्ड्रोम - 21 वाँ गुणसूत्र
(a) हँसियाकार कोशिक अरक्तता एक अनुवांशिक व्याधि है जो कि गुणसूत्र-11 पर उपस्थित दोषपूर्ण एलील के कारण होती है। हीमोफीलिया एक लिंग सहलग्न सुप्त व्याधि है। डाउन सिन्ड्रोम गुणसूत्र 21 की एकाधिसत्रता के कारण होती है।
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DNA में न्यूक्लियोटाइड की शृंखला में परिवर्तन कहलाता है-
Answer(a) म्यूटाजेन ऐसे कारक होते हैं जो उत्परिवर्तन प्रेरित करते हैं। क्रॉसिंग ओवर से एलीलों के नये संस्करण बनते है। इसे पुनर्संयोजन कहते हैं। अनुवादन वह प्रक्रिया है जिसमें, RNA द्वारा DNA से लाये गये कूटित सन्देश पॉलीपेप्टाइड श्रृंखला में बदल जाते हैं।
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अनाज वाले पौधे में तेजी से नई जाति बनने की क्रिया के क्या कारण हैं?
Answer(c) किसी जाति में सामान्य जीनोम के अलावा एक या अधिक जीनोम उपस्थित होना पोलीप्लॉयडी कहलाता है।
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तीन जीन $a, b$ व $c$ है, इनमें विनिमय $a, b$ के बीच $20 \%$, $b$ व $c$ के बीच $28 \%$ तथा $a$ व $c$ के बीच $8 \%$ है, इन जीनों की गुणसूत्र पर शृंखला है-
Answer(a)

दो जीनों के मध्य, प्रतिशत क्रॉसिंग ओवर उनकी दूरी का समानुपाती होता है।
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$F _1$ पीढ़ी का पौधा जिसका जीनोटाइप $AABbCC$ है, के स्वपरागण से प्राप्त $F _2$ पीढ़ी का अनुपात होगा-
AnswerCorrect option: B. $1: 2: 1$
(b)

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स्टार्च की जगह शर्करा के जमा होने के कारण मेण्डल को मटर में झुर्रीदार बीज प्राप्त हुए। यह निम्न में से किस एन्जाइम के कारण हुआ-
- A
- B
- C
- ✓
स्टार्च शाखा युक्त एन्जाइमों की अनुपस्थिति के कारण
AnswerCorrect option: D. स्टार्च शाखा युक्त एन्जाइमों की अनुपस्थिति के कारण
(d) सन् 1900 में, वैज्ञानिकों के एक समूह ने जीन $r$ (रोगोसेस, पुराना नाम झुर्रीदार w) को क्लोन्ड किया जो यह निर्धारित करता है कि बीज गोल बनेंगे या झुर्रीदार। यह देखा गया कि शर्करा का आइसोफार्म गोल बीज में उपस्थित होता है और झुर्रीदार में अनुपस्थित।
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एक मादा की कोशिका में कितने बार पिण्ड होते हैं-
Answer(a) मादा $( xx )$ की प्रत्येक दैहिक कोशा में एक बार पिण्ड उपस्थित होता है।
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मनुष्यों में $XXY$ युक्त नर तथा $XXXX$ युक्त मादा होने का कारण है-
Answer(a) जीनोम के गुणसूत्र संख्या के सांखियक परिवर्तन को असुजिता कहते हैं। सुगुणिता में बहु या दो से अधि क जीनोम होते हैं।
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$A$ और $B$ जीन्स सहलग्न हैं। $AB / ab$ व $ab / ab$ के बीच संकरण कराने पर होने वाली सन्तानों का जीनरूप क्या होगा-
- A
$AABb$ व $a abb$
- ✓
$AaBb$ व $aabb$
- C
$AABB$ व $a abb$
- D
AnswerCorrect option: B. $AaBb$ व $aabb$
(b)

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किसी युगल के चार लड़के होने की प्रायिकता है-
- A
$1 / 4$
- B
$1 / 8$
- ✓
$1 / 16$
- D
$1 / 32$
AnswerCorrect option: C. $1 / 16$
(c)

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दो नॉन-एलीलिक जीन्स जो साथ होने पर नया दर्शरूप उत्पन्न करते हैं, परन्तु स्वतंत्र रूप में ऐसा करने में असमर्थ होते हैं- कहलाते हैं
Answer(d) एक नान एलील जीन द्वारा एक अन्य जीन के सामान्य दर्शरूप का दमन एपिस्टेसिस कहलाता है। पालीजीन एक जीन होता है जिसका एकल प्रभावी एलील किसी विशेषक के एक गुण को व्यक्त करता है।
View full question & answer→MCQ 1041 Mark
पूरक जीनों का अनुपात होता है-
- A
$9: 3: 4$
- B
$12: 3: 1$
- C
$9: 3: 3: 4$
- ✓
$9: 7$
AnswerCorrect option: D. $9: 7$
(d) $9: 7$
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वह घटना जिसमें प्रभावी व अप्रभावी (सुप्त) एलील्स स्वयं को एक साथ अभिव्यक्त करते हैं, कहलाती है-
Answer(a) प्रभाविता के नियमानुसार, किसी एक गुण के विभिन्न विशेषकों का प्रतिनिधित्व करने वाले एलीलों के दो कारकों में से केवल एक ही स्वयं को अभिव्यक्त करता है। जब दोनों अभिव्यक्त हों तो उसे सह प्रभाविता कहते हैं।
View full question & answer→MCQ 1061 Mark
'जीनों का स्वतंत्र अपव्यूहन नहीं होगा' यदि-
- A
जीन्स समांगी गुणसूत्रों पर स्थित हो
- B
जीन्स सहलग्न हो व समान गुणसूत्रों पर स्थित हो
- C
जीन्स असमांगी गुणसूत्रों पर स्थित हो
- ✓
Answer(d) जीनों में स्वतंत्र अपव्यूहन तभी होता है जबकि वह पृथक असमजात गुणसूत्रों पर स्थित होते हैं। जब दो या दो से अधिक जीन्स एक ही गुणसूत्र पर उपस्थित होते हैं तो स्वतंत्र अपव्यूहन सम्भव नहीं होगा।
View full question & answer→MCQ 1071 Mark
बाहय केन्द्रीय अनुवंशिकता घटित होती है-
- A
परॉक्सीसोम व राइबोसोम में
- ✓
हरित लवक व माइटोकान्ड्रिया में
- C
माइटोकान्ड्रिया व राइबोसोम में
- D
AnswerCorrect option: B. हरित लवक व माइटोकान्ड्रिया में
(b) यूकेरियोट्स कोशिकाओं में, दो कोशिका द्रव्यी अंगों-माइटोकान्ड्रिया व क्लोरोप्लास्ट में स्वयं का अनुवांशिक पदार्थ होता है।
View full question & answer→MCQ 1081 Mark
निम्न में किस जोड़े के माता-पिता के यहाँ हीमोलाइटिक रोग से पीड़ित शिशु के जन्म लेने की सर्वाधिक सम्भावना है-
- ✓
$Rh$-ॠणात्मक माता व $Rh -$ धनात्मक पिता
- B
$Rh$-धनात्मक माता व $Rh -$ ॠणात्मक पिता
- C
$Rh$-ऋणात्मक माता व $Rh -$ ऋणात्मक पिता
- D
$Rh$-धनात्मक माता व $Rh$ धनात्मक पिता
AnswerCorrect option: A. $Rh$-ॠणात्मक माता व $Rh -$ धनात्मक पिता
(a) नवजात शिशु हीमोलाइटिक बीमारी से तब ग्रसित होता है जब $Rh ^{-}$माता $Rh ^{+}$शिशु को धारित करती है। माता का रूधिर भूरण की लाल रूधिर कोशाओं के विरूद्ध प्रतिरक्षी उन्पन्न करना शुरू कर देता है।
View full question & answer→MCQ 1091 Mark
मनुष्यों में होने वाली मंगोलियन जड़बुद्धिता को यह भी कहा जाता है-
