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Question 14 Marks
जन्मदिन पर दावत में आने के लिए मित्र को निमंत्रण$-$पत्र लिखिए।
Answer
$53,$ कृष्णकुंजकालबादेवी रोड,
मुंबई$- 400003$
$16$ दिसंबर, $2017$
प्रिय मित्र अनिल,
सप्रेम नमस्कार ।
अगले रविवार $24$ दिसंबर को मेरा जन्मदिन है। हम उस दिन शाम को एक दावत दे रहे हैं। दावत के साथ मनोरंजन का कार्यक्रम भी रहेगा। मैंने अपने सभी मित्रों को बुलाया है। तुम तो मेरे सबसे प्यारे मित्र हो, इसलिए तुम्हें जरूर आना होगा। तुम उस दिन शाम को चार बजे तक आ जाना। साथ में छोटी नीतू को भी लेते आना।
मैं तुम्हारी राह देखूंगा।
तुम्हारा मित्र,
सुनील
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Question 24 Marks
अपने विद्यालय में मनाए गए प्रजासत्ताक दिन के बारे में जानकारी देता हुआ पत्र अपने मित्र को लिखिए।
Answer
$115$, कल्पकुंज शाहीबाग,अहमदाबाद
$25$ सितम्बर, $2014$
प्रिय मित्र जयदेव,
सप्रेम स्मरण।
कल तुम्हारा पत्र मिला, जानकर बहुत खुशी हुई की तुम्हारी पाठशाला में प्रजासत्ताक दिन को अच्छे कार्यक्रम का आयोजन किया गया था।
मेरी पाठशाला में भी $26$ जनवरी के दिन बहुत अच्छे कार्यक्रम का आयोजन हुआ था। हमारे कार्यक्रम का आरंभ सुबह आठ बजे से हुआ। हमारे कार्यक्रम के मुख्य अतिथि हमारे शहर के म्युनसिपल कमिशनर थे। उन्होंने ही राष्ट्रध्वज फहराया
और उसके बाद हमें प्रजासत्ताक दिन के महत्व के बारे में समझाया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के संदेश के बाद हमारा सांस्कृतिक कार्यक्रम शुरु हुआ। उसमें हमारी कक्षा के कई छात्रों ने देशभक्ति के गीत पेश किए। देशभक्ति के गीतों के बाद कक्षा $8$ के कुछ छात्रों ने देशभक्ति दर्शानेवाला एक नाटक पेश
किया।
सांस्कृतिक कार्यक्रम के बाद हमारी पाठशाला के आचार्य श्री ने मुख्य अतिथि का आभार माना और जय हिन्द के नारे के साथ हमारा कार्यक्रम पूर्ण हुआ।
तुम्हारे घर के सभी बड़ो को मेरा प्रणाम कहना।
तुम्हारा मित्र,
संजीव।
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Question 34 Marks
जन्मदिन के अवसर पर उपस्थित रहने के लिए मित्र को पत्र लिखिए।
Answer
$81,$ गुरुनगर सोसायटी,लिंबायत, सूरत$-394210$
$9$ अगस्त, $2015$
प्रिय मित्र सोहम,
सप्रेम स्मरण।
तुम्हें यह जानकर खुशी होगी कि अगले रविवार को मेरा जन्मदिन है। इस बार तो छुट्टी के दिन ही मेरा जन्मदिन है, इसीलिए मैं अपने सभी मित्रों को बुलाना चाहता हूँ और उन सबको आज निमंत्रण भेज रहा हूँ।
तुम जानते ही हो कि सालगिरह का दिन कितने आनंद का दिन होता है। उस दिन हमारे कई रिश्तेदार भी यहाँ आयेंगे। प्रशांत, साजिद, उदय, सानिया आदि सब अवश्य आएँगे। मैं चाहता हूँ कि तुम भी उस दिन यहाँ जरूर आओ। यदि तुम नहीं
