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पढ़क्कू की सूझ question types

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पढ़क्कू की सूझ questions

One sample from each question group in this chapter. Select any group above to see the full set with answer keys.

Q 2MCQ1 Mark
पढ़क्कू, ने बैल के मालिक को क्या समझा-
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घंटी टुन-टुन खूब बजेगी, तुम न पास आओगे,
मगर बूंद भर तेल साँझ तक भी क्या तुम पाओगे?
मालिक थोड़ा हँसा और बोला कि पढ़क्कू जाओ,
सीखा है यह ज्ञान जहाँ पर, वहीं इसे फैलाओ।
यहाँ सभी कुछ ठीक-ठाक है, यह केवल माया है,
बैल हमारा नहीं, अभी तक मंतिख पढ़ पाया है।
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जब तक यह बजती रहती है, मैं न फ़िक्र करता हूँ,
हाँ, जब बजती नहीं, दौड़कर तनिक पूँछ धरता हूँ।
कहा पढ़क्कू ने सुनकर, तुम रहे सदा के कोरे!
बेवकूफ! मंतिख की बातें समझ सकोगे थोड़े!
अगर किसी दिन बैल तुम्हारा सोच-समझ अड़ जाए,
चले नहीं, बस, खड़ा-खड़ा गर्दन को खूब हिलाए।
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आख़िर, एक रोज़ मालिक से पूछा उसने ऐसे,
अजी, बिना देखे, लेते तुम जान भेद यह कैसे?”
कोल्हू का यह बैल तुम्हारा चलता या अड़ता है?
रहता है घूमता, खड़ा हो या पागुर करता है?”
मालिक ने यह कहा, “अजी, इसमें क्या बात बड़ी है?
नहीं देखते क्या, गर्दन में घंटी एक पड़ी है?
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एक पढ़क्कू बड़े तेज़ थे, तर्कशास्त्र पढ़ते थे,
जहाँ न कोई बात, वहाँ भी नई बात गढ़ते थे।
एक रोज़ वे पड़े फ़िक्र में समझ नहीं कुछ पाए,
बैल घूमता है कोल्हू में कैसे बिना चलाए?”
कई दिनों तक रहे सोचते, मालिक बड़ा गज़ब है?
सिखा बैल को रक्खा इसने, निश्चय कोई ढब है।
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कई दिनों तक रहे सोचते, मालिक बड़ा गजब है?
सिखा बैल को रखा इसने, निश्चय कोई ढब है।
आखिर, एक रोज़ मालिक से पूछा उसने ऐसे,
"अजी, बिना देखे, लेते तुम जान भेद यह कैसे?
कोल्हू का यह बैल तुम्हारा चलता या अड़ता है?
रहता है घूमता, खड़ा हो या पागुर करता है?"

(i) पढ़क्कू के अनुसार मालिक ने बैल को क्या सिखा रखा था?
(ii) पढ़क्कू ने मालिक से क्या पूछा?
(iii) 'पागुर' शब्द का अर्थ बताइए।
(iv) 'कोल्हू का बैल' मुहावरे का वाक्य में प्रयोग कीजिए।
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घंटी ‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾ खूब बजेगी, तुम न ‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾, मगर ‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾ साँझ तक भी ‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾ तुम पाओगे? मालिक थोड़ा ‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾ और बोला कि ‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾ सीखा है ‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾ जहाँ पर, ‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾ फैलाओ।
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