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MCQ (1 अंक)

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MCQ 11 Mark
स्तनधारियों में, कौन-सी रुधिर-वाहिका सामान्यतः सबसे अधिक यूरिया वहन करती है?
  • A
    वृक्क-शिरा
  • B
    पृप्ठ महाधमनी
  • यकृत-शिरा
  • D
    यक्त निवाहिका शिरा
Answer
Correct option: C.
यकृत-शिरा
(c) यकृत में यूरिया तथा अन्य पदार्थो का उत्पादन टोता रटता टै जिसे यकृत शिरा द्वारा हृदय के दाएं निलय में भेजा जाता है जिससे ये आक्सीकृत टो सकें। हृदय यदां से रूधिर को शरीर के अन्य भागों में वितरित करता है। इस प्रकार यकृत शिरा यथा अन्य रूधिर वाटिनियों द्वारा लाया गया अशुद्ध रूधिर मटाधमनी द्भारा भेजा जाता है। यकृत शिरा की तुलना में वृक्क शिरा में रूधिर की अशुद्धता कम टोगी।
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MCQ 21 Mark
मानव मूत्र आमतौर से अम्लीय होता है क्योंकि:
  • A
    उत्सर्जित प्लाज्मा प्रोटीनें अम्लीय होती हैं।
  • B
    पोटेशियम और सोटियम विनिमय में अम्लता पैदा हो जाती है।
  • हाइड्रोजन आयन सक्रिय रूप में निस्यंद से स्रावित हो जाते हैं।
  • D
    परिनलिकाकार कोशिकाओं में, सोडियम ट्रांसपोर्टर प्रत्येक सोडियम आयन का विनिमय एक हाइट्रोजन आयन से कर देता है।
Answer
Correct option: C.
हाइड्रोजन आयन सक्रिय रूप में निस्यंद से स्रावित हो जाते हैं।
(c) टाइड्रोजन $\left( H ^{+}\right)$आयन की उपस्थिति के कारण मूत्र की प्रकृति अम्लीय होती है। इनका स्राव निस्यंद में होता है।
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MCQ 31 Mark
तिलचट्टे की शरीर-कोशिकाएँ अपने नाइट्रोजनी अपशिप्ट को हीमोलिम्फ में प्रधान रूप से इस रूप में डाल देती हैं.
  • पोटैशियम यूरैट
  • B
    यूरिया
  • C
    कैल्सियम कार्बोनेट
  • D
    अमोनिया
Answer
Correct option: A.
पोटैशियम यूरैट
(a) तिलचट्टे की शरीर की कोशिकाएं अपने नाइट्रोजनी अपशिप्ट पदार्थो को सोडियम या पोटेशियम यूरेट के विलयन के रूप में हीमोलिम्फ में उत्सर्जित कर देती हैं।
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MCQ 41 Mark
मानव नर में जनन और मूत्र प्रणाली की साझी अंत्य वाहिका है
  • मूत्र मार्ग
  • B
    मूत्र वाहिनी
  • C
    शुक्रवाहक
  • D
    शुक्रवाहिका
Answer
Correct option: A.
मूत्र मार्ग
(a) मानव नर में जनन और मूत्र प्रणाली की साझा अंत्यवाहिका मूत्रमार्ग है, जो मैथुन के दौरान शुक्राणुओं का भी पथ है। इसकी लम्बाई लगभग $12-14 cm$ के मध्य होती है, एवं शिश्न के समापन छोर पर खुलती है।
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MCQ 51 Mark
दिए गए चित्र में मनुष्य के मूत्र-तंत्र का आरेख दर्शाया गया है जिसमें उसकी चार सरंचनाओं $A$ से $D$ का नामांकन किया गया है। उस विकल्प को चुनिए जिसमें सही संरचना के साथ-साथ उसकी सही विशिष्टता और/अथवा कार्य को बताया है।
  • A
    B-वृक्कद्रोणी (पेल्विस)-नाभिका (हाइलम) के भीतर की तरफ स्थित चौड़ा कीपाकार अवकाश, हेन्ले पाशों से प्रत्यक्ष रूप से जुड़ा होता है।
  • B
    $C$-मेडुला-वृक्क का भीतरी क्षेत्र जिसमें संपूर्ण नेफ्रॉन स्थित होते हैं।
  • C
    D-काटेक्स-वृक्क का बाहरी भाग जिसमें नेफ्रॉनों का कोई हिस्सा नहीं होता।
  • A-अधिवृक्क ग्रंथि (एड्रीनल)-वृक्क के अंग्र सिरे पर स्थित, कैटेकोलएमीन का स्ववण करती है जो ग्लाइकोजन के अपघटन को उद्दीपित करती है।
Answer
Correct option: D.
A-अधिवृक्क ग्रंथि (एड्रीनल)-वृक्क के अंग्र सिरे पर स्थित, कैटेकोलएमीन का स्ववण करती है जो ग्लाइकोजन के अपघटन को उद्दीपित करती है।
(d) $A$ - एड्रिनल ग्रंथि वृक्क के अग्रभाग पर स्थित होती है जिससे कैटेकोलामाइंस का स्राव होता है जो ग्लाइकोजन के विखण्डन को प्रेरित करता है।
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Question 61 Mark
निम्नलिखित में से किस एक विकल्प में छः प्राणियों को उनके अपने-अपने प्रकार के निकाले जाने वाले नाइट्रोजनी अपशिष्ट $( A , B , C )$ के अनुसार सही-सही श्रेणी में रखा गया है?
