Questions

निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर सविस्तर लिखिए : [5 गुण ]

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Question 15 Marks
केंचुआ किस प्रकार गति करता है? वर्णन कीजिए।
Answer
केंचुए की गति: केंचुए का शरीर अनेक छल्लों से बना होता है। इसके शरीर में अस्थियाँ नहीं होती परन्तु इसमें पेशियाँ होती हैं, जो इसके शरीर के घटने और बढ़ने में सहायता करती हैं। गति के समय, केंचुआ अपने शरीर के पश्च भाग को भूमि में जकड़े रहता है तथा अन भाग को फैलाता है। इसके बाद अग्र भाग से भूमि को पकड़कर पश्च भाग को स्वतंत्र कर देता है। इसके बाद यह शरीर को संकुचित करता है और पश्च भाग को आगे की ओर खींचता है। इससे वह कुछ दूरी तक आगे बढ़ता है। केंचुआ इस प्रक्रिया को बार - बार दोहराते हुए मिट्टी पर आगे बढ़ता है। इसके शरीर में चिकने पदार्थ होते हैं, जो इसे चलने में सहायता करते हैं। इसके शरीर में अनेक छोटे - छोटे बाल जैसे शूक होते हैं, जो पेशियों से जुड़े होते हैं। ये शूक ही मिट्टी में इसकी पकड़ को मजबूत बनाते हैं।
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Question 25 Marks
अस्थियों को गति करने योग्य कौन बनाता है? स्पष्ट करें। 
Answer
किसी अस्थि को गति प्रदान करने के लिए दो पेशियों को संयुक्त रूप से कार्य करना होता है। जब इन दो पेशियों में से कोई एक पेशी सिकुड़ती है तब अस्थि उस दिशा में खिंच जाती है, जबकि दूसरी पेशी लम्बाई में बढ़कर पतली हो जाती है अर्थात् शिथिल अवस्था में आ जाती है। अब अस्थि को विपरीत दिशा में गति करने के लिए शिथिल पेशी सिकुड़कर अस्थि को अपनी पूर्व स्थिति में खींचती है, जबकि पहले वाली पेशी अब शिथिल अवस्था में आ जाती है। पेशी केवल खींच सकती है, वह धक्का नहीं दे सकती। अत: एक अस्थि को गति देने के लिए दो पेशियों को संयुक्त रूप से कार्य करना पड़ता है। इस प्रकार स्पष्ट है कि पेशियाँ ही अस्थि को गति करने योग्य बनाती हैं।
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Question 35 Marks
निम्नलिखित पर संक्षिप्त टिप्पणियों लिखिए
1. पसली पिंजर 
2.  मेरुदंड 
3. कंधे की अस्थियाँ 
4.  श्रोणि अस्थियाँ 
5. मानव खोपड़ी। 
Answer
  1. पसली पिंजर: हमारे वक्ष की अस्थियाँ (पसलिया) विशेष रूप से मुड़ी हुई है। वे वक्ष की अस्थि एवं मेरुदंड से जुड़कर एक बक्से की रचना करती हैं। यह शंकुरूपी बक्सा ही 'पसली पिंजर' कहलाता है। हमारे शरीर के कुछ महत्त्वपूर्ण अंग इसमें सुरक्षित रहते हैं। 
  2. मेरुदंड: हमारी गर्दन से प्रारम्भ होकर पीठ पर नीचे की ओर तक की संरचना मेरुदंड कहलाती है। यह अनेक छोटी - छोटी अस्थियों से बना होता है। पसली पिंजर भी वक्ष क्षेत्र की इन अस्थियों से जुड़ा होता है। 
  3. कंधे की अस्थियाँ: हमारे कंधे के समीप दो उभरी हुई दिखाई देने वाली अस्थियाँ कंधे की अस्थियाँ कहलाती
  4. श्रोणि अस्थियाँ: ये बॉक्स के समान एक ऐसी संरचना बनाती हैं, जो हमारे आमाशय के नीचे पाए जाने वाले विभिन्न अंगों की रक्षा करता है। यह कूल्हे वाला वह हिस्सा है, जिसके सहारे हम बैठते हैं। 
  5. मानव खोपड़ी: हमारी खोपड़ी अनेक अस्थियों के एक-दूसरे से जुड़ने से बनी है। यह हमारे मस्तिष्क को ढककर उसकी सुरक्षा करती है। 
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