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Question 15 Marks
ध्वनि द्वारा उत्पन्न विक्षोभ के लिए दूरी के संदर्भ में दाब या घनत्व के परिवर्तनों को दर्शाने के लिए कोई वक्र खींचिए। इस वक्र पर संपीडन एवं विरलन की स्थितियाँ दर्शाइए। इस व्रक का उपयोग करके तरंगदैर्घ्य एवं आवर्तकाल की परिभाषा दीजिए।
Answer

ध्वनि किसी माध्यम में क्रमागत संपीडनों तथा विरलनों के रूप में संचरित होती है। संपीडन उच्च दाब एवं घनत्व के वे क्षेत्र हैं जहाँ माध्यम के कण एक दूसरे के अत्यंत समीप होते हैं तथा विरलन निम्न दाब एवं घनत्व के वे क्षेत्र हैं जहाँ माध्यम के कण एक दूसरे से दूर-दूर होते हैं। जब कोई वस्तु कंपन करना प्रारंभ करती है तो यह अपने चारों ओर विद्यमान माध्यम के कणों को कंपमान कर देती है। ये कण कंपमान वस्तु से हमारे कानों तक स्वयं गति करके नहीं पहुँचते। सबसे पहले कंपमान वस्तु के संपर्क में रहने वाले माध्यम के कण अपनी संतुलित अवस्था से विस्थापित होते हैं। ये अपने समीप के कणों पर एक बल लगाते है जिसके फलस्वरूप निकटवर्ती कण अपनी विरामवस्था से विस्थापित हो जाते हैं। निकटवर्ती कणों को विस्थापित करने के पश्चात् प्रारंभिक कण अपनी मूल अवस्थाओं में वापस लौट आते हैं। यह प्रक्रिया तब तक चलती रहती है जब तक कि ध्वनि श्रोता के कानों तक न पहुँच जाए। माध्यम में ध्वनि द्वारा उत्पन्न विक्षोभ माध्यम से होता हुआ संचरित होता है। विक्षोभ का वह क्षेत्र जहाँ माध्यम में कण एक-दूसरे के निकट आ जाते हैं, संपीडन कहलाता है तथा वह क्षेत्र जहाँ माध्यम के कण एक-दूसरे से दूर चले जाते हैं, विरलन कहलाता है।
हमारे पास एक वक्र है जो ध्वनि द्वारा उत्पन्न विक्षोभ के घनत्व अथवा दाब परिवर्तन को प्रदर्शित करता है। दिए गए चित्र में, सीधी रेखाएं वायु के कणों की सामान्य स्थिति दर्शाती हैं। घनी रेखाएं संपीडन क्षेत्र तथा कम घनी रेखाएं विरलन क्षेत्र को प्रदर्शित कर रही हैं।
दो क्रमागत संपीडनों अथवा दो क्रमागत विरलनों के बीच की दूरी तंरगदैर्घ्य कहलाती है। किसी स्थिर बिंदु से उत्पन्न दो क्रमागत संपीडनों अथवा दो क्रमागत विरलनों के बीच की दूरी को तय करने में लगा समय तरंग का आवर्तकाल कहलाता है।

