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पूरक पाठ्यपुस्तक प्रश्नो (3M)

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Question 13 Marks
आप एक समृद्ध परिवार से हैं लेकिन आपका मित्र बहुत ग़रीब है। उससे दोस्ती निभाते समय आप कोन-सी सावधानियाँ बरतेंगे और क्यों? टोपी शुक्ला पाठ के संदर्भ में लिखिए।
Answer
हम एक समृद्ध परिवार से हैं और हमारा मित्र गरीब परिवार से है तो हम ये ध्यान रखेंगे कि जानेअनजाने हमसे कोई भी ऐसा व्यवहार न हो जिससे उसे ठेस पहुँचे। हम उसके सामने अपने पैसों ओर रुतबे का दिखावा नहीं करेंगे ओर सामान्य व्यक्ति के समान ही व्यवहार करेंगे। हम अपने परिवारजनों से भी कह देंगे कि कोई भी उसके सामने अमीर होने का दिखावा नहीं करें।
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Question 23 Marks
सपनों के से दिन पाठ में पीटी सर की किन चारित्रिक विशेषताओं का उत्लेख किया गया है? वर्तमान शिक्षा व्यवस्था में स्वीकृत मान्यताओं ओर पाठ में वर्णित युक्तियों के सम्बन्ध में अपने विचार जीवन मूल्यों की दूष्टि से व्यक्त कीजिए।
Answer
पी.टी. सर की चारित्रिक विशेषताएँ :
i. रौबदार व्यक्तित्व - पी.टी. सर का व्यक्तित्व बहुत रोबदार था। वे स्कूल के समय में कभी भी मुर्कुराते नहीं थे। माता के दागों से भरा चेहरा तथा बाज-सी तेज आँखें, खाकी वर्दी, चमड़े के चोड़े पंजों वाले बूट, सभी कुछ रौबदार व भयभीत करने वाला था।
ii. कठोर अनुशासन प्रिय - पी.टी. मास्टर बहुत कठोर थे। वह छात्रों को अनुशासन में लाने के लिए बहुत कठोर ओर कूर दण्ड दिया करते थे। छात्रों को घुड़की देना, ठुदडे मारना, उन पर बाज की तरह झपटना, उनकी खाल खींचना उनके लिए बाएँ हाथ का खेल था।
iii. स्वाभिमानी - पी.टी. मास्टर का सिद्धांत है कि लड़कों को डाँट-डपट कर रखा जाए। इसलिए चोथी कक्षा के बच्चों को मुर्गा बनाकर कष्ट देना उन्हें अनुचित नहीं लगता। अतः जब हेडमास्टर उन्हें कठोर दण्ड देने पर मुअत्तल कर देते हैं तो वह गिड़गिड़ाने नहीं जाते।
iv. बाहर से कठोर किन्तु कोमल हृदय - पी.टी. सर बाहर से कठोर किन्तु हृदय से कोमल थे। उन्होंने घर में तोते पाल रखे थे। जब उनको स्कूल से मुअत्तल किया गया, तब वे अपने तोतों से बात करते व उन्हें भीगे हुए बादाम खिलाते थे। स्काउट परेड अच्छी करने पर छात्रों को शाबाशी भी देते थे।
मेरे विचार से, शारीरिक दंड पर रोक लगाना बहुत आवश्यक कदम है। वर्तमान शिक्षा व्यवस्था में शारीरिक दंड को स्वीकृत मान्यता नहीं हे। शिक्षकों को छात्रों को पीटने का अधिकार नहीं हे। बच्चों को विद्यालय में शारीरिक दंड से नहीं अपितु मानसिक संस्कार द्वारा अनुशासित करना चाहिए। इसके लिए पुरस्कार, प्रशंसा, निंदा आदि उपाय अधिक ठीक रहते हैं, क्योंकि शारीरिक दण्ड के भय से बन्चा कभी भी अपनी समस्या अपने शिक्षक के समक्ष नहीं रख पाता है। उसे सदेव यही भय सताता रहता है कि यदि वह अपने अध्यापक को अपनी समस्या बताएगा, तो उसके अध्यापक उसकी कहीं पिटाई न कर दें जिसके कारण वह बच्चा दब्लू किसम का बन जाता है। इसके स्थान पर यदि उसे स्रेह से समझाया जाएगा, तो वह सदेव अनुशासित रहेगा और ठीक से पढ़ाई भी करेगा।
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Question 33 Marks
वर्तमान समाज में पारिवारिक संबंधों का क्या महत्व हे? हरिहर काका कहानी में यह सच्चई केसे उजागर होती है?
Answer
पारिवारिक संबंध अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। ये हमें परिवार, समाज, राष्ट्र से जोड़ते हैं। रिश्तों के अभाव में परिवार, समाज और राष्ट्र जेसी संस्थाओं की कल्पना भी नहीं की जा सकती। रिश्तों में ही व्यक्ति को संतुष्टि, सुख, आनंद प्राप्त होता है। रिश्तों के अभाव में तो व्यक्ति एकाकी होकर जीवन से दूर हो जाते हैं। आधुनिक परिवर्तित समाज तथा रिश्तों में बदलाव आ रहा है। परिवार ओर रिश्ते दोनों ही अपनी भूमिका छोड़ रहे हैं। उनमें स्वार्थ लोलुपता आती जा रही है। कथावस्तु के आधार पर हरिहर काका एक वृद्ध नि.संतान व्यक्ति हैं, वैसे उनका भरा-पूरा संयुक्त परिवार है। परिवार को हरिहर काका की चिन्ता नहीं है। परिवार के सदस्यों को जब लगता है काका कहीं अपनी जमीन महंत के नाम न कर दें तब वे उनकी सेवा करने लगते हैं, परन्तु बाद में अपनी स्वार्थसिद्धि पूर्ण न होती देख वे काका के साथ क्रूरतापूर्ण अमानवीय व्यवहार करते हैं, परन्तु महन्त के सहयोग से पुलिस वहाँ आकर काका की रक्षा करती हे। पारिवारिक संबंधों में भ्रातृभाव को बेदखल कर पाँव पसारती जा रही स्वार्थलिप्षा, हिंसावृत्ति का रूप ले रही हे जिससे समाज में रिश्तों में दूरियाँ और विघटन उत्पन्न हो रहा है।
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पूरक पाठ्यपुस्तक प्रश्नो (3M) - Hindi - B STD 10 Questions - Vidyadip