Answer(c) डाउन सिन्ड्रोम 21 वें गुणसूत्र की एकाधिकसूत्रता के कारण होता है। प्रभावित जीव लाक्षणिक आकृति वाले होते हैं। वे कद में छोटे, सिर व चौड़े माथे वाले, खुले मुख व निचला होठ (ओठ) लटके हुए वाले होते हैं।
View full question & answer→MCQ 1101 Mark
$XXY$ जीनरूप युक्त ड्रोसोफिला मक्खी मादा होती है जबकि मनुष्य में ऐसा जीनरूप वाला व्यक्ति असामान्य नर (क्लिनफेल्टर सिन्ड्रोम) होता है। यह इस बात का सूचक है कि
AnswerCorrect option: C. मनुष्यों में Y-गुणसूत्र नर लिंग निर्धारणकर्ता होता है।
(c) मनुष्यों में $Y -$ गुणसूत्र एनड्रोजेनिक कारक या नर निर्धारण कर्ता कारक युक्त होता है। जबकि ड्रोसोफिला में लिंग गुणसूत्रों व दैहिक गुणसूत्रों का अनुपात लिंग निर्धारणकारक होता है।
View full question & answer→MCQ 1111 Mark
यदि किसी पौधे में, लाल फल $( R )$ पीले फल पर $( r )$ तथा लम्बापन (T) बौनेपन $( t )$ पर प्रभावी है, तब $RRTt$ जीनरूप वाले पौधे का $rrtt$ जीन रूप वाले पौधे से संकरण कराया जाए तो लाल रंग व लम्बेपन गुण वाले
- ✓
$50 \%$
- B
$100 \%$
- C
$75 \%$
- D
$25 \%$
AnswerCorrect option: A. $50 \%$
(a)

View full question & answer→MCQ 1121 Mark
बाग की मटर का कौन-सा गुण जो मेण्डल द्वारा अध्ययन किया गया, प्रभावी था-
Answer(b) गोला बीजाकार, झुर्रीदार आकार पर प्रभावी होता है। बीज का पीला रंग, हरे रंग पर प्रभावी होता है। अक्षीय पुष्प स्थिति, अन्तस्थ पुष्प स्थिति के ऊपर प्रभावी होती है।
View full question & answer→MCQ 1131 Mark
किसी व्यक्ति के एक जीनोम में कितने क्षार युग्म होते हैं।
- A
$7 \times 10^4$
- B
$2.8 \times 10^7$
- ✓
$3 \times 10^9$
- D
$4 \times 10^9$
AnswerCorrect option: C. $3 \times 10^9$
(c) एक व्यक्ति के जीनोम में पाये जाने वाले क्षार युग्मों की संख्या है $3 \times 10^9$
View full question & answer→MCQ 1141 Mark
मनुष्यों में लाल-हरी वर्णांधता, लिंग सहलग्न अग्रभावी जीन द्वारा विधानित होती है, एक सामान्य महिला, जिसके पिता वर्णांध थे, एक वर्णांध पुरुष से विवाह करती है। कितनी पुत्रियां वर्णांध होंगी-
- ✓
$\frac{3}{4}$
- B
$\frac{1}{2}$
- C
$\frac{1}{4}$
- D
AnswerCorrect option: A. $\frac{3}{4}$
(a) सामान्य महिला जिसके पिता वर्णांन्ध थे अपने पिता से $X$ गुणसूत्र प्राप्त करेगी $\longrightarrow X ^{ c } X$ वर्णान्ध पुरूष से विवाह करती है 
View full question & answer→MCQ 1151 Mark
एक शिशु हीमोफिलिक (लिंग सहलग्न विशेषक) है जबकि इसका पैतृक जुड़वां भाई सामान्य है। निम्न में से कौन सी सूचना सर्वाधिक सही है।
- ✓
माता अवश्य ही विषमयुग्मजी होनी चाहिए।
- B
- C
अन्य शिशु मादा है जबकि पिता हीमोफीलिया से पीड़ित है।
- D
AnswerCorrect option: A. माता अवश्य ही विषमयुग्मजी होनी चाहिए।
(a) माता अवश्य ही हीमोफीलिया की वाहक $\left( X ^{ h } X \right)$ रही होगी। एक यमज में सामान्य $X$-गुणसूत्र वंशागत हुआ जबकि दूसरे में हीमोफीलिया युक्त $X$-गुणसूत्र वंशागत हुआ होगा।
View full question & answer→MCQ 1161 Mark
औद्योगिक कृष्णता (Industrial Melanism) की घटना दर्शाती है-
Answer(a) इंग्लैण्ड में औद्योगिक क्रांति के समय पेपर्ड मॉथ (बिस्टन बेटुलेरिया) के कृष्ण जाति की संख्या में वृद्धि पायी गयी। सामान्यतः ये मॉथ हल्के रंग के होते हैं। इस घटना को “ औद्योगिक कृष्णता" कहते हैं। रंग में परिवर्तन प्राकृतिक वरण के कारण है। चूंकि काले मॉंथ कीले रंग के पेड़ के तने से मर्ल खाते हैं जहाँ वो दिनभर आराम करते हैं।
View full question & answer→MCQ 1171 Mark
$Tt \times tt$ संकरण से उत्पन्न संततियों में अनुपात होगा-
- ✓
$1: 1$
- B
$1: 2$
- C
$2: 1$
- D
$1: 2: 1$
AnswerCorrect option: A. $1: 1$
(a)

View full question & answer→MCQ 1181 Mark
निम्न में से कौन सी उत्परिवर्तन की मुख्य श्रेणी (वर्ग) है-
Answer(a) दैहिक उत्परिवर्तन वे उत्परिवर्तन होते हैं जो दैहिक कोशाओं में उत्पन्न होते हैं। वे उत्परिवर्तन जो जनन कोशाओं में उत्पन्न होते हैं तथा जो सन्ततियों में स्थानान्तरण योग्य होते हैं, अनुवांशिक उत्परिवर्तन कहलाते हैं।
View full question & answer→MCQ 1191 Mark
एक यीस्ट कोशिका के गुणसूत्र का आण्विक भार होता है-
- ✓
$2.56 \times 10^9$
- B
$40 \times 10^9$
- C
$5 \times 10^9$
- D
$1 \times 10^9$
AnswerCorrect option: A. $2.56 \times 10^9$
(a) यीस्ट कोशा के गुणसूत्र का आण्विक भार होगा$2.56 \times 10^9$
View full question & answer→MCQ 1201 Mark
एल्बिनिज्म, दैहिक अप्रभावी उत्परिवर्तन के कारण होता है। किसी युगल, जो कि सामान्य त्वचा वर्णकता वाले हों का पहला शिशु एल्बिनो था। उनके दूसरे शिशु के एल्बिनो होने की कितनी सम्भावना है।
- ✓
$25 \%$
- B
$50 \%$
- C
$75 \%$
- D
$100 \%$
AnswerCorrect option: A. $25 \%$
(a) एक शिशु तभी एल्बिनो होगा जब वह एल्बिनिज्म जीनों के लिए समयुग्मजी हो। चूंकि एल्बिनिज्म एक अप्रभावी (सुप्त) गुण है। चूंकि जननकों की त्वचा सामान्य है, इसका अर्थ है कि वे विषम युग्मजी हैं। दो विषमयुग्मजी जनकों के संकरण के परिणमस्वरूप $25 \%$ सन्तानें समयुग्मजी अप्रभावी (सुप्त) होंगी, दूसरे शिशु की प्रकृति पर प्रथम शिशु की प्रकृति का कोई प्रभाव नहीं होता क्योंकि दोनों स्वतन्त्र घटनाएं होती हैं।
View full question & answer→MCQ 1211 Mark
एक महिला जिसके एक $X$-गुणसूत्र पर हीमोफीलिया के दो जीन्स व वर्णान्धता का एक जीन हो, सामान्य पुरूष से विवाह करती है। सन्ततियां होंगी
- A
हीमोफिलिया पीड़ित व वर्णांध पुत्रियां owS
- ✓
$50 \%$ हीमोफिलिया पीड़ित, वर्णांध पुत्र तथा $50 \%$ सामान्य पुत्र
- C
$50 \%$ हीमोफिलिया पीड़ित पुत्रियां तथा $50 \%$ वर्णांध पुत्रियां
- D
सभी पुत्र व पुत्रियां हीमोफिलिक व अन्धवर्ण
AnswerCorrect option: B. $50 \%$ हीमोफिलिया पीड़ित, वर्णांध पुत्र तथा $50 \%$ सामान्य पुत्र
(b)

View full question & answer→MCQ 1221 Mark
द्विगुणित जीवों में, अर्धसूत्री विभाजन के दौरान बहुवेलेन्टों के बनने का कारण है।