आओगे तो हम सबको बुरा लगेगा। हम तो उस दिन सारा समय आनंद में बिताना चाहते हैं । दिनभर भोजन, जलसा, खेल आदि होगा और रात को सिनेमा देखने भी जाएँगे। मुझे आशा है कि इस अवसर पर तुम जरूर आओगे और मेरे उत्साह और
आनंद को बढाओगे।
तुम्हारे माता$-$पिता को सादर चरण $-$ स्पर्श । छोटे भाई कमल और बहन हेतल को प्यार । तुम्हारे आगमन की प्रतीक्षा करूँगा।
तुम्हारा मित्र,
विक्रम।
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Question 44 Marks
 वृक्षा रोपण का महत्व समझाते हुए मित्र को पत्र लिखिए। 
Answer
बी $- 10$, सुख$-$शांति एपार्टमेन्टवेजलपुर,
अहमदाबाद।
$26$, जून, $2016$
प्रिय मित्र धीरज,
नमस्कार
तुम्हारा पत्र मिला यह जानकर बहुत दुःख हुआ की तुमने अपने आँगन में जो पेड़ था, उसे कटवा दिया है। तुमने यह बिलकुल गलत काम किया है।
मित्र क्या तुम नहीं जानते की पेड़ हमारे लिए कितने उपयोगी है? पेड़ के कारण ही हमें शुध्ध हवा मिलती है। पेड़ हमें छाया और फल देते हैं। पेड़ो के कारण ही बारिश होती हैं। पेड़ के इन्ही गुणो के कारण उन्हें परोपकारी कहा जाता है।
पर्यावरण की रक्षा के लिए वृक्षारोपण के कार्यक्रम आज सभी जगह पर हो रहे है। वृक्षारोपण द्वारा हम अपने पर्यावरण को नया जीवन दे सकते है। हम सब को एक वृक्ष का रोपन करके उसका जतन करने की प्रतिज्ञा लेनी चाहिए। मुझे आशा है
की तुम वृक्षों का महत्व अब अच्छे से समझ गए होंगे और तुम अपने घर के आँगन में भी एक वृक्ष जरूर लगाओगें।
तुम्हारे माता$-$पिता को मेरा प्रणाम कहना।
तुम्हारा मित्र,
रंजीत।
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Question 54 Marks
अपने मित्र को जन्मदिन के लिए अभिनंदन देते हुए पत्र लिखिए।
Answer
$7,$ कलानिकेतनसयाजीगंज़ बड़ौदा - $390001$
दि. $02-10-2015$
प्रिय मित्र सुरज, नमस्ते।
कल तुम्हारे जन्मदिन का निमंत्रण पत्र मिला । निमंत्रण पत्र देखकर बड़ी प्रसन्नता हुई।
मेरी और मेरे परिवार के सभी सदस्यो की ओर से तुम्हे जन्मदिन की बहुत बधाई। मैं भगवान से यही प्रार्थना करता हूँ की वह तुम्हे सभी तरह के सुख दे और तुम्हें लम्बी उम्र दे।
मेरी सत्रांत परीक्षा नजदीक आ गई है। मैं उसकी तैयारी में लग गया हूँ। इसलिए मैं तुम्हारे जन्मदिन की पार्टी में नही आ सकुँगा। मैं अपने छोटे भाई के साथ तुम्हारे लिए एक उपहार भेज रहा हूँ, उसका स्वीकार करना और मुझे पार्टी में
उपस्थित न रह पाने के लिए क्षमा कर देना।
तुम्हारे माता-पिता को मेरा प्रणाम कहना।
तुम्हारा मित्र,
मानव
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Question 64 Marks
अपनी सहेली भव्या को वृक्षारोपण का महत्त्व समझाते हुए पत्र लिखिए।
Answer
$9,$ आकाशदीप सोसायटी,
एस.पी. मार्ग, आणंद।
$5$ जून, $2012$
प्रिय सखी भव्या,
सुमधुर याद।
