तथा दधीचि ने दिया परार्थ अस्थिजाल भी।
उशीनर-क्षितीश ने स्वमांस दान भी किया,
सहर्ष वीर कर्ण ने शरीर-चर्म भी दिया।
अनित्य देह के लिए अनादि जीव क्या डरे?
वही मनुष्य है कि जो मनुष्य के लिए मरे।।
(i) रंतिदेव कोन थे?
क)एक दानी राजा
ख)महाराजा
ग) ऋषि
घ) सेनापति
(ii) कबूतर को बचाने के लिए राजा शिवि ने क्या किया?
क) इनमें से कोई नहीं
ख) अपना राज्य दान किया
ग) अपना भोजन दान दिया
घ) अपने मांस का दान दिया
(iii) किसने अपने कवच-कुडंल दान में दिए?
क) दधीचि ने
ख) रंतिदेव ने
ग) कुती पुत्र कर्ण ने
घ) राजा शिवि ने
(iv) वास्तव में असली मनुष्य किसको माना है?
क)जो दूसरों की चिंता करता है।
ख) जो संसार को त्यागकर तपस्वी बन जाता है।
ग) जो अपने लिए जीता है।
घ) जो परोपकारी भाव रखता है।
(v) दधीचि ने समाज के लिए क्या त्याग किया ?
क) अपना ऐश्वर्य
ख) अपने शरीर की हड्डियाँ
ग) अपनी धन संपत्ति
घ) अपना राजपाट