A- अमोनिया उत्सर्जीB- यूरिया उत्सर्जीC- अमोनिया उत्सर्जी
(a)कबूतर , मानवजलीय एम्फीबिया , छिपकलियाँकोकरोच , मेंढ़क
(b)मेंढ़क , छिपकलियांजलीय एम्फीबिया , मानवकोकरोच , कबूतर
(c)जलीय एम्फीबियामेंढ़क , मानवकबूतर , छिपकलियाँ
(d)जलीय एम्फीबियाकोकरोच , मानवमेंढ़क , कबूतर , छिपकलियाँ
Answer
(c) (1) वे जन्तु जो अमोनिया का उत्सर्जन करते हैं, अमोनोटेलिक कहलाते हैं जैसे जलीय उभयचर।
(ii) वे जन्तु जो यूरिया का उत्सर्जन करते हैं, यूरियोटेलिक कहलाते हैं जैसे मेंढ़क और मानव।
(iii) वे जन्तु जो यूरिक अम्ल का उत्सर्जन करते हैं, यूरिकोटेलिक कहलाते हैं जैसे - कबूतर, छिपकली, तिलचट्टा।
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MCQ 71 Mark
नेफ्रॉन का वह कौन सा भाग है जिसमें गुच्छीय निस्यंदन में से वैद्युत अपघट्यों तथा जल की अधिकतम मात्रा (70- 80 प्रतिशत) का पुन: अवशोषण होता है?
  • A
    हेन्ले पाश की आरोही भुजा
  • B
    दूरस्थ संवलित नलिका
  • समीपस्थ सवंलित नलिका
  • D
    हेन्ले पाश की अवरोही भुजा
Answer
Correct option: C.
समीपस्थ सवंलित नलिका
(c) लगभग सभी आवश्यक पोषक तत्त्व तथा 70-80 प्रतिशत इलेक्ट्रॉलाइटस व जल का पुनः अवशोषण समीपस्थ कुण्डलित नलिका (proximal convoluted tubule) द्वारा होता है।
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MCQ 81 Mark
निम्नलिखित में से किस एक में मूत्रवाहिनियाँ मूत्रजनन वाहिनियों के रूप में कार्य करती है?
  • A
    मानव नरों में।
  • B
    मानव मादाओं में।
  • C
    मेंढ़क के नर और मादा दोनों में।
  • नर मेंढकों में।
Answer
Correct option: D.
नर मेंढकों में।
(d) नर मेढक में शुक्राणुओं को मूत्रवाहिनियों के द्वारा वहन किया जाता है इसलिए नर में मूत्रवाहिनियों को यूरिनोजेनाइटल नलिका कहते है।
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MCQ 91 Mark
नाइट्रोजनी अपशिष्टों को यूरिकाम्ल विधि से बाहर निकाला जाना पाया जाता है:
  • सरीसृपों तथा पक्षियों में
  • B
    पक्षियों तथा ऐनेलिडों में
  • C
    ऐम्फिबियनों तथा सरीसृपों में
  • D
    कीटों तथा ऐम्फिबियनों में
Answer
Correct option: A.
सरीसृपों तथा पक्षियों में
(a) यूरिकोटीलक उत्संजिक जीव यूरिक अम्ल उत्पन्न करते हैं, जो कि डीएमिनेशन का परिणाम है। पक्षी और अधिकांश कीट आदि को इस श्रेणी में रखा जाता है।
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MCQ 101 Mark
वृक्क (गुर्दों) के कार्य के नियमन के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन सा एक कथन सही है?
  • जब कभी कोई बहुत ज्यादा से पानी पीता है, तब $ADH$ का विमोचन घट जाता है।
  • B
    शरीर पर अधिक ठंड के पहुंचने पर $ADH$ का विमोचन उत्तेजित होता हैं।
  • C
    ग्लोमेरूलसी रक्त प्रवाह में बढ़ोतरी होने से ऐंजियोटेंसिन II. का बनना उत्तेजित होता हैं।
  • D
    गर्मियों में जब वाष्पन के द्वारा शरीर से बहुत सा जल बाहर निकल जाता हैं, तब $ADH$ का विमोचन घट जाता है।
Answer
Correct option: A.
जब कभी कोई बहुत ज्यादा से पानी पीता है, तब $ADH$ का विमोचन घट जाता है।
(a) किसी के द्वारा बहुत अधिक जल का ग्रहण करने पर वृक्क $ADH$ के स्त्रावण के रोक देता है।
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MCQ 111 Mark
निम्नलिखित में से किस एक में, मानव नेफ्रान के एक विशिष्ट भाग का कार्य सही बताया गया है?
  • पोडोसाइट्स : सूक्ष्म अवकाश (रेखा - छिद्र) बनाते है ताकि रक्त का निस्यंदन होकर वह बोमैन कैप्सूल में की जा सके।
  • B
    हैन्ले लूप: ग्लोमेरुलसी निस्यंद में से मुख्य पदार्थों का अधिकांश पुन: अवशोषण होता है।
  • C
    दूरस्थ संबलित नलिका: $K ^{+}$आयनों का परिवर्ती रक्त केशिकाओं में पुनः अवशोषण
  • D
    अभिवाही धमनिका: रक्त की ग्लोमेरूलस से दूर वृक्क शिरा की ओर ले जाती है।
Answer
Correct option: A.
पोडोसाइट्स : सूक्ष्म अवकाश (रेखा - छिद्र) बनाते है ताकि रक्त का निस्यंदन होकर वह बोमैन कैप्सूल में की जा सके।
(a) ग्लोम पोडोसाइट्स अत्यन्त विशेष प्रकार की कोशिकाँए होती हैं जिसकी कोशिकीय रचना काफी जटिल होती है जो ग्लोमेरूलर निस्पन्दन बाधा के चयनात्मक रिसाव को स्थापित करने में मदद करता है।
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MCQ 121 Mark
निम्नलिखित में से कौन सी एक संरचना वृक्कीय पिरैमिड का भाग नहीं है
  • A
    परिनलिकाकार केशिकाएं
  • B
    कुण्डलित नलिकाएं
  • संग्राहक वाहिनियां
  • D
    हेनले के पाश
Answer
Correct option: C.
