Question 15 Marks
अपने जीवन में पिता की भूमिका’ अधोरेखित करते हुए कृतज्ञता ज्ञापित करने वाला पत्र लिखिए।
Answer
View full question & answer→१० मई, २०१८
पूज्य पिता जी,
सादर प्रणाम।
आप कैसे हैं? बहुत दिन हो गए है लेकिन आपका पत्र नहीं मिला। मैं ठीक हूँ। मेरी पढ़ाई भी ठीक से चल रही है। आशा करता हूँ कि घर पर सभी ठीक होंगे।
पिता जी, यहाँ का नया कॉलेज बहुत ही अच्छा है। यहाँ पर खाने-पीने व रहने की सारी सुविधाएँ बहुत ही अच्छी हैं। मैं इस कॉलेज में आकर खुश हूँ। दरअसल मैं यह पत्र आपके प्रति अपनी कृतज्ञता ज्ञापित करने के लिए लिख रहा हूँ।
पिता जी मेरे जीवन में आपका बहुत ही महत्वपूर्ण स्थान है। बचपन से लेकर आज तक आपने मुझे पढ़ाई करने के लिए प्रेरित किया है। आपके व्यक्तित्व एवं कृतित्व से प्रभावित होकर मैं आज मेडिकल की पढ़ाई कर रहा हूँ। सचमुच यदि आप न होते, तो मेरे भविष्य में अंधेरा ही होता। अत: आपका मैं जितना शुक्रिया अदा करूँ वह कम ही होगा।
जैसे ही छुट्टियाँ शुरू होगी, वैसे ही तुरंत मैं घर पर आऊँगा। माता जी को सादर प्रणाम।
आपका आज्ञाकारी पुत्र,
अथर्व
कुमार अथर्व सक्सेना
२०२ गीत निवास, गांधी नगर, मुंबई : ४००० ९५७
tharv18@gmail.com.
पूज्य पिता जी,
सादर प्रणाम।
आप कैसे हैं? बहुत दिन हो गए है लेकिन आपका पत्र नहीं मिला। मैं ठीक हूँ। मेरी पढ़ाई भी ठीक से चल रही है। आशा करता हूँ कि घर पर सभी ठीक होंगे।
पिता जी, यहाँ का नया कॉलेज बहुत ही अच्छा है। यहाँ पर खाने-पीने व रहने की सारी सुविधाएँ बहुत ही अच्छी हैं। मैं इस कॉलेज में आकर खुश हूँ। दरअसल मैं यह पत्र आपके प्रति अपनी कृतज्ञता ज्ञापित करने के लिए लिख रहा हूँ।
पिता जी मेरे जीवन में आपका बहुत ही महत्वपूर्ण स्थान है। बचपन से लेकर आज तक आपने मुझे पढ़ाई करने के लिए प्रेरित किया है। आपके व्यक्तित्व एवं कृतित्व से प्रभावित होकर मैं आज मेडिकल की पढ़ाई कर रहा हूँ। सचमुच यदि आप न होते, तो मेरे भविष्य में अंधेरा ही होता। अत: आपका मैं जितना शुक्रिया अदा करूँ वह कम ही होगा।
जैसे ही छुट्टियाँ शुरू होगी, वैसे ही तुरंत मैं घर पर आऊँगा। माता जी को सादर प्रणाम।
आपका आज्ञाकारी पुत्र,
अथर्व
कुमार अथर्व सक्सेना
२०२ गीत निवास, गांधी नगर, मुंबई : ४००० ९५७
tharv18@gmail.com.