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कहावतों का अर्थ स्पष्ट

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Question 11 Mark
होनहार बिरवान के होत चिकने पात
Answer
होनहार बिरवान के होत चिकने पात – योग्य व्यक्ति के लक्षण बचपन से ही प्रकट होने लगते हैं वाक्य : गोपालदास नीरज ने पहली कविता दस वर्ष की उम्र में ही लिख दी थी। सच है – होनहार बिरवान के होत चिकने पात।
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Question 21 Mark
काठ की हांडी बार-बार नहीं चढ़ती
Answer
काठ की हांडी बार-बार नहीं चढ़ती – छल, कपट तथा चालाकी से एक ही बार काम निकलता है वाक्य : एक बार तो तुम मुझे धोखा देकर रुपए ले जा चुके हो, अब मैं तुम्हारी चिकनी-चुपड़ी आतों में नहीं आ सकता क्योंकि काठ की हाडौ बार-बार नहीं चढ़ती।
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Question 31 Mark
मार के पीछे भूत भागे
Answer
मार के पीछे भूत भागे – किसी भी तरह से समस्या का हल करना वाक्य : जब समस्या हद से बढ़ जाती है, तब सरल उपाय के बजाय कठिन या शिक्षात्मक रवैया अपनाना। इसे कहते हैं- मार के पीछे भूत भागे।
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Question 41 Mark
अंधेर नगरी चौपट राजा, टके सेर भाजी, टके सेर खाजा
Answer
अंधेर नगरी चौपट राजा, टके सेर भाजी, टके सेर खाजा-अयोग्य शासक के कारण कुप्रशासन वाक्य : उस कार्यालय का कोई कर्मचारी काम नहीं करता, क्योंकि वहाँ का अधिकारी ही भ्रष्ट है। चारों तरफ ‘अंधेर नगरी चौपट राजा, टके सेर भाजी, टके सेर खाजा’ वाली बात है।
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कहावतों का अर्थ स्पष्ट - Hindi STD 9 Questions - Vidyadip