कई दिनों बाद तुम्हारा पत्र मिला, पढ़कर दुःख हुआ कि तुमने अपने बगीचे में से दो बड़े$-$बड़े पेड़ कटवा दिए। बहन भव्या, पेड़ लगाने के लिए होते हैं, काटने के लिए नहीं। पेड़ हमारे जीवन के आधार हैं। उनकी हमें रक्षा करनी चाहिए। आजकल के प्रदूषित वातावरण में, असंतुलित वायुमंडल के युग में पेड़ों को बचाने की कोशिश करनी चाहिए। तुम तो जानती हो कि वृक्ष ही वायुमंडल को शुद्ध और संतुलित रखते हैं।
शुद्ध वायुमंडल के कारण बाढ़, अकाल, भूकंप आदि से हम सुरक्षित रह सकते हैं। हमें सही अर्थ में वृक्षारोपण का महत्त्व समझना चाहिए। यदि हमें शुद्ध वातावरण में साँस लेनी है तो वृक्षारोपण को बढ़ावा देना पड़ेगा। ज्यादा पेड़$-$पौधे लगाने होंगे। वृक्ष हमें शुद्ध और शीतल हवा प्रदान करते हैं, जिससे हमारे स्वास्थ्य की रक्षा होती है। वृक्षों से आकृष्ट होकर बादल ज्यादा वर्षा देते हैं। यदि हम देश की प्रगति चाहते हैं तो हमें अधिक से अधिक वृक्ष लगाने चाहिए। हमें सरकार के वृक्षारोपण के कार्यक्रम में पूरा सहयोग देना चाहिए। पत्र के इंतज़ार में,
तुम्हारी सखी,
वंदना परीख
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Question 74 Marks
एक सप्ताह की छुट्टी के लिए वर्ग शिक्षक को पत्र लिखो।
Answer
पाथिक सोसायटी,
युनिवर्सिटी रोड़,
भावनगर।
दिनांक : $24-12-2012$
सेवा में,
वर्ग शिक्षक श्री,
ज्ञानज्योत स्कूल, भावनगर ।
मान्यवर गुरुजी
सादर प्रणाम ।
नम्र निवेदन है कि मैं बीमार पड़ गया हूँ। अभी मुझे अशक्ति भी ज्यादा है। डॉक्टर की दवा चल रही है। डॉक्टर साहब ने एक सप्ताह के लिए आराम करने की सलाह दी है। अतः आप मेरी सात दिनों की छुट्टी मंजूर करने की कृपा करें।
आपका आज्ञाकारी,
महेश शाह
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Question 84 Marks
सफ़ाई का महत्त्व बताते हुए अपनी सखी को पत्र लिखिए।
Answer
$205,$ समर्पण यवर
मेमनगर,
अहमदाबाद
$54$ दिनांक: $17-3-2013$
प्रिय सखी अवनी, जयहिंद।
कल ही तुम्हारा पत्र मिला। पढ़कर बहुत खुशी हुई। मैं यहाँ कुशल हूँ। प्यारी सखी, तुम जानती हो कि हमारे जीवन में खेलकूद और सफ़ाई का बड़ा महत्त्व है। वे हमारे तन और मन को स्वस्थ रखते हैं। सफ़ाई न रखने से गंदगी होती है। गंदगी के कारण मक्खियाँ और मच्छर पैदा होते हैं, जो महामारी $($रोग$)$ फैलाते हैं। वर्षा के मौसम में तो हमें विशेष सावधानी रखनी चाहिए।
हमें अपना घर और आँगन स्वच्छ रखना चाहिए। घर के कोने$-$कोने को साफ़ रखना चाहिए। घर का कचरा या सब्जियों के छिलके आदि कूड़ेदान में ही डालने चाहिए। जहाँ$-$तहाँ कूड़ा कचरा डालने से गंदगी होती है। हमें स्वच्छ कपड़े पहनने चाहिए। नाखून और बाल समय$-$समय पर काट देने चाहिए। हररोज स्नान करके शरीर की सफाई करनी चाहिए। शरीर की सफाई में कमी रह गई तो हमें चमड़ी के रोग होते हैं। हम सबको मिलकर हमारी पाठशाला, मुहल्ले और गाँव की सफ़ाई करनी चाहिए।
तुम्हारे माता$-$पिता को मेरा प्रणाम। छोटे भाई को मेरा प्यार।
तुम्हारी सखी,
रीपल
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Question 94 Marks