संग्राहक वाहिनियां
(c) रीनल पेल्विस वृक्क का सबसे अंतरंग भाग है। इसलिए कलेक्टिक नलिकाएँ रीनल पेल्विस का भाग नहीं है।
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MCQ 131 Mark
निम्नलिखित में से किस एक जीवधारी में उसके उत्सर्जी अंगों को सही मिलाया गया है?
  • A
    मेंढक-वृक्क, त्वचा तथा मुख एपिथीलियम
  • B
    मानव-वृक्क, सिबेशस ग्रंथियां तथा अश्रु ग्रंथियां
  • केंचुआ-ग्रसनीय, अध्यावरणी तथा पटीय नेफ्रीडिया
  • D
    कॉकरोच- माल्पीझी नलिकाऐंं तथा आंत्र अंधनाल
Answer
Correct option: C.
केंचुआ-ग्रसनीय, अध्यावरणी तथा पटीय नेफ्रीडिया
(c) केंचुआ के उत्सर्जी अंग को नेफ्रिडिया कहते हैं। केंचुआ में तीन प्रकार के नेफ्रिडिया संरचना पायी जाती है।
(i) सेप्टल और फैरेन्जियल नेफ्रिडिया दोनों ही इंटेरोनेफ्रिक होते हैं। यह उसके नाइट्रोजनी उत्पाद को आंत में भेज देता है।
(ii) इंटेगुमेंटरी नेफ्रिडिया एक्सोनेफ्रिक होते हैं। ये उसके नाइट्रोजनी कचरे को सीधे ही बाहर निकाल देता है।
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MCQ 141 Mark
वृक्क (गुर्दा) प्रतिरोपण से संबंधित निम्नलिखित चार कथनों (i-iv) पर विचार कीजिए और इनमें से दो सही कथनों को चुनिए।
(i) यद्यपि वृक्क प्रतिरोपण सही भी रहा फिर भी आदाता व्यक्ति को प्रतिरक्षा-निरोधकों का लम्बे समय तक सेवन करना आवश्यक हो सकता है।
(ii) कोशिका-माध्यमित प्रतिरक्षा अनुक्रिया, निरोप अस्वीकृति के लिए उत्तरदायी होती है।
(iii) निरोप की अस्वीकृति के लिए $B$-लिम्फोसाइट उत्तरदायी होते है।
(iv) प्रतिरोपण की स्वीकृति अथवा अस्वीकृति विशिष्ट इंटरफेरॉनों पर निर्भर होती है।
इनमें से दो सही कथन इस प्रकार हैं:
  • A
    (ii) तथा (iii)
  • B
    (iii) तथा (iv)
  • C
    (i) तथा (iii)
  • (i) तथा (ii)
Answer
Correct option: D.
(i) तथा (ii)
(d) वृक्क प्रतिरोपण के लिए उत्तक एवं रक्त वर्ग का एक होना एक अनिवार्य तत्व है। यद्यपि वृक्क प्रतिरोपण सही भी रहा फिर भी आदाता व्यक्ति को प्रतिरक्षा-निरोधकों का लम्बे समय तक सेवन करना आवश्यक हो सकता है। व्यक्ति की शारीरिक क्षमता स्वतः एवं गैर-स्वतः विभेदन और कोशिका-माध्यमित प्रतिरक्षा अनुक्रिया, निरोप अस्वीकृत के लिए उत्तरदायी होती है।
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MCQ 151 Mark
मानवों में प्रधान नाइट्रोजन उत्सर्गी यौगिक का संश्लेषण
  • A
    वृक्कों में होता है तथा उत्सर्जन अधिकांशत: यकृत में होता है।
  • B
    एवं परित्याग दोनों ही वृक्कों द्वारा होते हैं।
  • C
    यकृत में होता है एवं परित्याग भी इसी के द्वारा पित्त के माध्यम से होता है।
  • यकृत में होता है तथा उसका अधिकांश उत्सर्जन वृक्कों द्वारा होता है।
Answer
Correct option: D.
यकृत में होता है तथा उसका अधिकांश उत्सर्जन वृक्कों द्वारा होता है।
(d) मानवों में प्रधान नाइट्रोजन उत्सर्गी यौगिक यूरिया है। इसका संश्लेषण माइटोकॉन्ड्रिया के मैट्रिक्स में तथा यकृत कोशिकाओं के साइटोसोल (Cytosole) में होता है और इसका अधिकांश उत्सर्जन वृक्कों के द्वारा होता है।
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MCQ 161 Mark
मानव वृक्कों द्वारा उत्सर्जन के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन सा एक कथन सही है?
  • A
    हेन्ले पाश की अवरोही भुजा जल के लिए अपारगम्य होती है।
  • B
    दूरस्थ संवलित नलिका $HCO _3^{-}$के पुन: अवशोषण के लिए अक्षम होती है
  • ग्लोमेलुर (केशिकागुच्छ) निस्यंद का लगभग 99 प्रतिशत भाग वृक्क नलिकाओं द्वारा पुनः अवशोषित हो जाता है।
  • D
    हेन्ले पाश की आरोही भुजा इलेक्ट्रोलाइटों (विद्युत अपघटकों) के लिए अपारगम्य होती है।
Answer
Correct option: C.
