Question 13 Marks
दुःख में सुमिरन सब करें, सुख में करे न कोय।
जो सुख में सुमिरन करे, तो दुःख काहे को होय॥
जो सुख में सुमिरन करे, तो दुःख काहे को होय॥
Answer
View full question & answer→दुःख में सब लोग भगवान को याद करते हैं, सुख में उसे कोई याद नहीं करता। यदि सुख में भगवान को याद किया जाए तो दुःख आए ही क्यों? (कबीर कहना चाहते हैं कि चाहे दुःख हो या सुख, भगवान का हमेशा स्मरण करना चाहिए।)