Questions

निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर सविस्तर लिखिए : [5 गुण ]

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5 questions · self-marked practice — reveal the answer and mark yourself.

Question 15 Marks
यदि किसी क्षेत्र में एक वर्ष या उससे भी अधिक समय तक वर्षा न हो तो क्या होगा? 
Answer
वाष्पन एवं वाष्पोत्सर्जन द्वारा मृदा से लगातार जल की क्षति होती रहती है क्योंकि यह वर्षा द्वारा वापस नहीं लाया जा रहा है, इसलिए मृदा सूख जाती है। उस क्षेत्र के तालाबों और कुओं में जल का स्तर गिर जाता है और उनमें से कुछ सूख भी जाते हैं। भौम - जल की भी कमी हो जाती है। इससे सूखा पड़ सकता है। सूखे की स्थिति में खाद्यान्न और चारा प्राप्त करना दुर्लभ हो जाता है।
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Question 25 Marks
भारी वर्षा का क्या परिणाम हो सकता है? समझाइए। 
Answer
अत्यधिक वर्षा से बहुत सी समस्याएँ उत्पन्न हो सकती हैं। भारी वर्षा से नदियों, झीलों तथा तालाबों का जल स्तर बढ़ सकता है। ऐसा होने पर जल एक बड़े क्षेत्र में फैलकर बाढ़ का कारण बन सकता है। यह खेतों, वनों, गाँवों और शहरों को जलमग्न कर सकता है। बाढ़ के समय जल में रहने वाले जीव भी बह जाते हैं। प्रायः जब बाद का जल उतरता है तो ये जलाशय जीव, थल भाग में फंसकर मर जाते हैं। 
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Question 35 Marks
जल को पृथ्वी के पृष्ठ पर पुनः वापस लाने में संघनन - प्रक्रम किस प्रकार महत्त्वपूर्ण होता है? 
Answer
जैसे - जैसे हम पृथ्वी के पृष्ठ से ऊपर जाते हैं, ताप कम हो जाता है। जैसे - जैसे वायु ऊपर उठती जाती है, ठण्डी होती जाती है। पर्याप्त ऊँचाई पर वायु इतनी ठण्डी हो जाती है कि इसमें उपस्थित जलवाष्प संघनित होकर छोटी - छोटी जल की बूंदों में परिवर्तित हो जाती है। ये जल की बूंदें मिलकर इतनी भारी हो जाती हैं कि नीचे की ओर गिरने लगती है। इस प्रकार संघनन प्रक्रम द्वारा जल वर्षा, ओले तथा हिम के रूप में पुनः धरती पर वापस आ जाता है। 
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Question 45 Marks
हम वर्षा के जल का संग्रहण किस प्रकार कर सकते हैं? वर्णन कीजिए। 
Answer
वर्षा जल का संग्रहण: वर्षा जल को एकत्र करके, उसका प्रयोग करना, जल की उपलब्धता में वृद्धि करने का एक उपाय है। इस उपाय द्वारा वर्षा के जल को एकत्र करने को 'वर्षा जल संग्रहण' कहते हैं। वर्षा - जल संग्रहण का मूलमंत्र है कि जल जहाँ गिरता है, उसे वहीं एकत्र कर लें।' वर्षा जल संग्रहण की दो तकनीकें निम्न प्रकार से हैं। (i) छत के ऊपर वर्षा जल संग्रहण: इस प्रणाली में भवनों की छतों पर एकत्रित वर्षा के जल को भंडारण टैंक में पाइपों द्वारा पहुंचाया जाता है। इस जल में, छत पर उपस्थित मिट्टी हो सकती है, इसलिए इसको नियंदित करना आवश्यक होता है। इस जल को भंडारण टैंक के स्थान पर सीधे ही पाइपों द्वारा जमीन में बने किसी गड्ढे तक भी ले जाया जा सकता है, जिससे यह भौम जल की पुनः पूर्ति करेगा।
(ii) इसके अतिरिक्त सड़क के किनारे बनी नालियों द्वारा एकत्रित वर्षा का जल भूमि में सीधे पहुँचने देना चाहिए।
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Question 55 Marks
'सूर्य के प्रकाश में वाष्पन तीव्र गति से होता है।' प्रयोग द्वारा समझाइये। 
Answer
वाष्पन के लिए जल को ऊष्मा की आवश्यकता होती है, जो उसे प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से सूर्य के प्रकाश से प्राप्त होती है। वाष्पन की तीव्र तथा धीमी गति को हम निम्न प्रयोग के द्वारा समझ सकते हैंप्रयोग-इसके लिए दो एक जैसी प्लेट लेते हैं। एक प्लेट को सूर्य के प्रकाश (धूप) में तथा दूसरी प्लेट को किसी छायादार स्थान पर रखते हैं। इसके बाद इन दोनों प्लेटों में बराबर मात्रा में जल भरते हैं। फिर प्रत्येक 15 मिनट पश्चात् दोनों प्लेटों को देखते हैं। हम देखते हैं कि सूर्य के प्रकाश की ऊष्मा के कारण धूप में रखी प्लेट का जल तेजी से कम होता है। इसके विपरीत छाया वाली प्लेट को सीधे ऊष्मा नहीं मिलने के कारण, उसका जल धीमी गति से कम होता है। 
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