ग्लोमेलुर (केशिकागुच्छ) निस्यंद का लगभग 99 प्रतिशत भाग वृक्क नलिकाओं द्वारा पुनः अवशोषित हो जाता है।
(c) मूत्र बनने में मुख्य रूप से तीन प्रक्रियायें-ग्लोमेरुलर निस्यंदन, पुन: अवशोषण एवं स्रवण शामिल होते हैं। प्रति दिन बनने वाले निस्यंद के आयतन (180 लीटर प्रति दिन) की उत्सर्जित मूत्र (1.5 लीटर) से तुलना की जाए तो यह समझा जा सकता है कि 99 प्रतिशत निस्यंद को वृक्क नलिकाओं द्वारा पुन: अवशोषित किया जाता है जिसे पुनः अवशोषण कहते हैं। हेनले-लूप की अवरोही भुजा जल के लिए पारगम्य होती है, परंतु वैद्युत अपघट्य के लिए लगभग अपारगम्य होती है। आरोही भुजा जल के लिए अपारगम्य होती है, लेकिन वैद्युत अपघट्य के लिए पारगम्य होती है। दूरस्थ संवलित नलिका में सोडियम आयन तथा जल का अवशोषण होता है। साथ ही, यह $HCO _3^{-}$के पुन: अवशोषण के लिए भी सक्षम होता है।
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MCQ 171 Mark
यूरिक अम्ल, निम्नलिखित में से किसके उर्त्सगी उत्पादों में :
  • A
    मेंढक
  • कॉकरोच (तिलचट्टा)
  • C
    केंचुआ
  • D
    मानव
Answer
Correct option: B.
कॉकरोच (तिलचट्टा)
(b) यूरिक अम्ल कॉकरोच के उत्सर्जी उत्पाद का मुख्य नाइट्रजनी अवयव है। सूखी परिस्थितियों में रहने वाले जानवरों को अपने शरीर में पानी संचित करना पड़ता है। इसलिए ये अमोनिया से यूरिक अम्ल के क्रिस्टल का संश्लेषण करते हैं। यूरिक अम्ल के क्रिस्टल हानिकारक नहीं होते तथा इन्हें शरीर में ज्यादा समय तक रखा जा सकता है। यूरिकोटेलिक जानवरों में ज्यादातर कीट जैसेकॉकरोच, सरीसृप तथा पक्षी आते हैं।
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MCQ 181 Mark
यदि मूत्राशय की दीवार में फैलाव-ग्राही पूरी तरह निकाल दिये गये हों, तो क्या होगा :
  • A
    मूत्रण नहीं होगा
  • B
    मूत्राशय में मूत्र एकत्रित नहीं होगा
  • लगातार मूत्रण होता रहेगा
  • D
    मूत्राशय में मूत्र सामान्य की तरह ही एकत्रित होता रहेगा
Answer
Correct option: C.
लगातार मूत्रण होता रहेगा
(c) मूत्रण मूत्रत्याग के समान है। मूत्रत्याग या मूत्रण मूत्र त्याग की क्रियाविधि है जो कि एक प्रतिवर्ती क्रिया है। जैसे ही मूत्राशय में मूत्र इकट्ठा होता है, खिंचाव ग्राही क्रियाशील होकर उद्दीपन को मेरुजज्जु तक पहुंचते हैं। खिंचाव ग्राही की अनुपस्थिति में मूत्र जमा होकर छलकने लगेगा।
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MCQ 191 Mark
हमारे पसीने, लार तथा आँसुओं मेंपाया जाने वाला लाइसोजाइम किसका विनाश करता है?
  • A
    कुछ खास कवकों का
  • कुछ प्रकार के जीवाणुओं का
  • C
    सभी विषाणुओं का
  • D
    अधिकांश विषाणु-संक्रमित कोशिकाओं का
Answer
Correct option: B.
कुछ प्रकार के जीवाणुओं का
(b) लाइसोजाइम एक जीवाणुरोधी पदार्थ है जिसका स्रावण मुख्यत: लार ग्रन्थियों द्वारा होता है।
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MCQ 201 Mark
बोमैन ग्रंथियाँ कहाँ पाई जाती हैं?
  • A
    मूत्रधर नलिकाओं के समीपस्थ सिरे पर
  • B
    अग्र पिट्यूटरी में
  • C
    कॉकरोच के मादा जनन तन्त्र में
  • हमारी नाक की घ्राण एपिथीलियम में
Answer
Correct option: D.
हमारी नाक की घ्राण एपिथीलियम में
(d) बोमैन की ग्रन्थियाँ हमारी नाक की घ्राण एपीथीलियम में पाई जाती हैं।
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MCQ 211 Mark
बोमेन ग्रन्थियां पायी जाती हैं-
  • A
    बाहय कर्ण नाल में
  • B
    केवल कार्टिकल नेफ्रोनों में
  • C
    जक्सटा-मेडयुलेरी नेफ्रोनों में
  • घ्राण एपिथीलियम (उपकला) में
Answer
Correct option: D.
घ्राण एपिथीलियम (उपकला) में
(d) बोमेन ग्रन्थियाँ घ्राण एपिथीलियम में पायी जाती हैं, ये श्लेष्मा का स्राव करती हैं जिसके कारण घ्राण एपिथीलियम नमी युक्त व कीटाणु रहित रहती है।
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MCQ 221 Mark
केंचुए होते हैं-
  • A
    यूरिकाम्ल उत्सर्जी जब पानी अधिक मात्रा में उपलब्ध हो।
  • B
    यूरिकाम्ल उत्सर्जी जब पानी की कमी हो।
  • अमोनोटेलिक (अमोनिया उत्सर्जी) जब पानी अधिक मात्रा में उपलब्ध हो
  • D
    यूरियोटेलिक (यूरिया उत्सर्जी) जब पानी अधिक मात्रा में उपलब्ध हो
Answer
Correct option: C.