Answer(d) उत्क्रमण गुणसूत्री संरचना में परिवर्तन होता है जिसमें गुणसूत्र का भाग अपनी अवस्था में उत्क्रमित हो जाता है जिससे कि उत्क्रमित क्षेत्र में जीनों की श्रृंखला विपरीत दिशा में हो जाए। विलोपन में गुणसूत्र का एक खण्ड टूटकर खो जाता है। एक न्यून्सूत्रता एक प्रकार का विलोपन है जिसमें एक गुणसूत्र $(2 n-1)$ की कमी हो जाती है। व्युत्क्रमित स्थानान्तरण में असमजात गुणसूत्रों के बीच खण्डों की पारस्परिक अदला-बदली होती है।
View full question & answer→MCQ 1231 Mark
मनुष्यों में मंदबुद्धिमता लिंग गुणसूत्रों की असमान्यता के कारण होती है। यह होती है।
AnswerCorrect option: A. $X$-पूरक में वृद्धि के कारण
(a) मानसिक मंदबुद्धिता तभी पायी जाती है जब दो से अधिक $X$ - गुणसूत्र हो सभी मानसिक दोष युक्त महिलाओं के एक प्रतिशत में एक या अधिक अतिरिक्त $X$-गुणसूत्र होते हैं।
View full question & answer→MCQ 1241 Mark
डाउन सिन्ड्रोम में जातिय गुणसूत्र प्रारूप से पता चलता है कि यह व्याधि गुणसूत्र संख्या 21 की एकाधिसूत्रता से जुड़ी होती है। इसका कारण है।
- ✓
अंडकोष निर्माण के दौरान अवियोजन होना
- B
शुक्राणुकोष निर्माण के दौरान अवियोजन होना
- C
अंडकोष व शुक्राणुकोष के निर्माण के दौरान अवियोजन होना
- D
युग्मनज में सूत्री विभाजन के दौरान अतिरिक्त गुणसूत्र का जुडना
AnswerCorrect option: A. अंडकोष निर्माण के दौरान अवियोजन होना
(c) डाउन सिन्ड्रोम जिसका कारण एकाधिसूत्रता है अर्द्धसूत्री विभाजन के दौरान कभी उभार होने वाले अवियोजन के कारण होता है, जब एक युग्मक एक अतिरिक्त गुणसूत्र $(n+1)$ से युक्त हो सामान्य युग्मक $[n(n+1)]$ से समेकन एकाधिसूत्रता उन्पन्न करता है।
View full question & answer→MCQ 1251 Mark
$AABbCc$ जीन रूप वाले विषमयुग्मजी पौधे द्वारा, अनुवांशिक रूप से भिन्न कितने प्रकार के युग्मक उत्पन्न किये जायेंगे-
Answer(b) विभिन्न प्रकार के युग्मनक उत्पन्न होंगे$ABC , Abc , ABc , AbC$
View full question & answer→MCQ 1261 Mark
यदि मेण्डल ने 14 के बजाय 12 गुणसूत्रों वाले पौधे का उपयोग करके 7 अनुवांशिक विशेषकों का अध्ययन किया होता तो उनका कथन किस रूप से भिन्न होता-
- A
उन्होंने ब्लेन्डिंग या अपूर्ण प्रभाविता की खोज कर दी होती
- ✓
उन्होंने स्वतंत्र अपव्यूहन के नियम की खोज न की होती।
- C
उन्होंने लिंग-सहलग्नता की खोज कर दी होती।
- D
उन्होंने गुणसूत्र का नक्शा बना लिया होता।
AnswerCorrect option: B. उन्होंने स्वतंत्र अपव्यूहन के नियम की खोज न की होती।
(b) यदि मेण्डल ने 12 गुणसूत्रों युक्त पौधे का अध्ययन किया होता, तो उनका सामना सहलग्न जीनों से होता और वह स्वतंत्र अपव्यूहन का नियम नहीं दे पाते।
View full question & answer→MCQ 1271 Mark
एक हरे पौधे की कोशिका में कितने प्रकार के जीनोम पाये जाते हैं-
Answer(b) हरी पादप कोशिका में तीन प्रकार के जीनोम पाये जाते हैं- नाभिकीय जीनोम, माइटोक्रान्ड्रियल जीनोम व हरित लवक जीनोम।
View full question & answer→MCQ 1281 Mark
द्विगुणित जीव में विनिमय जिम्मेदार होता है-
- A
एलीलों के पृथक्करण के लिए
- B
जीन्स की प्रभाविता के लिए
- C
जीन्स के बीच सहलग्नता के लिए
- ✓
सहलग्न एलीलस के पुनर्संयोजन के लिए
AnswerCorrect option: D. सहलग्न एलीलस के पुनर्संयोजन के लिए
(d) क्रॉसिंग ओवर में समजात गुणसूत्रों के नान-सिस्टर क्रोमेटिड्स के बीच अनुवांशिक पदार्थ का भौतिक आदान-प्रदान होता है। जिसके कारण पुनर्संयोजन होता है।
View full question & answer→MCQ 1291 Mark
$XXY$ गुणसूत्रों से युक्त व्यक्ति पीड़ित होता है
- A
- ✓
क्लीनेफेल्टर सिन्ड्रोम से
- C
- D
AnswerCorrect option: B. क्लीनेफेल्टर सिन्ड्रोम से
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एक जीन के प्रथम कूटक के प्रथम क्षार में उप्तरिवर्तन होने से अकायिक प्रोटीन उत्पन्न होता हो ऐसा उत्परिवर्तन कहलाता है :-
- A
- ✓
- C
- D
प्रतिगामी उत्परिवर्तन ( विपरीत उत्परिवर्तन)
Answer(b) वह उत्परिवर्तन जो पोलीपेप्टाइड निर्माण को समय से पूर्व रोकता है, असंगत (अनर्थक) उत्परिवर्तन कहलाता है। फ्रेम शिफ्ट उत्परिवर्तन एक प्रकार का जीन उत्परिवर्तन है जिसमें कूटकों का अध्ययन (क्रम) न्यूक्लियोटाइड्स के प्रवेशन या विलोपन के कारण परिवर्तित हो जाता है।
View full question & answer→MCQ 1311 Mark
मानव नर की अनुवांशिक पहचान, निश्चित की जाती है :-
- A
आटोसोम्स से (देह गुणसूत्रों)
- B
- ✓
- D
Answer(c) एलोसोम्स या लिंग गुणसूत्र प्रत्येक जीव का लिंग निर्धारित करते हैं। शेष बचे गुणसूत्रों को दैहिक या कायिक गुणसूत्र कहा जाता है। केन्द्रिका एक कोशिकीय अंग है जो राइबोसोम्स के संश्लेषण में भाग लेता है।
View full question & answer→MCQ 1321 Mark
दो पादपों के बीच संकरण कराने पर, सन्ततियों में नर नपुसंकता पायी गयी। यह घटना माता द्वारा वंशागत होती है। इसके लिए जिम्मेदार जीन्स पाये जाते हैं-
Answer(c) नर बंध्यता कोशिकाद्रव्यी आनुवांशिकता के कारण होती है i.e. माइटोक्रान्ड्रियाओं में उपस्थित DNA के कारण।
View full question & answer→MCQ 1331 Mark
एक फलमक्खी लिंग सहलग्न जीनों के लिए विषमयुग्मजी है। इसका एक सामान्य फलमक्खी के साथ संगमन कराने पर नर का विशिष्ट गुणसूत्र अण्ड कोशिकाओं में किस अनुपात में प्रवेश करेगा
- ✓
$1: 1$
- B
$1: 2$
- C
$3: 1$
- D
$7: 1$
AnswerCorrect option: A. $1: 1$
(a) लिंग-निर्धारण में नर विशिष्ट गुणसूत्र के अण्डे में प्रवेश की उतनी ही सम्भावना होगी जितनी दूसरे की। अतः अनुपात $1: 1$ होगा।
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किसी रोग से पीड़ित पुरुष एक सामान्य महिला से विवाह करता है। उनके 8 बच्चे ( 3 पुत्रियां व 5 पुत्र) होते हैं। सभी पुत्रियां पैतृक बीमारी से ग्रसित होती हैं जबकि कोई भी पुत्र इससे पीड़ित नही होता। निम्न में से किस वशांगत विधि को इस बीमारी के लिए प्रस्तावित (उपयुक्त) करेंगे :-
Answer(b) लड़कियां एक $X$ गुणसूत्र पिता से व दूसरा $X -$ गुणसूत्र माता से प्राप्त करती है। चूँकि सभी लड़कियां पैतृक बीमारी से पीड़ित होती है, अतः पिता से प्राप्त हुआ $X$-गुणसूत्र प्रभावी विशेषक का वाहक होगा।