आपने टेलिविज़न पर हास्य का एक सुन्दर कार्यक्रम देखा है। उसका वर्णन करते हुए अपने मित्र को पत्र लिखिए
Answer
डी- $11/2,$
सीमंधर रेसीडन्सी-2 चाँदलोडिया,
अहमदाबाद।
दिनांक : $8-07-2013$
प्रिय मित्र विनीत,
सप्रेम नमस्ते। मैं प्रसन्नतापूर्वक तुम्हारे पत्र का इंतजार कर रहा हूँ। पिछली बार तुमने मुझे क्रिकेट के बारे बताया था। आज मैं तुम्हे मैंने टीवी पर देखे हुए एक विनोदी कार्यक्रम के बारे में लिख रहा हूँ। पिछले मंगलवार को मैं दूरदर्शन पर कुछ कार्यक्रम देख रहा था। कार्यक्रम अंतर्गत 'गम्मत$-$गुलाल' कार्यक्रम भी था। चुटकुलों और अध्यात्म दोनों का मिश्रणरूप कार्यक्रम पेश कर रहे थे जानेमाने कलाकार महेश वैद्य। मित्र $!$ कार्यक्रम इतना अच्छा था कि घर के सभी सदस्य हसते$-$हँसते लोटपोट हो गये। कलाकार के संवादों, कहने का ढंग और चुटकुले इतने अच्छे थे कि हम सब उनके प्रशंसक बन गये।
एक अच्छा कार्यक्रम, वह भी हँसी$-$मज़ाक से पूर्ण और आनंददायी हो तो उसका मज़ा ही कुछ और ही है। मित्र यह कार्यक्रम अगले मंगलवार को पुनः प्रसारित होगा। तुम भी उसका लुत्फ उठाना। देखना न भूलना। जीवन में हास्य की क्या किंमत है, हास्य से कितना मानसिक सुख मिलता है। यह सब तुम जानते ही हो। इसलिए मैं अधिक नहीं लिख रहा हूँ।
मनोरंजन के साथ साथ ज्ञान$-$प्रसार के उद्देश्य से प्रसारित होते कार्यक्रम विरल ही होते हैं। तुम्हारे माता$-$पिता को नमस्कार। छोटे भाई को प्यार !
तुम्हारा दोस्त ,
विशाल
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Question 104 Marks
अच्छा नागरिक कैसा होता है, उसके बारे में अपने मित्र को पत्र लिखकर बताइए ।
Answer
$7/10$ बी, सीमंधर एन्कलेव
जनतानगर रोड,
घाटलोडिया,
अहमदाबाद
$13$दिनांक $07-08-2013$
प्रिय मित्र विशाल,
मैं कुशलपूर्वक हूँ। तुम की सकुशल होंगे। बहुत दिनों से मैं एक अच्छा नागरिक कैसा हो, उसके बारे में सोच रहा था। आखिरकार सोचते सोचते मैंने कुछ तथ्य सोचे हैं, उसके बारे में तुम्हें मैं लिख रहा हूँ। अच्छे नागरिक देश के सभी कानून का पालन करते हैं वे नियमित रूप से कर भरते हैं। अच्छा नागरिक भाइचारे से रहता । हमें अपने अधिकारों को पाने के लिए कुछ कर्तव्यों को निभाना पड़ता है। अच्छा नागरिक सदैव देश$-$हित के कार्य करता है। वह अपने सभी कर्तव्य निभाता है।
एक अच्छा नागरिक अपने पडोस, अपने गाँव, अपने मुल्क के लिए कुछ भी करने के लिए तत्पर रहता है। अच्छा नागरिक अपने मोहल्ले की स्वच्छता का पूरा ख्याल रखता है। वैसे तो हम अपने को देशभक्त कहते हैं, लेकिन सच्चा देशभक्त ही एक अच्छा नागरिक हैं। हमें देश की उन्नति में बाधक नहीं, बनना चाहिए, देश की उन्नति के लिए निःस्वार्थ भाव से कार्य करने वाला ही देश का सच्चा नागरिक है।
विद्यार्थी जीवन में हमें पढ़ाई में मन लगाकर अच्छे नागरिक बनने का कर्तव्य निभाना है। हमारी स्कूल में हम सब सहपाठी मिलजुलकर शांतिपूर्वक अध्ययन करेंगे, जरूरतमंदों की निःस्वार्थ सेवा करेंगे और शाला व यातायात के नियमों का पूर्णरूप से पालन करेंगे तो हम एक अच्छे नागरिक बन पायेगे।