अमोनोटेलिक (अमोनिया उत्सर्जी) जब पानी अधिक मात्रा में उपलब्ध हो
(c) कुछ जन्तुओं में उत्सर्जन की दो विधियां होती हैं उदाहरण केंचुआ। यह अमोनिया का उत्सर्जन करता है (अतः अमोनोटेलिक कहलाता है) जब पानी की मात्रा अधिक हो, परन्तु शुष्क परिस्थितियों में यूरिया (अतः यूरियोटेलिक होता है) का उत्सर्जन करता है।
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MCQ 231 Mark
आर्निथिन चक्र में, निम्न में से कौन-से अपशिष्ट पदार्थ रक्त से पृथक कर दिये जाते हैं-
  • A
    $CO _2$ व यूरिया
  • B
    अमोनिया व यूरिया
  • $CO _2$ व अमोनिया
  • D
    यूरिया व मूत्र
Answer
Correct option: C.
$CO _2$ व अमोनिया
(c) यूरिया $NH _2- CO - NH _2$ दो अमोनिया व एक $CO _2$ अणु से मिलकर बना होता है। अमोनिया का एक अणु, $CO _2$ से मिलकर कार्बोनिल फॉस्फेट बनाता है। यह आर्निथिन से मिलकर सिटलिन बनाता है। सिट्रलिन $NH _4^{+}$से मिलकर आर्जिनिन बनाता है। आर्जिनिन जल अपघटित होकर यूरिया व आर्निथिन बनाता है। आर्जिनेज एंजाइम की उपस्थिति में
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MCQ 241 Mark
'कुल दाब प्रवणता' जो ग्लोमेरूली से सम्पुट में निस्पन्दन के लिए आवश्यक होती है, है-
  • A
    $50 mmHg$
  • B
    $75 mmHg$
  • $20 mmHg$
  • D
    $30 mmHg$
Answer
Correct option: C.
$20 mmHg$
(c) (i) ग्लोमेरूलर केशिकीय दबाव (45 $mmHg$ ) निस्पन्दन के लिए उपयुक्त होता है।
(ii) कोलाइडल परासरणी दबाव (जो कि प्लाज्मा प्रोटीन्स मुख्यतः एल्ब्यूमिन के कारण होता है।) निस्पन्दन के विरूद्ध कार्य करता है इसकी $20 mmHg$ मात्रा होती है।
(iii) निस्पन्दन दबाव, जो बोमेन सम्पुट में भरे ग्लोमेरुलर निस्पन्दन के कारण होता है, निस्पन्दन के विरूद्ध कार्य करता है। इसकी मात्रा $10 mmHg$ होती है। कुल दाब प्रवणता $=45-(20+10) mmHg$ $=15 mm$ of $Hg (10-20 mm$ of $Hg )$
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MCQ 251 Mark
एक व्यक्ति लम्बे समय तक उपवास रखता है, उसके मूत्र में किसकी मात्रा असामान्य होगी-
  • A
    वसाओं की
  • B
    अमीनो अम्लों की
  • C
    ग्लूकोस की
  • कीटोन्स की
Answer
Correct option: D.
कीटोन्स की
(d) उपवास अवस्था में यकृत बड़ी मात्रा में कीटोनिक पदार्थों e.g. एसीटोएसीटेट ब्यूटोक्सी ब्यूटरेट तथा रक्त में कीटोनिक पदार्थों की अधिकता कीटोनेमिक व कीटोन्यूरिया कहलाती है।
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MCQ 261 Mark
एक स्थल चर जन्तु को इस योग्य होना चाहिये ताकि वह-
  • A
    मूत्र के द्वारा पानी की अधिक मात्रा का उत्सर्जन कर सके।
  • पानी का संरक्षण कर सके।
  • C
    त्वचा के माध्यम से लवणों को बाहर पम्प (निष्कासन) कर सके
  • D
    मूत्र द्वारा लवणों की अधिक मात्रा का उत्सर्जन कर सके।
Answer
Correct option: B.
पानी का संरक्षण कर सके।
(b) स्थलीय जन्तु के लिए जल प्रचुर मात्रा में उपलब्ध नहीं होता। इसलिए वे अति परासरी मूत्र का स्रावण करते हैं तथा जल का संरक्षण करते हैं। विकल्प (3) व (4) जलीय जन्तुओं के लक्षण हैं, जिन्हें लवणों के प्रवेश व जल की हानि की समस्या से जूझना पड़ता है। विकल्प (1) ताजे पानी के जन्तुओं का लाक्षणिक गुण है।
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MCQ 271 Mark
यूरेकोटेलिज्म उत्सर्जन पाया जाता है-
  • A
    स्तनियों व पक्षियों में
  • B
    मछलियों व ताजे (मीठे) पानी के प्रोटोजोएन्स में
  • पक्षियों, सरीसृपों व कीटों में
  • D
    मेंढकों व टोडों में
Answer
Correct option: C.
पक्षियों, सरीसृपों व कीटों में
(c) यूरिकोटेलिक जन्तुओं में नाईट्रोजनी अपशिष्ट पदार्थ यूरिक अम्ल के रूप में बाहर निकाल दिये जाते हैं। अमोनोटेलिज्म (अमोनिया उत्सर्जन) जलीय जन्तुओं में दिखायी पड़ता है जिनमें नाइट्रोजनी वर्ज्य पदार्थ अमोनिया के रूप में उत्सर्जित होते हैं। उदाहरण मछलियां, टेडपोल। यूरियोटेलिज्म मनुष्यों में होता है जिनमें नाईट्रोजनी वर्ज्य पदार्थ यूरिया के रूप में उत्सर्जित किये जाते हैं।
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MCQ 281 Mark
संकुचनशील रसधानी (contractile vacuole) युक्त, ताजे-पानी के प्रोटोजोएन को यदि खारे-पानी युक्त गिलास में रख दिया जाए तो रसधानी-
  • A
    संख्या में बढ़ जायेगी
  • B
    लुप्त हो जायेगी
  • C
    आकार में बढ़ जायेगी
  • आकार में घट जायेगी
Answer
Correct option: D.