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47 गुणसूत्रों वाला व्यक्ति एक अतिरिक्त Y-गुणसूत्र के कारण किससे पीड़ित हो जाता है:-
Answer(d) क्लिनफेल्टर सिन्ड्रोम होता है $XX$ अंडे के सामान्य शुक्राणु के मिलन से या सामान्य $X$ अंडे के असामान्य $X Y$ शुक्राणु के मिलन से । ऐसे जीव मे 47 गुणसूत्र $(44+ XXY )$ होते हैं।
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मानव मादा में बार पिण्ड बनती है :-
- A
पैतृक $X$-गुणसूत्र की अक्रियाशीलता के कारण
- B
मातृक $X$-गुणसूत्र की अक्रियाशीलता के कारण
- C
दोनों $X$-गुणसूत्रों की अक्रियाशीलता के कारण
- ✓
या तो पैतृक या मातृक $X$-गुणसूत्रों की अक्रियता के कारण
AnswerCorrect option: D. या तो पैतृक या मातृक $X$-गुणसूत्रों की अक्रियता के कारण
(d) डोसेज (औषधि) क्षतिपूर्ति नियम के अनुसार दोनों से एक $X$ गुणसूत्र महिलाओं में अनियत रूप से अक्रिय हो जाता है यह अक्रिय $X$-गुणसूत्र बार पिण्ड के रूप में दिखायी पड़ते हैं।
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एक जीव जिसके शरीर में नर व मादा दोनों के गुण पाये जाते हैं, कहलाता है :-
- A
- B
- ✓
गायनेन्ड्रोमार्फ (असामान्य लिंग विभेदन)
- D
AnswerCorrect option: C. गायनेन्ड्रोमार्फ (असामान्य लिंग विभेदन)
(c) उभयलिंगी या द्विलिंगी वे जीव होते हैं जिनमें नर व मादा दोनों के जनन अंग होते हैं जबकि गायनेन्ड्रोमार्फ वे जीव होते हैं जो नर व मादा दोनों के गुण प्रदर्शित करते हैं।
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वे एलील जो अपनी विषमयुग्मजी अवस्था में स्वतन्त्र प्रभाव उत्पन्न करते हैं, कहलाते हैं :-
Answer(a) प्रबलता (एपिस्टेसिस) नान एलीलिक जीव द्वारा अन्य जीन के सामान्य दर्शरूप के संदमन को कहते हैं। पूरक जीन्स दो स्वतन्त्र जीन होते हैं जो कि भिन्न जीन स्थलों पर स्थित होते हैं तथा किसी विशेषक को अभिव्यक्त करने में एक दूसरे की सहायता करते हैं। सम्पूरक जीन्स दो स्वतन्त्र जीन्स होते हैं जों भिन्न जीन स्थलों पर होते हैं तथा प्रत्येक अपना विशेषक उत्पन्न कर सकता है तथा जब प्रभावी अवस्था में उपस्थित हो तो प्रतिक्रिया करके नया विशेषक उत्पन्न करते हैं।
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एच.जे.मुलर को नोबेल पुरस्कार किसके लिये दिया गया था-
- A
इस खोज के लिए कि रसायनों द्वारा जीन उत्परिवर्तन पैदा किये जा सकते हैं।
- ✓
इस खोज के लिए कि आयनित किरणों से जीन उत्परिवर्तन प्रेरित किये जा सकते हैं।
- C
ड्रोसोफिला में जीन मान चित्रण पर किये गये काम के लिए
- D
नाभिकीय शस्त्रों के उपयोग को रोकने के प्रयासों के लिए
AnswerCorrect option: B. इस खोज के लिए कि आयनित किरणों से जीन उत्परिवर्तन प्रेरित किये जा सकते हैं।
(b) एच.जे.मुलर ने विकिरण का जीवों पर पड़ने वाले प्रभावों का अध्ययन किया। उन्हें इस बात की खोज के लिए कि आयनीकारी विकिरण जीन-उत्परिवर्तन करते हैं। जिसके लिए उन्हें नोबेल पुरस्कार दिया गया।
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हल्के रंग की प्रजाति वाले पेपर्ड मोथ (बिस्टन बेटुलेरिया) के गहरे रंग (बिस्टन कार्बोनेरिया) की प्रजाति में बदलने का कारण है :-
Answer(a) पेपरर्ड मोथ के रंग में परिवर्तन एकल मेंडिलियन जीन में उत्परिवर्तन के कारण होता है जो कि ध आँ युक्त औद्योगिक वातावरण में जीवित रहने के लिए आवश्यक होता है।
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बिन्दु उत्परिवर्तन का सबसे अच्छा उदाहरण इस रोग में पाया जाता है :-
- A
- B
- C
- ✓
हँँसियाकार रूधिराणु अरक्तता
AnswerCorrect option: D. हँँसियाकार रूधिराणु अरक्तता
(d) हँँसियाकार कोशिक अरक्तता जिसमें त्रियक CTC न्यूक्लियोटाइड $CAC$ में परिवर्तित हो जाता है) हीमोग्लोबीन की $\beta-$ ग्लोबीन की श्रृंखला को प्रभावित करता है। चूँकि ये परिवर्तन गुणसूत्र के किसी निश्चित बिन्दु या स्थान पर होते हैं जहाँ विशिष्ट जीन स्थित होते हैं, ये बिन्दु उत्परिवर्तन कहलाते हैं।
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सर्वप्रथम पोलीटीन गुणसूत्रों को किसमें खोजा गया -
Answer(b) पोलीटीन गुणसूत्रों को वृहत-गुणसूत्र भी कहते हैं। ये असंख्य समानान्तर समान क्रोमेटिड्स के बने होते हैं जो कि विभाजन रहित बारम्बारित प्रतिलिपीकरण के कारण बनते हैं। बालवियानी ने इन्हें सर्वप्रथम बौने (छोटे) काइरोनोमस की लसिका ग्रन्थियों में देखा।
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स्तनियों मे बार पिंड प्रतिनिधित्व करते हैं:-
AnswerCorrect option: D. मादाओं की कायिक कोशिकाओं में दो में से एक $X$-गुणसूत्र का
(d) मादाओं की दैहिक कोशिकाओं का कोई एक $X$-गुणसूत्र बार पिण्ड होता है। यदि $X$-गुणसूत्र ज्यादा संख्या में हैं तो ज्यादा बार पिण्ड होंगे।
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जब दो अनुवांशिकविस्थल 'सिस' तथा 'ट्रांस' दोनों स्थानों पर समान दर्शरूप बनाते हैं, तब इन्हें माना जाता है-
Answer(a) कूट एलील्स दो अनुवांशिक लोकी होते हैं जो सिस व ट्रान्स अवस्थाओं में दो समान दर्शरूप उत्पन्न करते हैं।
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$Y$-गुणसूत्र पर स्थित जीन्स होते हैं-
Answer(d) होलेन्ड्रिक जीन्स $Y$ गुणसूत्र के विभिन्न स्थलों पर उपस्थित होते हैं। भिन्न क्षेत्र पूर्णरूप से लिंग-सहलग्न जीनों को ले जाते हैं तथा उनमें क्रॉसिंग ओवर नहीं होता।
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एक फलमक्खी जो नर व मादा दोनों विशेषकों को प्रदर्शित करती है, होती है
Answer(b) वह गाइनेन्डोमार्फ होती है।
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$O$ रूधिर समूह वाले बच्चे के माता-पिता किस रुधिर समूह के नहीं हो सकते हैं-
- ✓
$AB$ और $AB / O$
- B
$A$ और $B$
- C
$B$ और $B$
- D
$O$ और $O$
AnswerCorrect option: A. $AB$ और $AB / O$