तुम्हारा मित्र,
गोपेश
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Question 114 Marks
वृक्ष का मानवजीवन में महत्त्व समझाते हुए सखी को पत्र लिखिए ।
Answer
$11,$ कर्मवीर सोसायटी
कीडनी हॉस्पिटल रोड,
नडियाद ।
$5$ सितंबर, $2012$
प्रिय सखी कपिला,
सप्रेम नमस्कार ।
आज तुम्हारा पत्र मिला। विद्यालय की संगीत स्पर्धा में प्रथम पुरस्कार पाने पर तुम्हें मेरी ओर से बधाई। परंतु मेरी समझ में यह बात नहीं आई कि तुमने अपनी पाठशाला में वृक्षारोपण समारोह के प्रति उदासीनता क्यों दिखाई ? क्या इसलिए कि मूक वृक्ष तुम्हारे संगीत पर दाद नहीं दे सकते।
तुम तो पढ़ी$-$लिखी लड़की हो तुमने विज्ञान और भूगोल में वृक्षों के महत्व के बारे में पढ़ा है। वृक्षों के कारण हमारा वातावरण शुद्ध रहता है। हवा में ताजगी तथा स्वास्थ्यवर्धक गुण आते हैं। वर्षा लाने के लिए भी वृक्ष बड़े उपयोगी है। वृक्ष हमें शीतल छाया, ईंधन और शुद्ध वायु देते है। वृक्षों से कई औषधियाँ बनती हैं। इसलिए वृक्षों के प्रति हमें उदासीनता नहीं रखनी चाहिए। माताजी को मेरा प्रणाम। छोटी गुड्डी को प्यार।
तुम्हारी सखी,
लता
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Question 124 Marks
'जीवन रक्षा के लिए पानी की सुरक्षा' विषय पर मित्र को पत्र लिखिए।
Answer
$7.$ विनु विला,
कांकरिया रोड,
अहमदाबाद $380022$
दिनांक : $5$ अगस्त,$2013$
प्रिय मित्र साहिल,
सप्रेम नमस्ते ।
कल तुम्हारा पत्र मिला। तुमने अपने यहाँ पानी की कमी के बारे में लिखा है। सचमुच पानी की कमी आज एक आम समस्या बन गई है। गरमी के दिनों में इस समस्या के कारण सब जगह हाहाकार मच जाता है। जल ही जीवन है। जीवन की रक्षा के लिए शुद्ध जल आवश्यक है। दुःख की बात है कि लोग जागरूक नहीं है। वे सावधानी से पानी का उपयोग नहीं करते। पानी मिलने पर वे उसका दुरुपयोग करने लगते हैं। पानी को साफ$-$शुद्ध रखने पर भी किसीका ध्यान नहीं जाता।
कारखानों से निकले हुए गंदे, जहरीले रसायन कुओं, झीलो और नदियों पानी को दूषित करते हैं। दूषित पानी से बीमारियाँ फैलती है। इसलिए जीवन की रक्षा लिए पानी की सुरक्षा बहुत जरूरी है। अब तो छुट्टियाँ हो गई है। हो सके तो कुछ दिन के लिए यहाँ आ जाओ। बहुत मजा आएगा। परिवार में सबसे यथायोग्य कहना।
तुम्हारा ही,
रुद्राक्ष
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Question 134 Marks
प्रवास की अनुमति पाने के लिए पिताजी को पत्र लिखिए ।
Answer
रूम नं. $11,$ विद्यार्थी भवन,
सेक्टर $23,$ गांधीनगर
दिनांक : $20-9-2013$
पूज्य पिताजी,
सादर प्रणाम कल ही आपका पत्र मिला। पढ़कर बहुत खुशी हुई। मैं यहाँ कुशल हूँ। आप मेरी जरा भी चिंता न करें ।थोड़े दिनों के बाद मेरी परीक्षा होनेवाली है। मैं परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त करने के लिए मन लगाकर पढ़ रहा हूँ। परीक्षा के बाद मेरी पाठशाला में दीपावली की छुट्टियाँ हैं।
