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पूरक पाठ्यपुस्तक प्रश्नो (3M)

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Question 13 Marks
आपके विचार से मित्रता की कौन-कौन सी कसौटियाँ  हो सकती हैं? टोपी शुक्ला पाठ के संदर्भ में तीन बिंदु लिखिए।
Answer
सच्चा मित्र जीवन की अनुपम निधि होता है। वह जीवन के हर अच्छे-बुरे समय में साथ देता है, विशेषकर विपत्ति के समय तो वह हमारा सहयोग एवं समर्थन सच्चे दिल से करता है। टोपी शुक्ला तथा इफ़्फन भी सच्चे मित्र हैं। वे दोनों एक-दूसरे को धर्म, जाति, संप्रदाय आदि से ऊपर उठकर प्रेम करते हैं। दोनों के बीच मित्रता इतनी गहरी है कि इफ़्फन के चले जाने पर टोपी स्वयं को अत्यंत अकेला महसूस करता है। वह इफ़्फन तथा उसकी दादी को हृद्य से चाहता था, इसीलिए इफ़्फन के पिता के तबादले के कारण उसके चले जाने पर वह बहुत अधिक मायूस हो जाता है और कसम खाता है कि अब वह ऐसे किसी लड़के से दोस्ती नहीं करेगा, जिसके पिता जी की तबादले वाली नोकरी हो। इन दोनों की दोस्ती से सच्ची मित्रता की प्रेरणा ली जा सकती है।
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Question 23 Marks
सपनों के-से दिन पाठ के आधार पर तब के स्कूली बच्चों के पहनावे तथा खेल-कूद की तुलना आज के स्कूली बच्चों से कीजिए। दोनों में से आप किसे अच्छा समझते हैं और क्यों?
Answer
"सपनों के-से दिन" पाठ के अनुसार, तब के स्कूली बच्चों के पहनावे में साधापन और पारंपरिकता थी। लड़के आमतौर  पर कुर्ता और पेंट पहनते थे, जबकि लड़कियाँ साड़ी या सलवार-कुर्ता पहनती थीं। उनके खेल-कूद में भी सरलता थी; वे खुली जगहों पर खेलते थे, जैसे कि गिल्ली-डंडा, कंचे, और  काबड्डी।
आज के स्कूली बच्चों के पहनावे में अधिक आधुनिकता और फेशन का समावेश है। वे जींस, टीशर्ट और खेल के कपड़े पहनते हैं। खेल-कूद की गतिविधियाँ भी बदल गई हैं, अब बच्चे क्रिकेट, फुटबॉल और वीडियो गेम्स में रुचि रखते हैं।
यदि दोनों में तुलना की जाए, तो में तब के बच्चों के पहनावे और  खेल-कूद को अधिक अच्छा मानता हूँ। इसका कारण यह हे कि तब के पहनावे में सहजता और  पारंपरिकता थी, जो बच्चों को एकता और भारतीय संस्कृति से जोड़ती थी। खेलों में भी शारीरिक सक्रियता अधिक थी, जो स्वास्थ्य के लिए लाभकारी होती थी।
हालांकि, आज के बच्चों का पहनावा और खेल-कूद आधुनिकता और विविधता को दर्शाता है, लेकिन इसमें कभी-कभी स्वास्थ्य और सामाजिक संबंधों की कमी होती है। इसलिए, एक संतुलित हृष्टिकोण अपनाना चाहिए, जिसमें पारपरिकता और  आधुनिकता दोनों का समावेश हो।
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Question 33 Marks
हरिहर काका कहानी वृद्धों के प्रति संवेदनहीन होते समाज की कथा है। इस कथन को कहानी के आधार पर उदाहरण सहित सिद्ध कीजिए।
Answer
हरिहर काका वृद्धों के प्रति संवेदनहीन होते समाज की कहानी नहीं है क्योंकि इस कहानी में मतलबी रिश्ते दिखाए गए हैं जो कि एक जमीन जायदाद पर आधारित है। जब तक मतलब निकल रहा है तब तक रिश्ते अच्छे हैं और जेसे मतलब खत्म साथ में रिस्ते भी खत्म हैं। इस कहानी में समाज में मतलबी और  धोखापन पहलुओं की ओर आकर्षित करती है, हमें यह देखने को मिलता है, जीवन में रिश्ते केवल पैसों पर ही आधारित होते हैं। व्यक्ति को कभी भी अपनी संपत्ति अपने जीते जी अपनी संतान के नाम नहीं करनी चाहिए।
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पूरक पाठ्यपुस्तक प्रश्नो (3M) - Hindi - B STD 10 Questions - Vidyadip