(a) $AB$ रक्त वर्ग में जीनरूप $I ^A I ^{ B }$ होता है। एलील्स $I ^{ A }$ व $I ^{ B }$ सहप्रभावी होते हैं क्योंकि दोनों, जब एक जीव में एक साथ होते हैं, प्रकटन करते हैं।
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एक हरी फली वाले शुद्ध लम्बे मटर के पौधे एवं पीली फली युक्त शुद्ध छोटे पौधे के बीच संकरण कराने पर $F _2$ पीढ़ी में कुल 16 में से कितने छोटे पौधे प्राप्त होंगे-
Answer(c) प्रत्येक विशेषक के दो कारक व्यवस्थित या अनियमितरूप से वर्गीकृत होते हैं। सन्ततियों तथा युग्मकों में इनका वितरण एक दूसरे से पृथक होता है।

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नजदीकी संबंधियों के बीच युग्मन कहलाता है-
Answer(b) अंतः प्रजनन में अप्रभावी गुणों का प्रकटन होता है जोकि अधिकतर समय हानिकारक होते हैं।
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$AABB \times aabb$ द्विसंकरण क्रॉस में, $F _2$ पीढ़ी में $AABB$, $AABb , AaBB$ और $AaBb$ निम्न अनुपात में प्राप्त होगी-
- A
$1: 1: 1: 1$
- B
$9: 3: 3: 1$
- C
$1: 2: 2: 1$
- ✓
$1: 2: 2: 4$
AnswerCorrect option: D. $1: 2: 2: 4$
(d) जीनरूप जीव का आनुवांशिक चित्र होता है। दिए हुए चारों जीनोटाइप (समजीनी) $1: 2: 2: 4$ के अनुपात में होंगे।
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एक महिला जिसके पिता एल्बिनो थे, एल्बिनो पुरुष से शादी करती है। उसकी सन्तानों में अनुपात होगा-
Answer(d) महिला विषमयुग्मनजी होगी क्योंकि रंजकहीनता अवस्था अप्रभावी होती है, अतः जब वह एक रंजकहीन पुरुष से विवाह करती है तो $50 \%$ सन्ततियाँ सामान्य तथा $50 \%$ रंजकहीन होंगे।
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सामान्य माता-पिता के नर बच्चे के वर्णान्ध होने की सम्भावना होगी-
- A
- B
सम्भव है, यदि दादा-दादी, नाना-नानी सामान्य दृष्टि वाले थे।
- C
सम्भव है, यदि दादी वर्णान्ध थी
- ✓
सम्भव है, यदि नाना वर्णान्ध थे।
AnswerCorrect option: D. सम्भव है, यदि नाना वर्णान्ध थे।
(d) वर्णान्ध वाहक महिला व सामान्य पुरुष के बीच संकरण से उत्पन्न पुत्र वर्णान्ध होंगे। यह क्रिस क्रॉंस अनुवांशिकता का उदाहरण है। वर्णान्धता का जीन माता के पिता से से आ रहा है।
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मिस्टर कपूर $Bb$ दैहिक जीन जोड़ा व सहलग्न $d$ एलील वाले हैं। उनके शुक्राणुओं में $Bd$ का अनुपात होगा।
- A
- B
$1 / 2$
- ✓
$1 / 4$
- D
$1 / 8$
AnswerCorrect option: C. $1 / 4$
(c) मि.कपूर का जीनरूप $Bbd$ होगा, अतः एक चौथाई शुक्राणु $Bd$ से युक्त होंगे।
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निम्न में से कौन सहलग्नता के प्रयोग के लिए उपयुक्त है-
- A
aa $BB \times aaBB$
- ✓
AABB $\times$ aabb
- C
$AaBb \times AaBb$
- D
$A A B b \times A a B B$
AnswerCorrect option: B. AABB $\times$ aabb
(b) अनुवांशिक गुणों के स्थानान्तरण में समान गुणसूत्र पर उपस्थिति जीनों में साथ रहने की प्रवृत्ति होती है। बाकी संयोजन सिवाय AABB X aabb के नए संयोजन दिखाती है इसलिए ये संलग्नता के प्रयोगों के लिए ठीक नहीं है।
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यदि सामान्य माता-पिता के आधे पुत्र हीमोफिलिया से पीड़ित हों व आधी पुत्रियाँ इसकी वाहक हों तो, जीन उपस्थित होगा-
AnswerCorrect option: C. माता के एक $X$-गुणसूत्र पर
(c) चूंकि आधे पुत्र हीमोफिलिक हैं अतः हीमोफीलिया के जीन माँ के $X$ गुणसूत्र पर उपस्थित हैं। सामान्य पुत्री सामान्य पुत्र संवाहक पुत्री हीमोफिलिक पुत्र 
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दो प्रभावी नान एलीलिक जीन 50 मानचित्र इकाई दूर है। उनमें किस प्रकार की सहलग्नता है-
Answer(d) गुणसूत्रों का मापन इस तथ्य पर आधारित होता है कि गुणसूत्रों में जीन्स रेखीय रूप से अवस्थित होते हैं तथा क्रॉसिंग ओवर की बारम्बारता दो जीनों के बीच की दूरी के समानुपाती होता है। प्रभावी जीन्स सिस व्यवस्था को प्रदर्शित करते हैं। 50 माप ईकाईयों पर सिस ट्रान्स में परिवर्तित होता है तथा इसका उल्टा भी होता है अतः कोई दृढ़ संलग्नता उपस्थित नहीं होता।
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हेपलोइड्स (अगुणित) उत्परिवर्तनों के अध्ययन के लिए द्विगुणित की अपेक्षा उत्तम होते हैं, क्योंकि अगुणितों में-
- ✓
अप्रभावी उत्परिवर्तन तुरंत अभिव्यक्त होते हैं।
- B
प्रभावी उत्परिवर्तन तुरन्त अभिव्यक्त होते हैं।
- C
उत्परिवर्तन प्रेरित किये जाते (जा सकते) हैं।
- D
उत्तक संवर्धन आसान होता है।
AnswerCorrect option: A. अप्रभावी उत्परिवर्तन तुरंत अभिव्यक्त होते हैं।
(a) अगुणित जीव नये उत्परिवर्तनों के दर्शरूप को सामान्यत: अभिव्यक्त करते हैं क्योंकि इनमें प्रभाविता के लिए कोई रूकावट नहीं होती।
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निम्न में से फसल की कौन-सी प्रजाति प्रेरित उत्परिवर्तन के कारण नहीं है-
Answer(d) रेंडी की अरुना प्रेरित उत्परिवर्तन के कारण नहीं है।
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मनुष्यों में लिंग-निर्धारण होता है-
- A
- ✓
- C
- D
7 से 8 सप्ताह में जब भ्रूण में जननेन्द्रियाँ विकसित होने लगती हैं।
Answer(b) मानव शरीर का लिंग निर्धारण युग्मनज के केरियोटाइप या निषेचित अण्डे द्वारा होता है। बच्चे का लिंग शुक्राणु पर निर्भर करता है।
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न्यूक्लियोसोम का केन्द्रीय भाग (core) बना होता है-
Answer(d) न्यूक्लियोसोम का आवरण तैयार करने वाल चार हिस्टोन प्रोटीन हैं $H 2 A , H 2 B , H 3, H 4$
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मनुष्यों में बहुजीनी अनुवांशिकता का उदाहरण है-
- ✓
- B
- C
- D
सिकिल कोशिका एनीमिया (हंसिया कोशिका रक्तान्धता)
Answer(a) बहुजीनी अनुवांशिकता में बारम्बारता प्रभाव होता है यानि दो स्वतंत्र प्रभावी जीन, किसी जीव पर सकारात्मक प्रभाव डालते हैं।
View full question & answer→MCQ 1621 Mark
