Question types

अपठित गद्यांश question types

8 questions across 1 question group — pick any mix to generate a Hindi paper with step-by-step answer keys.

8
Questions
1
Question groups
5
Question types
Sample Questions

अपठित गद्यांश questions

One sample from each question group in this chapter. Select any group above to see the full set with answer keys.

चिन्तारहित खेलना खाना,
वह फिरना निर्भय स्वच्छन्द।
कैसे भूला जा सकता है,
बचपन का अतुलित आनन्द ॥

रोना और मचल जाना भी,
क्या आनन्द दिखाते थे।
बड़े-बड़े मोती से आँसू,
जयमाला पहनाते थे ॥

प्रश्न 1. कविता का शीर्षक दीजिए।
प्रश्न 2. इस कविता में किसको नहीं भूलने का वर्णन किया गया है?
प्रश्न 3. जयमाला किसे कहा गया है?

View full solution
धन के बिना मनुष्य ऊपर उठ सकता है। विद्या बिना भी उन्नति कर सकता है, पर चरित्र के बिना वह सर्वथा पंगु है। किसी अन्य गुण से इसकी तुलना नहीं की जा सकती। निर्धन और धनवान, अशिक्षित और शिक्षित प्रत्येक मनुष्य के लिए चरित्र-बल आवश्यक है। निर्धन की तो यह एक मात्र पूँजी है। धनवान के लिए निर्धन की अपेक्षा चरित्र की अधिक आवश्यकता होती है। क्योंकि प्रलोभन व वासना के जाल में फंसे रहना, धनवान के लिए अधिक संभव है। चरित्रहीन धनवान, चरित्रहीन निर्धन की अपेक्षा कहीं अधिक भयंकर होता है।

प्रश्न 1. उपर्युक्त गद्यांश का शीर्षक लिखिए।
प्रश्न 2. चरित्रबल की किसके लिए अधिक आवश्यकता बतायी गई है।
प्रश्न 3. चरित्रबल को किसकी एकमात्र पूँजी बताया गया है?
प्रश्न 4. उपर्युक्त गद्यांश का सारांश लिखिए।

View full solution
कुछ लोग सोचते हैं कि खेलने-कूदने से समय नष्ट होता है। स्वास्थ्य रक्षा के लिए व्यायाम कर लेना ही काफी है। पर खेलकूद से स्वास्थ्य तो बनता ही है, साथ-साथ मनुष्य कुछ ऐसे गुण भी सीखता है जिनका जीवन में विशेष महत्त्व है। सहयोग से काम करना, विजय मिलने पर अभिमान न करना, हार जाने पर साहस न छोड़ना, विशेष ध्येय के लिए नियमपूर्वक काम करना आदि गुण खेलों के द्वारा अनायास सीखे जा सकते हैं। खेल के मैदान में केवल स्वास्थ्य ही नहीं बनता, वरन् मनुष्य भी बनता है। खिलाड़ी वे बातें अनायास ही सीख जाते हैं जो उसे आगे चलकर नागरिक जीवन की समस्या को सुलझाने में सहायता देती

प्रश्न 1. उपर्युक्त गद्यांश का शीर्षक लिखिए।
प्रश्न 2. कुछ लोगों का खेल-कूद के विषय में क्या विचार है?
प्रश्न 3. खेल-कूद के द्वारा कौन से गण सीखे जा सकते
प्रश्न 4. उपर्युक्त गद्यांश का सार लिखिए।

View full solution
देश-प्रेम का भाव एक पवित्र भाव है । इस पवित्र भाव से पूर्ण मानव का जीवन आदर्श और अनुकरणीय होता है। देश-प्रेमी व्यक्ति सदा अपने देश का हित सोचता है । वह उसे विश्व का शिरोमणि बना देना चाहता है। वह मनसा, वाचा, कर्मणा ऐसा व्यवहार करता है जिससे देश गौरवान्वित हो। उसे हर समय देशहित की चिन्ता रहती है। ऐसा देश-प्रेम ही हमें संकीर्ण धरातल से ऊपर उठाता है।

प्रश्न 1. उपर्युक्त गद्यांश का उचित शीर्षक लिखिए।
प्रश्न 2. देश-प्रेमी मानव का जीवन आदर्श और अनुकरणीय क्यों बनता है ?
प्रश्न 3. रेखांकित शब्दों का अर्थ लिखिए।
प्रश्न 4. उपर्युक्त गद्यांश का सारांश लिखिए।

View full solution
थोड़ी-थोड़ी करके की गई बचत निजी आवश्यकताओं की पूर्ति में सहायक होगी, वही व्यापक रूप में राष्ट्रीय बचत का अंग भी बनेगी। बचत राशि का उपयोग अधिकाधिक अन्न उपजाने, नये उद्योग-धन्धे लगाने, चिकित्सालय व सड़कें बनाने, विद्यालय व महाविद्यालय खुलवाने और बेरोजगारों को रोजगार दिलवाने जैसे विभिन्न सार्वजनिक हित के कार्यों में होता है। इस प्रकार हम अपनी बचत की आदत से अप्रत्यक्ष रूप से राष्ट्र की सेवा भी करते हैं।

प्रश्न 1. उपर्युक्त गद्यांश का उचित शीर्षक लिखिए।
प्रश्न 2. बचत की राशि का उपयोग कहाँ-कहाँ कर सकते हैं ?
प्रश्न 3. बचत की आदत से हम किसकी सेवा कर सकते हैं ?
प्रश्न 4. उपर्युक्त गद्यांश का सारांश लिखिए।

View full solution

Generate a अपठित गद्यांश paper free

Pick question groups from the list above, set marks and difficulty, and export a branded PDF with step-by-step answer keys. First 3 chapters free — no signup.

Download App