Question 11 Mark
होनहार बिरवान के होत चिकने पात
Answer
View full question & answer→होनहार बिरवान के होत चिकने पात – योग्य व्यक्ति के लक्षण बचपन से ही प्रकट होने लगते हैं
वाक्य : गोपालदास नीरज ने पहली कविता दस वर्ष की उम्र में ही लिख दी थी। सच है – होनहार बिरवान के होत चिकने पात।