मेण्डल ने मटर में लक्षणों के 7 जोड़ों के लिए अनुवांशिकता का अध्ययन किया, यद्यपि 21 संभावित संयोजन हो सकते थे। यदि आपको यह बताया जाए कि बाद के अध्ययनों में स्वतंत्र, अपव्यूहन का नियम नहीं देखा गया,तो आपकी प्रतिक्रिया होगी-
- A
स्वतंत्र अपव्यूहन का नियम गलत हो सकता है।
- ✓
मेण्डल ने सभी संयोजनों (जोड़ों) का अध्ययन नहीं किया, होगा।
- C
- D
बाद के अध्ययन गलत हो सकते हैं।
AnswerCorrect option: B. मेण्डल ने सभी संयोजनों (जोड़ों) का अध्ययन नहीं किया, होगा।
(b) स्वतंत्र अपव्यूहन का नियम केवल उन कारकों या जीनों पर लागू होता है जो विभिन्न गुणसूत्रों पर उपस्थित होते हैं। यह संभावना है कि गुण एक ही गुणसूत्र पर स्थित हों और सहलग्नता दर्शाता हो जिसे मेण्डल ने नहीं ध्यान दिया हो।
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वह घटना जिसमें एक जीन-जोड़ा दूसरे के प्रभाव को दबाता है, कहलाती है
Answer(a) एपिस्टेसिस (प्रबलता) वह परिघटना है जिसमें एक नान-एलीलिक जीन जोड़े द्वारा जो कि स्वयं का प्रकटन करता है, अन्य जीन जोड़े के दर्शरूप का चिन्हन या दमन होता है।
View full question & answer→MCQ 1641 Mark
यदि माता वर्णान्ध व पिता सामान्य हो तो उनके बच्चे होंगे
- ✓
वर्णान्ध पुत्र व सामान्य/वाहक पुत्रियां
- B
वर्णान्ध पुत्र व पुत्रियाँ
- C
- D
AnswerCorrect option: A. वर्णान्ध पुत्र व सामान्य/वाहक पुत्रियां
(a) एक वर्णान्ध महिला के सामान्य पुरुष से विवाह करने पर अप्रभावी समयुग्मनजी जीन्स पुत्रों में प्रकट होते हैं जबकि पुत्रियाँ इनकी वाहक होती हैं।

View full question & answer→MCQ 1651 Mark
जब एक विशेष गुण सिर्फ माता से अनुवांशिक रूप से प्राप्त हो, तो यह प्रतिनिधित्व करता है-
- A
- ✓
कोशिका द्रव्यी अनुवांशिकता का
- C
- D
मेन्डलीय केन्द्रीय अनुवांशिकता का
AnswerCorrect option: B. कोशिका द्रव्यी अनुवांशिकता का
(b) मातृत्व कोशिका द्रव्य में उपस्थित प्लाज्मा जीन्स, सन्ततियों में स्थानान्तरित हो जाते हैं। इस प्रकार की अनुवांशिकता को कोशिका द्रव्यी या मातृत्व आनुर्वंशिकता कहते हैं।
View full question & answer→MCQ 1661 Mark
न्यूरोस्पोरा के 8 एस्कोस्पोर $2 a : 4 a : 2 a$ व्यवस्था को प्रदर्शित करते हैं। यह व्यवस्था बताती है-
Answer(c) न्यूरोस्पोरा में अर्द्धसूत्री विभाजन के उत्पाद एक रेखा में व्यवस्थित होते हैं तथा इनमें एक समसूत्री विभाजन होता है। क्रासिंग ओवर चार वलयक अवस्था में होता है।
View full question & answer→MCQ 1671 Mark
डाउन सिन्ड्रोम का कारण है-
Answer(d) मनुष्यों में डाउन सिन्ड्रोम गुणसूत्र 21 के त्रिगुणन के कारण होता है।
View full question & answer→MCQ 1681 Mark
मनुष्यों में 45 गुणसूत्रों/एकल $X / XO$ असामान्यता कारण होती है
Answer(c) टर्नर सिन्ड्रोम में मादाओं का कद छोटा व गला जालयुक्त होता है। वे सामान्यतः बन्धय होती हैं।
View full question & answer→MCQ 1691 Mark
एक $O$ वर्ग वाले बच्चे के पिता का रक्त वर्ग $B$ है। पिता का जीन रूप होगा-
- A
$I ^0 I ^{\circ}$
- B
$I ^{ B } I ^{ B }$
- C
$I ^A I ^B$
- ✓
$I ^{ B } I ^{ O }$
AnswerCorrect option: D. $I ^{ B } I ^{ O }$
(d) शिशु का जीनरूप $I ^0 I ^0$ (अप्रभावी) होगा। अतः पिता का जीनरूप केवल $I ^{ B } I ^0$ हो सकता है।
View full question & answer→MCQ 1701 Mark
एक एलील प्रभावी होता है, यदि अभिव्यक्त किया जाए-
- ✓
दोनों समयुग्मजी व विषमयुग्मजी अवस्थाओं में
- B
- C
- D
AnswerCorrect option: A. दोनों समयुग्मजी व विषमयुग्मजी अवस्थाओं में
(a) प्रभावी एलील स्वयं को समयुग्मनज व विषमयुग्मनजी दोनों अवस्थाओं में प्रकट करते हैं तथा इन्हें बड़े अक्षरों में लिखा जाता है।
View full question & answer→MCQ 1711 Mark
$A A B B \times a a b b$ के बीच क्रॉंस में, AABB, AaBB, $A a b b, a a b b$ के बीच $F_2$ जीनरूप का अनुपात होगा
- A
$9: 3: 3: 1$
- B
$2: 1: 1: 2$
- ✓
$1: 2: 2: 1$
- D
$7: 5: 3: 1$
AnswerCorrect option: C. $1: 2: 2: 1$
(c) जीनरूप किसी जीव का अनुवांशिक रूप होता है जिसका मेन्डेलियन गुणों या जीन प्रकटनों से कोई संबंध नहीं होता है।

View full question & answer→MCQ 1721 Mark
मेण्डेलियन कारकों का पृथक्करण किसमें होता है
Answer(a) एनाफेज प्रथम में, वास्तविक पृथक्करण होता है, जबकि दो समान गुणसूत्र युग्म गुणसूत्र पर होते हैं जो एनाफेज-II में पृथक होते हैं।
View full question & answer→MCQ 1731 Mark
दो समरूप एलील युक्त जीव हैं-
Answer(c) समयुग्मनज जीवों में एक गुण के लिए (TT या $tt$ ) के लिए समान मेन्डेलियन कारक या जीन्स होते हैं। वे एक विशेषक गुण के लिए सदैव शुद्ध होते हैं।
View full question & answer→MCQ 1741 Mark
एक वर्णान्ध लड़की मिलना मुश्किल है। वर्णान्ध लड़की तभी होगी जब-
- A
उसकी मां व नाना वर्णान्ध हों।
- ✓
उसके पिता व नाना वर्णान्ध हों।
- C
उसकी मां वर्णान्ध व पिता सामान्य दृष्टि वाले हों।
- D
माता-पिता सामान्य दृष्टि वाले तथा दादा-दादी व नाना-नानी वर्णान्ध हों।
AnswerCorrect option: B. उसके पिता व नाना वर्णान्ध हों।
(b) माता का जीनरूप $X ^{\circ} X ^c$ या $X ^{\circ} X$ होगा तथा पिता का $X Y$ जिसके कारण पुत्री वर्णान्ध होगी।
View full question & answer→MCQ 1751 Mark
$A$ रक्त वर्ग वाले पुरुष का विवाह $A B$ रक्त वर्ग वाली महिला से होता है। किस प्रकार की सन्तति यह इंगित करेगी कि पुरुष विषमयुग्मनजी $A$ है। Wind
Answer(d) $I^A I^0 \times I^A I^B$ से प्राप्त होने वाला जीनरूप है: $I^A I^A$, $I ^{ O } I ^{ B }, I ^{ A } I ^{ OB }$
View full question & answer→MCQ 1761 Mark
बहुएलील (बहुविकल्पी) निम्न में से किसकी अनुवांशिकता का नियंत्रण करते हैं-
Answer(d) मनुष्य में रूधिर वर्गों का नियंत्रण बहु एलीलों द्वारा किया जाता है।
View full question & answer→MCQ 1771 Mark
मेण्डेलियन संकरणों में कारकों के विपर्यासी जोड़े कहलाते हैं
Answer(b) एलीलोमार्फ, समान गुण के भिन्न प्रकटनों या विशेषकों का नियंत्रण करते हैं।
View full question & answer→MCQ 1781 Mark
किसको अनुवांशिकी का पिता कहा जाता है?