आकार में घट जायेगी
(d) एक ताजे जल के प्रोटोजोएन को, खारे पानी के माध्यम में रखने पर, इसमें लवण का प्रवेश नहीं होगा परन्तु पानी की कमी होने लगती है। इस कारण संकुचनशील रसधानी आकार में घट जायेगी।
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MCQ 291 Mark
यदि स्तनी नेफ्रोन से हेन्लेलूप अनुपस्थित हो जाये, तो निम्न में से क्या संभावित है-
  • मूत्र की तनुता और बढ़ जायेगी
  • B
    मूत्र का निर्माण नहीं होगा
  • C
    बने हुए मूत्र की गुणवत्ता, मात्रा पर मुश्किल से ही कोई प्रभाव पड़ेगा
  • D
    मूत्र और अधिक सान्द्र हो जायेगा।
Answer
Correct option: A.
मूत्र की तनुता और बढ़ जायेगी
(a) हेन्लेलूप मूत्र के सान्द्रण व अतिपरासरी मूत्र के उत्पादन से जुड़ा होता है।
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MCQ 301 Mark
हाइड्रा में, भोजन पाचन के अपशिष्ट पदार्थ तथा नाइट्रोजनी वर्ज्य पदार्थ पृथक कर दिये जाते हैं-
  • मुख व देह भित्ति द्वारा
  • B
    मुख व स्पर्शक (टेन्टेकिल्स) द्वारा
  • C
    मुख व दंशिका द्वारा
  • D
    देह भित्ति व स्पर्शक द्वारा
Answer
Correct option: A.
मुख व देह भित्ति द्वारा
(a) सीलेंटरेट होने के कारण, हाइड्रा का शरीर अंध कोष के समान होता है। इसमें मुख ही, भोजन के अंतर्ग्रहण व वर्ज्य पदार्थों के उत्सर्जन का कार्य करता है। शरीर भित्ति भी उन दोनों कार्यों को भी करती है।
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MCQ 311 Mark
निम्न में से कौन एक सुमेलित जोड़ा है-
  • A
    अश्रु-लवणों का उत्सर्जन
  • पसीना (स्वेद) - ताप नियमन
  • C
    लार-भोजन स्वाद
  • D
    सेबम - लिंग आकर्षण
Answer
Correct option: B.
पसीना (स्वेद) - ताप नियमन
(b) पसीना, शरीर के ताप का नियमन करता है
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MCQ 321 Mark
केंचुए के एन्टेरोनेफ्रिक वृक्क संबंधित होते हैं
  • A
    जलीय संतुलन से
  • नाइट्रोजनी वर्ज्य पदार्थों के उत्सर्जन से
  • C
    पाचन से
  • D
    श्वसन से
Answer
Correct option: B.
नाइट्रोजनी वर्ज्य पदार्थों के उत्सर्जन से
(b) नेफ्रीडिया (वृक्क) उत्सर्जी अंग है। केंचुए में नेफ्रीडिया होते हैं- पटीय (सेपटल) नेफ्रीडिया, ग्रसनीय नेफ्रीडिया व इनटेगयुमेन्टेरी (कवचीय, आवरणीय) नेफ्रीडिया। पटीय नेफ्रीडिया उत्सर्जी द्रव को बाहर नहीं निकालते बल्कि इसे आंत में उड़ेल देते हैं। इसलिए इन्हें एन्टेरोनेफ्रिक नेफ्रीडिया भी कहते हैं।
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MCQ 331 Mark
कशेरुकियों में सान्द्रित (अतिपरासरी) मूत्र का बनना निर्भर करता है-
  • A
    समीस्थ कुण्डलित नलिका की लम्बाई पर
  • हेन्लेलूप की लम्बाई पर
  • C
    बोमन सम्पुट, एपिथीलियम के क्षेत्र पर
  • D
    ग्लोमेरूलस (केशिका गुच्छ) बनाने वाले केशिकीय जाल पर
Answer
Correct option: B.
हेन्लेलूप की लम्बाई पर
(b) हेन्लेलूप, परासरी नियमन व मूत्र सान्द्रण से जुड़े होते हैं। इस प्रकार यह अतिपरासरी मूत्र उत्पन्न करते हैं।
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MCQ 341 Mark
वृक्क नलिकाओं में जल के लिए दूरस्थ कुण्डलित नलिका व संग्रह नलिका की पारगम्यता नियंत्रित की जाती है-
  • वेसोप्रेसिन द्वारा
  • B
    एल्डोस्टीरोन द्वारा
  • C
    वृद्धि हार्मोन द्वारा
  • D
    रेनिन द्वारा
Answer
Correct option: A.
वेसोप्रेसिन द्वारा
(a) वृद्धि हार्मोन, जो पीयूष ग्रन्थि के अग्रपिण्ड द्वारा स्रावित होता है। प्रोटीन संश्लेषण द्वारा शरीर में वृद्धि करता है तथा ऊतकों में प्रोटीन का संचयन करता है। वृक्क की विशेष कोशिकाओं द्वारा स्रावित रेनिन, रक्त दाब का नियमन करता है। एल्डोस्टीरोन नेफ्रिक (वृक्कीय) निस्पन्दन से सक्रिय अवशोषण द्वारा $Na ^{+}$के उत्सर्जन को कम करता है
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MCQ 351 Mark
सोलेनोसाइट्स मुख्य उत्सर्जी संरचनाएं होती हैं-
  • प्लेटीहेलिमन्थीस में
  • B
    एनेलिड्स में
  • C
    मोलस्क में
  • D
    इकानोडर्मेट्स में
Answer
Correct option: A.
