Question 14 Marks
एक निर्दयी राजा $-$ गुलाम को दंड $-$ गुलाम का जंगल में भाग जाना $-$ सिंह से भेंट $-$ सिंह के पैर से काँटा निकालना $-$ सिंह से मित्रता $-$ गुलाम की गिरफ्तारी $-$ फाँसी की तैयारी $-$ उसे भूखे सिंह के सामने छोडना $-$ सिंह का स्नेहपूर्ण व्यवहार $-$ दोनों की रिहाई $-$ सीख ।
Answer
View full question & answer→सिंह और गुलाम
किसी एक देश में एक निर्दयी राजा रहता था। राजा के पास अनेक गुलाम थे । राजा उन पर बहुत जुल्म करता था ।
एक दिन एक गुलाम लड़के ने राजा की एक कीमती वस्तु गलती से तोड़ दी । राजा को जब इस बात का पता चला की गुलाम लड़के ने गलती की है, तो राजा उसे कडे से कड़ा दंड देने को तैयार हो गया ।
लड़के को जब यह बात पता चली की राजा उसे सजा देनेवाले है तो सजा के भय से वह लड़का जंगल में भाग गया । गुलाम लड़का जंगल में एक झाडी के पीछे जाकर छीप गया । वहाँ उसे किसी के कराहने की आवाज सुनाई दे रही थी । उसने आवाज जहाँ से आ रही थी वहाँ जाकर देखा तो एक सिंह को पंजे में बड़ा सा काँटा लगा देखा । उस काँटे के कारण ही सिंह को बहुत दर्द हो रहा था । लड़के ने धीरे से सिंह के पास जाकर वह काँटा उसके पंजे से निकाल दिया । अब सिंह और गुलाम लड़के के बीच मित्रता हो गई ।
कुछ समय बाद राजा के सैनिक लड़के को खोजते हुए जंगल में आ गए । सैनिको ने लड़के को गिरफ्तार कर लिया और उसे राजा के सामने पेश किया गया । राजा ने लड़के को सजा सुनाते हुए कहा कि “इस गुलाम लड़के को भूखे सिंह के सामने फेंक दिया जाए ।” राजा के आदेश के अनुसार जंगल से एक सिंह पकडकर लाया गया । उसे कई दिनों तक कुछ खाने को नहीं दिया गया । बाद में राजा के आदेश के अनुसार एक दिन उस गुलाम लड़के को सिंह के पिजरे में फेंक दिया गया । सिंह पहले तो उस लड़के की तरफ जपटा, परंतु बाद में अचानक रुक गया । यह वही सिंह था जिसके पंजे में से जंगल में लडके ने काँटा निकाला था । यह देखकर राजा और सभी लोग चकित रह गए कि सिंह लड़के को कोई नुकसान नही पहुँचा रहा है ।
सिंह और गुलाम लड़के कि मित्रता देखकर राजा बहुत प्रसन्न हो गया । राजा ने सिंह और गुलाम लड़के दोनों को मुक्त कर दिया ।
सीख $:$ हमें सदा मुसीबत में पड़े हुए की मदद करनी चाहिए ।
किसी एक देश में एक निर्दयी राजा रहता था। राजा के पास अनेक गुलाम थे । राजा उन पर बहुत जुल्म करता था ।
एक दिन एक गुलाम लड़के ने राजा की एक कीमती वस्तु गलती से तोड़ दी । राजा को जब इस बात का पता चला की गुलाम लड़के ने गलती की है, तो राजा उसे कडे से कड़ा दंड देने को तैयार हो गया ।
लड़के को जब यह बात पता चली की राजा उसे सजा देनेवाले है तो सजा के भय से वह लड़का जंगल में भाग गया । गुलाम लड़का जंगल में एक झाडी के पीछे जाकर छीप गया । वहाँ उसे किसी के कराहने की आवाज सुनाई दे रही थी । उसने आवाज जहाँ से आ रही थी वहाँ जाकर देखा तो एक सिंह को पंजे में बड़ा सा काँटा लगा देखा । उस काँटे के कारण ही सिंह को बहुत दर्द हो रहा था । लड़के ने धीरे से सिंह के पास जाकर वह काँटा उसके पंजे से निकाल दिया । अब सिंह और गुलाम लड़के के बीच मित्रता हो गई ।
कुछ समय बाद राजा के सैनिक लड़के को खोजते हुए जंगल में आ गए । सैनिको ने लड़के को गिरफ्तार कर लिया और उसे राजा के सामने पेश किया गया । राजा ने लड़के को सजा सुनाते हुए कहा कि “इस गुलाम लड़के को भूखे सिंह के सामने फेंक दिया जाए ।” राजा के आदेश के अनुसार जंगल से एक सिंह पकडकर लाया गया । उसे कई दिनों तक कुछ खाने को नहीं दिया गया । बाद में राजा के आदेश के अनुसार एक दिन उस गुलाम लड़के को सिंह के पिजरे में फेंक दिया गया । सिंह पहले तो उस लड़के की तरफ जपटा, परंतु बाद में अचानक रुक गया । यह वही सिंह था जिसके पंजे में से जंगल में लडके ने काँटा निकाला था । यह देखकर राजा और सभी लोग चकित रह गए कि सिंह लड़के को कोई नुकसान नही पहुँचा रहा है ।
सिंह और गुलाम लड़के कि मित्रता देखकर राजा बहुत प्रसन्न हो गया । राजा ने सिंह और गुलाम लड़के दोनों को मुक्त कर दिया ।
सीख $:$ हमें सदा मुसीबत में पड़े हुए की मदद करनी चाहिए ।