Answer(b) ग्रेगर जॉन मेण्डल ने अनुवांशिकता के नियमों को प्रतिपादित किया। इसलिए उन्हें अनुवांशिकी का पिता कहा जाता है।
View full question & answer→MCQ 1791 Mark
Answer(c) स्वतंत्र अपव्यूहन के नियम के अनुसार भिन्न गुणों वाले एलील जो समजात गुणसूत्रों के भिन्न स्थानों में उपस्थित होते हैं, युग्मनक निर्माण के दौरान, एक दूसरे से स्वतंत्र रूप से पृथक या एकीकृत होते हैं।
View full question & answer→MCQ 1801 Mark
निम्न में से कौन-सी द्विसंकरित अवस्था है?
AnswerCorrect option: D. $TtRr$
(d) द्विसंकरण अवस्था में दो जोड़े मेन्डेलियन कारकों पर जीनों का साथ-साथ अनुवांशिकीकरण होता है।
View full question & answer→MCQ 1811 Mark
आंखों का नीला रंग, आंखों के भूरे रंग पर अप्रभावी है (आंखों का भूरा रंग नीले रंग पर प्रभावी लक्षण है)। भूरी आंखों वाला व्यक्ति जिसकी माता की आंखों का रंग नीला था, नीली आंखों वाली महिला से शादी करता है। बच्चे होंगे-
AnswerCorrect option: A. दोनों नीली व भूरी आखों वाले $1: 1$ अनुपात में
(a) भूरी आंखों वाले व्यक्ति का जीन रूप $Bb$ तथा उसकी पत्नी का $bb$ होगा। इसलिए $Bb \times bb = Bb$ $ab$ अतः अनुपात $1: 1$ होगा।
View full question & answer→MCQ 1821 Mark
वह एलील हो अन्य एलील की उपस्थिति में अपने प्रभाव को व्यक्त नहीं कर पाता, कहलाता है-
Answer(d) वह एलील जो संकर या प्रभावी एलील की उपस्थिति में अपना प्रभाव नहीं छोड़ पाते, अप्रभावी कहलाते हैं। इनको छोटे अक्षरों से व्यक्त किया जाता है।
View full question & answer→MCQ 1831 Mark
$RR$ (लाल) एन्टीरिनम का संकरण WW (सफेद)से कराया जाता है। संतति $RW$ गुलाबी होती है। यह उदाहरण है-
- A
प्रभाविता-अप्रभाविता (सुप्तता)
- ✓
- C
- D
Answer(b) अपूर्ण प्रभाविता वह परिघटना है जहां कोई भी एलील प्रभावी नहीं होता, इस प्रभाव के कारण दो शुद्ध जीवधारियों के बीच संकरण से उत्पन्न संकर, माता-पिता के गुणों का मिश्रण होता है।
View full question & answer→MCQ 1841 Mark
डाउन सिन्ड्रोम से पीड़ित नर बालक में लैंगिक पूरक होता है-
Answer(b) डाउन्स सिन्ड्रोम 21 वें गुणसूत्र की त्रिभुणन के कारण है, तथा एक दैहिक असामीन्यता है।
View full question & answer→MCQ 1851 Mark
बेटसन ने सहलग्नता व क्रॉसिंग ओवर के लिए संयुग्मन व प्रतिकर्षण नामक शब्दों का प्रयोग किया। पैतृक के युग्मन प्रकार का इसके क्रॉस और प्रतिकर्षण के साथ सही नाम लिखें।
- A
$AABB$, aabb युग्मन; $AABB , AAbb$ प्रतिकर्षण
- B
$AAbb , aaBB$ युग्मन; $AaBb$, aabb प्रतिकर्षण
- C
aaBB, aabb युग्मन; $AABB , aabb$ प्रतिकर्षण
- ✓
$AABB , aabb$ युग्मन; $AAbb , aaBB$ प्रतिकर्षण
AnswerCorrect option: D. $AABB , aabb$ युग्मन; $AAbb , aaBB$ प्रतिकर्षण
(d) बेटसन व पन्नेट (1906) ने मीठी मटर (लेथाईरस ओडोरेटस) में युग्मन व प्रतिकर्षण की खोज की।
View full question & answer→MCQ 1861 Mark
पुरुषों में हीमोफीलिया अधिक पाया जाता है क्योंकि यह
- A
अप्रभावी (सुप्त) गुण Y-गुणसूत्र द्वारा ले जाया जाता है।
- B
प्रभावी गुण $Y$-गुण सूत्र द्वारा ले जाया जाता है।
- C
प्रभावी विशेषक $X$-गुणसूत्र द्वारा ले जाया जाता है।
- ✓
अप्रभावी (सुप्त) विशेषक $X$-गुणसूत्र द्वारा ले जाया जाता है।
AnswerCorrect option: D. अप्रभावी (सुप्त) विशेषक $X$-गुणसूत्र द्वारा ले जाया जाता है।
(d) हीमोफीलिया लिंग-सहलग्न अप्रभावी विशेषक होता है। यह $X$ गुणसूत्र द्वारा संवहन होता है।
View full question & answer→MCQ 1871 Mark
निम्न में कौन-सी एक अनुवांशिक बीमारी है?