दीपावली की छुट्टियों मेरी पाठशाला में से आबू का प्रवास जानेवाला है। मेरे सभी दोस्त इस प्रवास में जानेवाले हैं। मैं भी उस प्रवास में जाना चाहता हूँ । प्रवास के लिए लक्झरी बस की व्यवस्था की गई है। इस प्रवास में प्रत्येक विद्यार्थी के लिए $400$ रुपये शुल्क रखा गया है। पाँच दिन का प्रवास है। प्रवास में आबू, अंबाजी, उदयपुर, जयपुर, आदि स्थल देखने का मौका मिलेगा। पत्र द्वारा इस प्रवास के लिए, मुझे अनुमति देने की कृपा करें। प्रवास के लिए $500$ रुपये मनीऑर्डर से भेज दें।
मेरी माताजी को मेरा हार्दिक प्रणाम सोनल और मोन्टू को प्यार।
आपका आज्ञाकारी पुत्र,
ब्रिजेश
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Question 144 Marks
जीवन में सवाचन का महत्त्व दर्शाते हुए एक पत्र अपने छोटे भाई के नाम लिखिए
Answer
$21,$ अनामिकसोसायटी,
स्टेशन रोड़,
मेहसाना ।
$14$ अक्तूबर, $2013$
प्रिय दर्शन,
सप्रेम आशिष ।
दो दिन पहले पिताजी का पत्र आया था। तू आजकल जो किताबें पढ़नी चाहिए वे नहीं पढ़ता। मैं पाठ्यतर पुस्तकों की बात कर रहा हूँ। तुम्हें पुस्तकें पढ़ने का शौक है यह मैं जानता हूँ। ऐसी किताबें पढ़नी चाहिए जिनसे तुम्हारी बुद्धि का विकास हो ।
किसीने ठीक कहा है कि जवानी दिवानी होती है। इस उम्र में अच्छी किताबें पढ़ने के बदले जो मन में गुदगुदी पैदा करें ऐसी किताबें पढ़ने को जी चाहता है। अच्छी किताबें पढ़ने के कई फायदे हैं। रवीन्द्रनाथ ठाकुर, प्रेमचन्द, शरदबाबू, सुदर्शन, सुमित्रानंदन पंत, धर्मवीर भारती, महादेवी वर्मा इत्यादि अच्छे लेखकों की किताबें पढ़ने से तुम्हारा विकास होगा। पंचतंत्र और हितोपदेश की बोधक कहानियों से भी आच्छा मार्गदर्शन मिलता। हैं। रामायण और महाभारत पर आधारित अन्य लेखकों की किताबें भी तुम्हारे लिए लाभदायक होगी ।तुम समझदार हो । मेरी सलाह पर अवश्य सोच-विचार करोगे, एसा मुझे विश्वास है
तुम्हारा बड़ा भाई,
सुरेशकुमार
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Question 154 Marks
राष्ट्रीय उत्सव में सम्मिलित होने के लिए मित्र को निमंत्रण पत्र लिखिए ।
Answer
$5$- बी, प्रगतिनग
नारणपुरा
अहमदाबाद।
दिनांक : $12-1-2013$
प्रिय मित्र तेजस,
मैं यहाँ कुशल हूँ। आशा है, तुम भी प्रसन्न होगे। इस पत्र के द्वारा मैं तुम्हें अपनी पाठशाला में 26 जनवरी को मनाए जानेवाले राष्ट्रीय उत्सव में सम्मिलित होने के लिए निमंत्रण भेजता हूँ। इस कार्यक्रम में हम पाठशाला को नई दुल्हन की तरह सजाएँगे। पाठशाला के सामने ही ध्वजवंदन का कार्यक्रम होगा। हमारे आचार्य श्री राष्ट्रध्वज फहराएँगे।