प्लेटीहेलिमन्थीस में
(a) प्लेटीहेलिमन्थीस में
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MCQ 361 Mark
यूरियोटेलिक (यूरिया उत्सर्जी) जन्तुओं में, यूरिया का निर्माण होता है-
  • A
    आर्जिनिन चक्र द्वारा
  • B
    कॉरी चक्र द्वारा
  • आर्निथिन चक्र द्वारा
  • D
    EM पाथवे द्वारा
Answer
Correct option: C.
आर्निथिन चक्र द्वारा
(c) आर्निथिन चक्र द्वारा
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MCQ 371 Mark
मानव वृक्क (गुर्दे) की आधारीय कार्यात्मक इकाई है
  • नेफ्रान
  • B
    नेफ्रीडिया
  • C
    पिरामिड
  • D
    हेन्लेलूप
Answer
Correct option: A.
नेफ्रान
(a) नेफ्रीडिया (वृक्क) एनेलिड्स की उत्सर्जी संरचनाएं होती हैं। हेन्लेलूप, कशेरूकियों के गुर्दे के नेफ्रान या वृक्क नलिकाओं का हिस्सा होते हैं।
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MCQ 381 Mark
हैजे से पीड़ित व्यक्ति को सेलाइन ड्रिप लगायी जाती है क्योंकि
  • A
    $Cl ^{-}$आयन रक्त प्लाज्मा के मुख्य घटक होते हैं।
  • $Na ^{+}$आयन पानी को शरीर में बनाये रखने में मदद करता है।
  • C
    $Na ^{+}$आयन, पदार्थों के झिल्ली के आर-पार गमन में लिए महत्वपूर्ण होते हैं।
  • D
    $Cl ^{-}$आयन, पेट में पाचन के लिए, $HCl$ के निर्माण में सहायता करते हैं।
Answer
Correct option: B.
$Na ^{+}$आयन पानी को शरीर में बनाये रखने में मदद करता है।
(b) हैजे से पीड़ित रोगी में, कोलेरा एन्टेरोटाक्सिन उत्पन्न होता है जो अंतराकोशिकीय चक्रीय $AMP$ के संश्लेषण को बढ़ा देता है, जिससे आंत्र श्लेष्मा की पारगम्यता बढ़ जाती है जिसके कारण छोटी आंत से द्रव का स्रावण बढ़ जाता है। इसलिए रोगी को सेलाइन ड्रिप दी जाती है जिसके कारण $Na ^{+}$पानी को शरीर में रोककर परासरी सन्तुलन को बनाये रखता है।
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MCQ 391 Mark
आर्निथिन चक्र में, वर्ज्य पदार्थों का कौन-सा जोड़ा रक्त से पृथक कर दिया जाता है
  • A
    $CO _2$ व यूरिया
  • $CO _2$ व अमोनिया
  • C
    अमोनिया व यूरिया
  • D
    यूरिया व सोडियम लवण
Answer
Correct option: B.
$CO _2$ व अमोनिया
(b) यूरियोटेलिक (यूरिया उत्सर्जी) जन्तुओं में, आर्निथिन चक्र द्वारा अमोनिया से यूरिया का निर्माण होता है$CO _2+2 NH _3 \rightarrow CO \left( NH _2\right)_2+ H _2 O$ अमोनिया यूरिया
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MCQ 401 Mark
यूरिक अम्ल, नाइट्रोजनी अपशिष्ट होता है-
  • A
    स्तनियों व मोलस्कों में
  • पक्षियों व छिपकलियों में
  • C
    मेंढक व उपास्थिय महलियों में
  • D
    कीटों व अस्थियुक्त मछलियों में
Answer
Correct option: B.
पक्षियों व छिपकलियों में
(b) यूरिक अम्ल का उत्सर्जन, यूरिकोटेलिज्म कहलाता है। यूरिक अम्ल का उत्सर्जन, उन जन्तुओं के लिए लाभदायक होता है जिन्हें जीवित रहने के लिए जल का संरक्षण करना पड़ता है। उदाहरण पक्षी, छिपकलियाँ।
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MCQ 411 Mark
यदि वृक्कों में जल का पुन: अवशोषण न हो, तो ऊतकों पर क्या प्रभाव पड़ेगा-
  • A
    अप्रभावित रहेंगे
  • सिकुड़ जाएंगे व झुर्रीदार हो जायेंगे
  • C
    रक्त प्लाज्मा से जल अवशोषण करेंगे
  • D
    रक्त से अधिक $O _2$ लेंगे
Answer
Correct option: B.
सिकुड़ जाएंगे व झुर्रीदार हो जायेंगे
(b) यदि वृक्क (गुर्दे) पानी का अवशोषण न कर पाये, तो मूत्र तनु हो जायेगा व पोलीयूरिया (बार-बार मूत्र का आना) के कारण शरीर के ऊतक जल रहित हो जायेंगे। इस प्रकार कोशिका में पानी की कमी हो जायेगी और वह सिकुड़ जायेगी।
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MCQ 421 Mark
निम्न में से कौन वृक्क नलिकाओं का भाग नहीं है-
  • ग्लोमेरूलस (कोशिका गुच्छ)
  • B
    हेन्लेलूप
  • C
    दूरस्थ कुण्डलित नलिका
  • D
    संयोजी नलिका
Answer
Correct option: A.
ग्लोमेरूलस (कोशिका गुच्छ)
(a) ग्लोमेरूलस (केशिका गुच्छ) 50 केशिकाओं का समूह होता है, जिसमें असंख्य छिद्र होते हैं, तथा बोमेन सम्पुट की ल्यूमेन से आधारीय परत द्वारा पृथक होते हैं।
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MCQ 431 Mark
ग्लोमेरूलर निस्पन्द से ग्लूकोस के पुनः अवशोषण की प्रक्रिया कहलाती है
  • सक्रिय गमन द्वारा
  • B
    निष्क्रिय गमन द्वारा
  • C
    विसरण द्वारा
  • D
    परासरण द्वारा
Answer
Correct option: A.