Answer(d) समयुग्मनजी प्रभावी दैहिक एलील्स गुणसूत्र 12 पर उपस्थित होते हैं जो फिनाइलकीटोन्यूरिया का कारण होते हैं।
View full question & answer→MCQ 1881 Mark
यदि पति-पत्नी सामान्य दृष्टिवाले हों तथापि उनके अपने-अपने पिता वर्णान्ध थे, तो उनकी पुत्री के वर्णान्ध होने की सम्भावना होगी-
- ✓
$0 \%$
- B
$25 \%$
- C
$50 \%$
- D
$75 \%$
AnswerCorrect option: A. $0 \%$
(a) पुत्री के वर्णान्ध होने की संभावना तभी होगी जबकि पिता वर्णान्ध हो।

सामान्य पुत्री संवाहक पुत्री सामान्य पुत्र वर्णान्ध पुत्र
अतः बेटी के वर्णान्ध होने की संभावना $0 \%$ है। View full question & answer→MCQ 1891 Mark
हिस्टोनो का आक्टोमर जो कि DNA से संयुक्त होता है, बनता है-
Answer(b) न्यूक्लियोसोम्स ध्रुवों पर चपटे गोलीय संरचनाएं होती हैं जिसमें हिस्टोन प्रोटीनों के चार आक्टामर होते हैं (प्रत्येक प्रकार के दो अणु के बने होते हैं।)
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$AaBb \& aaBB$ संकरण का परिणाम होगा-
- ✓
$1 AaBB : 1 aaBB$
- B
- C
$3 AaBB : 1 aaBB$
- D
$1 AaBB : 3 aaBB$
AnswerCorrect option: A. $1 AaBB : 1 aaBB$
(a) $AaBB \times aaBB$ संकरण में $50 \%$ सन्ततियाँ $AaBB$ जीन रूप वाली तथा $50 \% aaBB$ जीन रूप वाली होंगी। 
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अप्रभावी एपिस्टेसिस में $F _2$ पीढ़ी में दर्शरूप (फीनोटाइप) अनुपात होगा:
- A
$9: 6: 1$
- B
$15: 1$
- ✓
$9: 3: 4$
- D
$12: 3: 1$
AnswerCorrect option: C. $9: 3: 4$
(c) अप्रभावी प्रबलता में, अप्रभावी एलील्स किसी विशेषक के प्रकटन का दमन करते हैं।
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निम्न में से किसके कारण, $ABO$ रक्त समूह होता है-
- A
- ✓
अपूर्ण प्रभाविता (आंशिक प्रभाविता)
- C
- D
AnswerCorrect option: B. अपूर्ण प्रभाविता (आंशिक प्रभाविता)
(b) एक जीन की दो अवस्थाएँ हो सकती हैं जो गुणसूत्र में समान लोकस पर हो सकती हैं। ऐसे एलीलों को बहुएलील कहते हैं, तथा इस घटना को बहु एलीलिज्म कहते हैं। $ABO$ समूह में तीन एलील होते हैं- $I ^0, I ^{ A }$ or $A , I ^{ B }$ or (B$.
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$tt , Tt$ से संकरण करता है, संततियों के गुण होंगे-
- A
$75 \%$ अप्रभावी
- ✓
$50 \%$ अप्रभावी
- C
$25 \%$ अप्रभावी
- D
AnswerCorrect option: B. $50 \%$ अप्रभावी
(b) $tt$ के $Tt$ के संकरण से, $50 \%$ सन्ततियां अप्रभावी लक्षणों से युक्त होती हैं तथा $50 \%$ विषमयुग्मनजी प्रभावी लक्षणों को संद्मित करती हैं।
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ट्रिटिकेल विकसित की गयी है, अंतर्देशीय संकरण द्वारा-
- ✓
- B
- C
- D
गेहूं तथा एइजीलोप्स के बीच में
Answer(a) ट्रिटिकेल एक मानव निर्मित गेहूँ है जोकि गेहूँ ( ट्रिटिकम एस्टिवम) तथा राई (सिकेल सिरीयेल) के संकरण से प्राप्त हुआ है।
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जब एक मक्का के एल्बिनो मादा पौधे को हरे नर पौधे में संकरण कराया जाता है तब अगली पीढ़ी के सभी पौधे एल्बिनो होते हैं क्योंकि-
- A
एलबिनिज्म वाला विशेषक प्रभावी होता है
- B
एल्बिनो ऐसे जैव रसायनों से युक्त होते हैं जो हरे नर से प्राप्त प्लास्टिड्स को नष्ट कर देते हैं।
- ✓
मादा से प्राप्त लवक अनुवांशिक होते हैं।
- D
नर जनक के हरे लवक उत्परिवर्तित हो जाते हैं।
AnswerCorrect option: C. मादा से प्राप्त लवक अनुवांशिक होते हैं।
(c) मातृत्व अनुर्वांशिकता या कोशिकाद्रव्यी अनुर्वांशिकता में मातृत्व कोशिका द्रव्य से प्लाज्माजीन सन्ततियों में स्थानान्तरित होते हैं।
View full question & answer→MCQ 1961 Mark
दो सहलग्न जीन्स $a$ तथा $b 20 \%$ पुनर्संयोजन दर्शाते हैं। $++/++\times ab / ab$ के द्विसंकरण से बने संकरों से उत्पन्न युग्मकों में अनुपात होगा-
AnswerCorrect option: C. $+40: a b 40:+a 10: b 10$
(c) $++40: a b 40:+a 10:+b 10$
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मनुष्यों में द्विगुणित गुणसूत्रों की संख्या होती है-
Answer(a) गुणसूत्र समजात जोड़ों में पाए जाते हैं। दैहिक कोशिकाओं में ये द्विगुणित होते हैं। मानव में 23 जोड़े यानि 46 गुणसूत्र होते हैं। 22 जोड़े दैहिक गुणसूत्र व एक जोड़ा लिंग गुणसूत्र।
View full question & answer→MCQ 1981 Mark
कृषि में प्रयोग किये जाने वाले उत्परिवर्तन सामान्यतः होते हैं-
Answer(a) प्रेरित उत्परिवर्तन बाह्य कारकों की प्रतिक्रिया के फलस्वरूप होते हैं। ये रासायनिक पदार्थों जिन्हें म्यूटाजेन कहते हैं, के कारण होते हैं। कृषि में म्यूटाजेन्स का उपयोग पौधों में उपज बढ़ाने तथा बीमारी के प्रति अवरोधक क्षमता बढ़ाने में किया जाता है।
View full question & answer→MCQ 1991 Mark
एक परिवार में 5 लड़कियां हैं, छठें बच्चे के लड़का होने की क्या संभावना है?
- A
- B
$25 \%$
- ✓
$50 \%$
- D
$100 \%$
AnswerCorrect option: C. $50 \%$
(c) मनुष्यों मे 22 जोड़े दैहिक गुणसूत्र एवं एक जोड़ी लिंग गुणसूत्र होते हैं, जोकि मादाओं में $XX$ जबकि पुरुषों में $XY$ होते हैं। लड़का या लड़की होने की संभावना $50 \%-50 \%$ होती है।
View full question & answer→MCQ 2001 Mark
अगुणित (हैपलोइड्स) दोनों, अप्रभावी ( सुप्त) व प्रभावी एलील/उत्परिवर्तनों को व्यक्त (प्रकट) करते हैं। क्योंकि-
- A
प्रत्येक जीन के कई एलील होते हैं।
- B
प्रत्येक जीन के दो एलील होते हैं
- ✓
प्रत्येक जीन के लिए एक एलील
- D
AnswerCorrect option: C. प्रत्येक जीन के लिए एक एलील
(c) अगुणित जीनों में, प्रत्येक जीन चाहे वह प्रभावी या अप्रभावी हो, प्रत्येक उत्परिवर्तन प्रकट होता है।
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किसने मेण्डल की सफलता में योगदान दिया?
- A
डाटा का गुणात्मक विश्लेषण
- B
विभिन्न अनुवांशिक विशेषकों का अध्ययन
- C
उनकी जीव-विज्ञान की जानकारी
- ✓
एक बार में एक ही लक्षण का अध्ययन (विश्लेषण)
AnswerCorrect option: D. एक बार में एक ही लक्षण का अध्ययन (विश्लेषण)
(d) अपने पूर्ववर्तियों के विपरीत, जिन्होंने एक से अधिक गुणों का अध्ययन किया, मेण्डल ने एक समय पर, एक ही गुण की अनुवांशिकता का अध्ययन किया।
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