ध्वजवंदन के बाद देशप्रेम के गीत होंगे। वेशभूषा-स्पर्धा का भी आयोजन किया गया है। उसमें मैं भगतसिंह का वेश अदा करूँगा। मेरे साथी गाँधीजी, वीर सावरकर, लालबहादुर शास्त्री आदि का अभिनय करनेवाले हैं। खेल-कूद की स्पर्धाएँ भी होनेवाली हैं। शाम को मेरी पाठशाला की लड़कियाँ 'रानी लक्ष्मीबाई' का नाटक करनेवाली हैं ।
तुम्हारे माता-पिता को मेरा प्रणाम। छोटे भाई-बहन को प्यार।
तुम्हारा मित्र,
जयदीप
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Question 164 Marks
अपनी पढ़ाई के बारे में जानकारी देते हुए अपने पिताजी को पत्र लिखिए।
Answer
डी. आर. छात्रालय
रेसकोर्स,
राजकोट।
दिनांक : $17-2-2013$
पूज्य पिताजी,
सादर प्रणाम
मम्मी का लिखा हुआ पत्र मिला। पढ़कर बहुत खुशी हुई। मैं यहाँ कुशल हूँ। आप सब वहाँ कुशल होंगे। $15$ अप्रैल से मेरी वार्षिक परीक्षा शुरू होगी। इस परीक्षा में प्रथम नंबर पाने के लिए मैं मन लगाकर पढ़ाई कर रहा हूँ।
सुबह मैं पाँच बजे उठकर पढ़ने$-$लिखने बैठ जाता है। दस बजे खाना खाकर पाठशाला जाता हूँ। पाठशाला में भी मन लगाकर पढ़ाई करता । शाम को स्कूल से आकर हाथ मुँह धोता हूँ और घूमने जाता हूँ। सात बजे शाम का खाना खाकर फिर पढने बैठ जाता हूँ। हररोज पढ़ने का मैंने समयपत्रक बनाया है। मैं गणित विषय में विशेष ध्यान देता हूँ। अंग्रेजी के स्पेलिंग और व्याकरण भी तैयार करता हूँ। दूसरे विषयों की भी अच्छी तैयारी है। पढ़ाई के बारे में आप मेरी जरा भी चिंता न करें।
मम्मी को मेरा प्रणाम। छोटे भाई जीगेश को प्यार।
आपका आज्ञाकारी पुत्र,
अमरीश
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Question 174 Marks
ऐतिहासिक स्थान का वर्णन करते हुए अपने मित्र को पत्र लिखिए।
Answer
$11$ राधानगरी,
गाँधी रोड
राजकोट।
दिनांक : $5-8-2013$
प्रिय मित्र शिरीष,
नमस्ते हम गिरनार की सैर पूरी कर कल ही वापस आ गए हैं।
गिरनार पहाड़ सौराष्ट्र में जूनागढ़ शहर के पास है। गिरनार भारत का प्राचीन और ऐतिहासिक स्थान है। जूनागढ़ से ताँगे में बैठकर हम गिरनार की तलहटी में पहुँचे पहाड़ पर चढ़ने के लिए सीढियाँ बनाई गई है। सुबह छः बजते ही हमने उपर चढ़ना शुरू कर दिया था। साढ़े सात बजे हम जैन मंदिरोंवाले कोट क्षेत्र में पहुँचे। यहाँ अनेक कलात्मक जैन मंदिर बने हुए हैं। उनकी नक्काशी देखकर हम दंग रह गए। वहाँ से थोड़ी ऊँचाई पर गौमुखी गंगा है। वहाँ मीठे पानी का एक कुंड है।
पाँच सो सीढियाँ चढ़ने के बाद हम अंबाजी के शिखर पर पहुंचे। यहाँ के पुराने मंदिर में हजारों लोग माताजी के दर्शन के लिए आते हैं। यहाँ से चढ़कर हम गोरखनाथ के शिखर पर पहुँचे। वहाँ से कई सीढियाँ हम नीचे उतरे, फिर चढ़ाई का प्रारंभ किया। इस प्रकार थोड़ी देर में हम गिरनार के सबसे सुंदर 'दत्तात्रेय शिखर पर पहुँचे। वहाँ गुरु दत्तात्रेय के चरणचिह्न हैं।
तुम्हारे माता-पिता को मेरा प्रणाम। छोटे भाई-बहन को मेरा प्यार।
तुम्हारा मित्र,
गिरीश
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पत्र - हिंदी ધોરણ 7 Questions - Vidyadip