Question 15 Marks
बस में किसी अपरिचित से मित्रता करते हुए यात्रियों के बीच संवाद को लिखिए।
Answer
View full question & answer→पहला यात्री - भाई साहब! यह बस कहाँ तक जा रही है?
दूसरा यात्री - आपको कहाँ जाना है भाई ?
पहला यात्री - मुझे तो करनाल जाना है।
दूसरा यात्री - आ जाओ भाई, बस करनाल तक ही जा रही है। जल्दी करो, चलने ही वाली है।
पहला यात्री - पहले टिकट तो ले लें।
दूसरा यात्री - आप आ जाइए। बस कंडक्टर ने बस में ही टिकट देने को कहा है।
पहला यात्री - ठीक है, आप मेरे लिए एक सीट रखिए, जब तक मैं आ रहा हूँ।
दूसरा यात्री - करनाल में आप किसी कार्य से जा रहे हैं और वहाँ किस जगह ठहरेंगे?
पहला यात्री - मेरे मित्र का गृहप्रवेश है। अतः मेरा जाना आवश्यक था। वहीं जा रहा हूँ।
दूसरा यात्री - क्या इत्तफ़ाक की बात है। मैं भी अपने मित्र के गृहप्रवेश में ही जा रहा हूँ।
पहला यात्री - (कुछ समय पश्चात्) चलिए उतरते हैं। करनाल आ गया। देर हो रही है। अब तो मित्र से सीधा बैंक्वेट हॉल में ही मिलना होगा।
दूसरा यात्री - आपको कौन-से बैंक्वेट हॉल में जाना है?
पहला यात्री - आशियाना बैंक्वेट हॉल बताया था मेरे मित्र ने।
दूसरा यात्री - अरे! मैं भी तो वहीं जा रहा हूँ।
पहला यात्री - अच्छा! तो आप भी मि. शर्मा के घर जा रहे हैं।
दूसरा यात्री - हाँ भाई, मैं भी वहीं जा रहा हूँ। वह मेरे परम मित्र हैं।
पहला यात्री - अरे! वह तो मेरे भी परम मित्र हैं। अब तो हमारी भी मित्रता हो गई। चलिए साथ ही चलते हैं।
दूसरा यात्री - आपको कहाँ जाना है भाई ?
पहला यात्री - मुझे तो करनाल जाना है।
दूसरा यात्री - आ जाओ भाई, बस करनाल तक ही जा रही है। जल्दी करो, चलने ही वाली है।
पहला यात्री - पहले टिकट तो ले लें।
दूसरा यात्री - आप आ जाइए। बस कंडक्टर ने बस में ही टिकट देने को कहा है।
पहला यात्री - ठीक है, आप मेरे लिए एक सीट रखिए, जब तक मैं आ रहा हूँ।
दूसरा यात्री - करनाल में आप किसी कार्य से जा रहे हैं और वहाँ किस जगह ठहरेंगे?
पहला यात्री - मेरे मित्र का गृहप्रवेश है। अतः मेरा जाना आवश्यक था। वहीं जा रहा हूँ।
दूसरा यात्री - क्या इत्तफ़ाक की बात है। मैं भी अपने मित्र के गृहप्रवेश में ही जा रहा हूँ।
पहला यात्री - (कुछ समय पश्चात्) चलिए उतरते हैं। करनाल आ गया। देर हो रही है। अब तो मित्र से सीधा बैंक्वेट हॉल में ही मिलना होगा।
दूसरा यात्री - आपको कौन-से बैंक्वेट हॉल में जाना है?
पहला यात्री - आशियाना बैंक्वेट हॉल बताया था मेरे मित्र ने।
दूसरा यात्री - अरे! मैं भी तो वहीं जा रहा हूँ।
पहला यात्री - अच्छा! तो आप भी मि. शर्मा के घर जा रहे हैं।
दूसरा यात्री - हाँ भाई, मैं भी वहीं जा रहा हूँ। वह मेरे परम मित्र हैं।
पहला यात्री - अरे! वह तो मेरे भी परम मित्र हैं। अब तो हमारी भी मित्रता हो गई। चलिए साथ ही चलते हैं।