Questions

उत्तर दो-तीन वाक्यों [2M]

Take a timed test

5 questions · self-marked practice — reveal the answer and mark yourself.

Question 12 Marks
किसी में बुरी आदतें आ जाए, तो उन्हें त्याग देना चाहिए।’ कथन के संदर्भ में अपने विचार लिखिए।
Answer
मनुष्य वही कहलाता है जिसके पास मनुष्यता होती है और जिसके पास मनुष्यता होती है उसके पास अच्छाइयाँ जरूर होती है। लेकिन सभी अच्छाइयों को नहीं अपनाते हैं। किसी-किसी के स्वभाव में कुछ बुराइयाँ भी होती हैं। कई लोग बुरी आदतों के शिकार होते हैं। बुरी आदतों के कारण व्यक्ति पतन की ओर बढ़ता है। वह स्वयं तो डूब जाता है पर अपने साथ दूसरों का भी बुरा कर देता है। अत: व्यक्ति को बुरी आदतों का त्याग कर देना चाहिए। इसमें ही उसकी भलाई है। आखिर मनुष्य को अच्छे व्यवहार से ही एक-दूसरे के साथ प्रगाढ़ संबंध प्रस्थापित करने चाहिए।
View full question & answer
Question 22 Marks
अपने मित्र की मृत्यु का समाचार सुनकर मोहन निराश हो गया।
Answer
आज का युग विज्ञान व तकनीकी का युग है। सर्वत्र मशीनों का बोलबाला है। मनुष्य ने स्वयं की प्रगति के लिए आधुनिक सभ्यता को अपना लिया है। समाज से मानवीय मूल्य कहीं गायब होते हुए दिखाई दे रहे हैं। आज हमारे समाज में हिंसा व भ्रष्टाचार जैसी कई समस्याएँ है। इनके कारण इंसान अपनी अच्छाइयों को त्याग बुराई के मार्ग पर चलता दिखाई दे रहा है। आज किसी के पास भी इतना समय नहीं है कि वह अपने ही रिश्तेदारों के साथ आराम से बैठकर बातचीत कर सकें। सभी पैसे के पीछे भाग रहे हैं। स्वार्थ की भावना ने मानव को दानव बना दिया है। अत: आज मनुष्यता की अपेक्षा पशुता ही अधिक दिखाई दे रही है।
View full question & answer
Question 32 Marks
‘प्रेम व त्याग सर्वश्रेष्ठ मानवीय मूल्य है।’ अपने विचार लिखिए।
Answer
सभी धर्मों का सार प्रेम है। एक-दूसरे के प्रति प्रेम की भावना रखना एवं एक-दूसरे पर प्रेम न्योछावर कर देना, यह मनुष्य का सबसे बड़ा गुण है। त्याग यानी नि:स्वार्थ भाव से दूसरों के लिए अपना सर्वस्व अर्पण करना। मदर टेरेसा ने दीन-दुखियों को प्रेम से अपनाकर उनके लिए अपने सर्वस्व का त्याग किया और उनकी सेवा की। इसलिए संसार ने ‘मदर’ कहा। राष्ट्रपिता बापूजी ने भी प्रेम व त्याग इन मूल्यों को अपनाकर मानवता का कार्य किया। देश को आजादी दिलाने के लिए कई वीरों ने अपने घर-परिवार का त्याग कर दिया था। उनके अथक प्रयासों से ही देश आजाद हुआ। अत: प्रेम व त्याग सर्वश्रेष्ठ मानवीय हैं।
View full question & answer
Question 42 Marks
हमारी परंपरा महिमामयी और संस्कार उज्ज्वल है।
Answer
हमारी परंपरा, महिमामयी और संस्कार उज्ज्वल है क्योंकि अपने आप पर, अपने आप द्वारा लगाया हुआ बंधन हमारी संस्कृति की बहुत बड़ी विशेषता है।
View full question & answer
Question 52 Marks
‘मनुष्य की पशुता को जितनी बार काट दो, वह मरना नहीं जानती।’ कथन के संदर्भ में अपने विचार लिखिए।
Answer
जी हाँ, मनुष्य की पशुता को जितनी बार काट दो, वह मरना नहीं जानती। मनुष्य का स्वभाव इतना विचित्र है कि उसमें अच्छाई भी है और बुराई भी; उसमें मानवता भी है और पशुता भी। अक्सर देखा जाता है कि बुरा काम करने वाले लोगों को कानून के द्वारा दंडित किया जाता है। फिर भी सजा काटने के बाद वे बुरा काम करते ही रहते हैं। जो व्यक्ति दूसरों का बुरा चाहता हैं; वह कभी सुधरता नहीं। उसे आप लाख समझाओ, फिर भी वह समझने के लिए तैयार नहीं होता है। वह मौका मिलते ही साँप की भाँति डंसने के लिए तैयार हो जाता है। इस प्रकार मनुष्य की पशुता को जितनी बार भी काटो, वह मरना नहीं जानती।
View full question & answer