अपरस रहत सनेह तगा तें, नाहिन मन अनुरागी ।
पुरइनि पात रहत जल भीतर, ता रस देह न दागी ।
ज्यौं जल माहँ तेल की गागरि, बूँद न ताकौं लागी ।
प्रीति-नदी में पाऊँ न बोरयो, दृष्टि न रूप परागी ।
'सूरदास' अबला हम भोरी, गुर चाँटी ज्यों पागी ।।
(क) उपर्युक्त पद में वक्ता ओर श्रोता क्रमशः हैं :
i. उद्धव - गोपियाँ
ii. गोपियाँ - उद्धव
iii. सूरदास - उद्धव
iv. गोपियाँ - सूरदास
(ख) 'पुरइनि पात रहत जल भीतर, ता रस देह न दागी' - पंक्ति में किसक् थति की ओर संकेत है ? सही विकल्प का चयन कीजिए -
I. उद्धव के दुर्भाग्यशाली होने की ओर ।
II. उद्धव के सौभाग्यशाली होने की ओर ।
III. कृष्ण के प्रेम से प्रभावित होने की ओर ।
IV. कृष्ण के प्रेम से अप्रभावित होने की ओर ।
विकल्प-
i. कथन । सही है ।
ii. कथन । ओर ॥ सही हैं ।
iii. कथन II और III सही हैं ।
iv. कथन । ओर IV सही हैं ।
(ग) कथन (A) और कारण (R) को ध्यानपूर्वक पढ़कर सही विकल्प चुनकर लिखिए :
कथन (A) : गोपियों ने व्यंग्य कसते हुए उद्धव को भाग्यशाली कहा है ।
कारण (R) : कृष्ण के सानिध्य में रहते हुए भी उद्धव के मन में कृष्ण के प्रति अनुराग उत्पन्न नहीं हुआ ।
i. कथन (A) गलत है, कितु कारण (R) सही है ।
ii. कथन (A) और कारण (R) दोनों ही गलत हैं ।
iii. कथन (A) सही है और कारण (R) कथन (A) की सही व्याख्या है ।
iv. कथन (A) सही हे कितु कारण (R) कथन (A) की सही व्याख्या नहीं है ।
(घ) 'गुर चाँटी ज्यों पागी' पंक्ति में कोन किसका प्रतीक है ?
i. गुर (गुड़) उद्धव का, चाँटी (चींटी) सुरदास का ।
ii. गुर (गुड़) उद्धव का, चाँटी (चींटी) श्रीकृष्ण का ।
iii. गुर (गुड़) श्रीकृष्ण का, चाँटी (चींटी) उद्धव का ।
iv. गुर (गुड़) श्रीकृष्ण का, चाँटी (रींटी) गोपियों का ।
(ड) उद्धव के व्यवहार की तुलना गोपियों ने किससे की है ? सही विकल्प का चयन कीजिए -
I. जल में पड़े रहने वाले कमल के पत्ते से ।
II. जल में पड़ी रहने वाली तेल की गागर से ।
III. गुड़ से चिपकी रहने वाली चींटी से ।
IV. कृष्ण की प्रीति-नदी में पाँव डुबाने से ।
विकल्प :
i. कथन । सही है ।
ii. कथन । और ॥ सही हैं ।
iii. कथन ॥ ओर II सही हैं ।
iv. कथन । ओर IV सही हैं ।