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Question 25 Marks
ध्वनि की चाल, इसकी तरंगदैर्घ्य एवं आवृत्ति में संबंध स्थापित कीजिए। यदि ध्वनि का वायु में वेग $340 ms^{-1}$ हो, तो
  1. 256 Hz आवृत्ति के लिए तरंगदैर्घ्य, तथा
  2. 0.85 m तरंगदैर्घ्य के लिए आवृत्ति परिकलित कीजिए।
Answer
ध्वनि की चाल को किसी तंरग द्वारा प्रति एकांक समय में तय की गई दूरी के रुप में परिभाषित किया जा सकता है। चाल 'v' का सामान्य सूत्र है-
चाल = 
हमें ज्ञात है कि वह न्यूनतम दूरी जिस पर किसी माध्यम का घनत्व या दाब आवर्ती रूप में अपने मान की पुनरावृत्ति करता है, ध्वनि की तरंगदैर्ध्य कहलाती है। अतः चाल के सामान सूत्र में मान रखने पर:
$v=\frac{\lambda}{\mathrm{T}}=\lambda \times \frac{1}{\mathrm{~T}}$ 
हम जानते हैं, कि, $v=\frac{1}{\mathrm{~T}}$ (जहाँ v =  चाल)
v = $\lambda v$
अर्थात्, चाल = तरंगदैर्ध्य $\times$ आवृत्ति
दिया गया है, वायु में ध्वनि की चाल $v = 340$ मी. से.$^{-1}$ तथा आवृत्ति, v = 256 हर्ट्ज
  1. $\therefore$ चाल = तंरगदैर्ध्य $\times$ आवृत्ति
    340 = $\lambda$ $\times$ 256
    $\therefore$ $\lambda=\frac{340}{256}$ = 1.33 मी.
  2. पुनः दिया गया है,
    तंरगदैर्ध्य, $\lambda$ = 0.8 मी.
    तब, वायु में तरगं की आवृत्ति, v =
    $\therefore$ चाल = तंरगदैर्ध्य $\times$ आवृत्ति
    $v=\frac{340}{0.85} \times \frac{340 \times 100}{85}$
    = 400 हर्ट्ज
    अतः 256 हर्ट्ज आवृत्ति होने पर तंरगदैर्ध्य 1.33 मी. होगी तथा आवृत्ति 400 हर्ट्ज होने पर तंरगदैर्ध्य 0.85 मी. होगी।
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Question 35 Marks
निम्नलिखित प्रकरणों को दो पृथक आरेखों द्वारा ग्राफीय रूप में निरूपित कीजिए
  1. दो ध्वनि तंरगें जिनके आयाम समान परंतु आवृत्तियाँ भिन्न हों
  2. दो ध्वनि तंरगें जिनकी आवृत्तियाँ समान परंतु आयाम भिन्न हों
  3. दो ध्वनि तरंगें जिनके आयाम एवं तरंगदैर्घ्य दोनों भिन्न हों
Answer
  1. दो ध्वनि तरंगें जिनके आयाम समान परंतु आवृत्तियाँ भिन्न हों-
    दोनों प्रकराणों में: $A_1 = A_2 $
  2. दो ध्वनि तंरगें जिनकी आवृत्तियाँ समान परंतु आयाम भिन्न हों-
    दोनों प्रकरणों में, $f_1 = f_2$
    परंतु, $A_1 \ne A_2$ 
  3. दो ध्वनि तंरगें जिनके आयाम एवं तरंगदैर्ध्य दोनों भिन्न हों-
    दोनों प्रकरणों में, $A_1 \ne A_2$
    परंतु, $\lambda_1 \ne \lambda_2$
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Question 45 Marks
अच्छे सम्मेलन कक्षों अथवा कंसर्ट हॉलों की छत तथा मंच के पीछे की दीवारें वक्राकार क्यों बनाई जाती हैं?
Answer

कंसर्ट हॉलों की छत तथा मंच के पीछे की दीवारें वक्राकार बनाई जाती हैं जिससे कि परावर्तन के पश्चात् ध्वनि हॉल के सभी भागों में समान रूप से पहुँच जाए तथा श्रोता ध्वनि को स्पष्ट रूप से सुन सकें।

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Question 55 Marks
चित्र में कान द्वारा घड़ी की टिक-टिक की प्रबलतम ध्वनि सुनने के लिए कोण x ज्ञात कीजिए।
Answer
परावर्तन के नियमों के अनुसार:
आपतन कोण सदैव परावर्तन कोण (r) के बराबर होता है।
दिया गया है, कि-
\angle r = x
तथा  \angle i = \angle r
क्योंकि AOB एक सरल रेखा है। अतः, सरल रेखा पर बने सभी कोणों का योगफल आवश्यक रूप से $180^o $होता है।
$\therefore   \angle AOB = 50^o +  \angle i +  \angle r + 50^o $
सभी मान रखने पर,
$180^o = 50^o + 2 \angle x + 50^o $
$\angle x = 40^o $
$\therefore   \angle x, 40^o$​​​​​​​ का होगा। 
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