सक्रिय गमन द्वारा
(a) सक्रिय गमन द्वारा
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MCQ 441 Mark
नाइट्रोजनी उत्सर्जी पदार्थ निम्न रूप में उत्सर्जित किये जाते हैं- (या नाइट्रोजन वर्ज्य पदार्थों का उत्सर्जन किस रूप में होता है-)
  • A
    टेडपोल में यूरिया तथा वयस्क मेंढक में अमोनिया
  • टेडपोल में अमोनिया तथा वयस्क मेंढक में यूरिया
  • C
    टेडपोल व वयस्क मेंढक दोनों में यूरिया
  • D
    टेडपोल में यूरिया तथा वयस्क मेंढक में यूरिक अम्ल में
Answer
Correct option: B.
टेडपोल में अमोनिया तथा वयस्क मेंढक में यूरिया
(b) अमोनिया अणु छोटे व पानी में काफी घुलनशील होते हैं। अमोनियोटेलिक (अमोनिया उत्सर्जी) जन्तुओं में, अमोनिया के उत्सर्जन के लिए बड़ी मात्रा में पानी की आवश्यकता होती है। अतः यह तंत्र जलीय जन्तुओं जैसे मेंढक के टेडपोल में पाया जाता है। जब टेडपोल परिपक्व मेंढक में बदल जाता है तो यह यूरियोटेलिक ( यूरिया उत्सर्जी) हो जाता है।
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MCQ 451 Mark
सामान्य अवस्थाओं में, निम्न में से कौन एक वृक्क नलिका में पूर्ण पुन: अवशोषित हो जाता है-
  • A
    यूरिया
  • B
    यूरिक अम्ल
  • C
    लवण
  • ग्लूकोस
Answer
Correct option: D.
ग्लूकोस
(d) समीस्थ कुडंलित नलिका (PCT) की कोशिकाएं, सम्पूर्ण ग्लूकोज, अमीनो अम्ल, अधिकांशतः अकार्बनिक आयन $\left( Na ^{+}, K ^{+}, Cl ^{-}\right)$अधिकतर पानी व कुछ मात्रा में यूरिया का पुनः अवशोषण कर लेती है। ग्लूकोस का पुनः अवशोषण, सक्रिय व सर्वाधिक प्रभावी ढंग से होता है।
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MCQ 461 Mark
समीपस्थ व दूरस्थ कुंडलित नलिकाएं हिस्सा होती हैं-
  • नेफ्रोन का
  • B
    वास डिफरेंस का
  • C
    अण्डवाहिनी का
  • D
    आंत (आन्त्र) का
Answer
Correct option: A.
नेफ्रोन का
(a) यह नेफ्रोन का हिस्सा है, नेफ्रोन हमारे उत्सर्जन तंत्र की उत्सर्जक इकाई है जो बड़ी मात्रा में हमारे गुर्दों में उपस्थित होते हैं। समीस्थ कुण्डलित नलिका (PCT) वृक्क कार्टेक्स में होती है दूरस्थ कुण्डलित नलिका (DCT) वृक्क कार्टेक्स में होती है, यह भी $PCT$ के समान होती है तथा संग्रह नलिका में जाकर खुलती है।
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MCQ 471 Mark
समीस्थ व दूरस्थ कुण्डलित नलिकाएं हिस्सा होती हैं-
  • A
    सेमीनीफेरस नलिकाओं का
  • नेफ्रान का
  • C
    अण्डवाहिनी का
  • D
    शुक्र वाहक का
Answer
Correct option: B.
नेफ्रान का
(b) नेफ्रान, मानव उत्सर्जी तंत्र की उत्सर्जी इकाई होती है। प्रत्येक नेफ्रान में, बोमन सम्पुट, समीस्थ कुडंलित नलिका (PCT), हेन्लेलूप (अवरोही व आरोही भुजा), दूरस्थ कुडंलित नलिकाएं (DCT) जो कि संग्रह नलिकाओं में प्रवेश करती हैं, होती हैं।
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MCQ 481 Mark
ब्रुश किनारे लाक्षणिक गुण होता है-
  • A
    नेफ्रान के गले का
  • B
    संग्रह नलिका का
  • समीस्थ कुण्डलित नलिका का
  • D
    उपर्युक्त सभी का
Answer
Correct option: C.
समीस्थ कुण्डलित नलिका का
(c) समीस्थ कुण्डलित नलिका का
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MCQ 491 Mark
ग्लोमेरूलर फिल्ट्रेट (निस्पन्द) में उपस्थित लाभदायक पदार्थों का पुनः अवशोषण होता है-
  • A
    संग्रह नलिका में
  • B
    हेन्लेलूप में
  • समीस्थ कुण्डलित नलिका में
  • D
    दूरस्थ कुण्डलित नलिका में
Answer
Correct option: C.
समीस्थ कुण्डलित नलिका में
(c) अधिकांशतः लाभदायक पदार्थ जैसे ग्लूकोस (सभी) अमीनो अम्ल (सभी), अधिकांशतः अकार्बनिक आयन $\left( Na ^{+}, K ^{+}, Cl ^{-}\right.$आदि $)$अधिकांशत: बफर बाई कार्बोनेट समीस्थ कुंडलित नलिका में पुनः अवशोषित कर लिये जाते हैं। कोशिकाएं अवशोषण के लिए विशेष रूप से अनुकूलित हो जाती है जिससे उनमें असंख्य सूक्ष्मांकुर व माइट्रोकान्ड्रिया सक्रिय अवशोषण को ऊर्जा प्रदान करने के लिए उत्पन्न हो जाते हैं।
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