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12 questions · auto-graded multiple-choice test.

MCQ 11 Mark
चित्र में दर्शाए अनुसार कागज के तल में स्थित किसी क्षैतिज तार में पूर्व से पश्चिम की ओर कोई नियत धारा प्रवाहित हो रही है। चुम्बकीय क्षेत्र की दिशा उत्तर से दक्षिण की ओर उस बिन्दु पर होगी जो-
  • A
    कागज के तल में तार के उत्तर में स्थित है
  • B
    कागज के तल में तार के दक्षिण में स्थित है
  • C
    तार के ठीक ऊपर है
  • तार के ठीक नीचे है
Answer
Correct option: D.
तार के ठीक नीचे है
WE रेखा सीधे चालक को निरूपित करती है जिससे E से W तक धारा प्रवाहित होती है। चुम्बकीय बल रेखाएँ दक्षिणावर्त दिशा अर्थात् तार के ऊपर S से N तथा तार के नीचे N से S प्रतीत होती है। यह दक्षिण हस्त अंगुष्ठ नियम के अनुसार है।
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MCQ 21 Mark
निम्नलिखित में असत्य प्रकथन का चयन कीजिए :
  1. प्रेरित धारा की दिशा जानने के लिए फ्लेमिंग दक्षिण हस्त नियम एक सरल नियम है।
  2. धारावाही चालक के चुंबकीय क्षेत्र की दिशा जानने के लिए दक्षिण हस्त अंगुष्ठ नियम उपयोग किया जाता है।
  3. दिष्ट तथा प्रत्यावर्ती धाराओं में यह अंतर है कि दिष्ट धारा सदैव एक ही दिशा में प्रवाहित होती है, जबकि प्रत्यावर्ती धारा की दिशा आवर्ती रूप से उत्क्रमित होती है।
  4. भारत में प्रत्यावर्ती धारा में प्रत्येक $\frac{1}{50}$ सेकंड के पश्चात दिशा परिवर्तन होता है।
  • A
    विकल्प $(ii)$
  • विकल्प $(iv)$
  • C
    विकल्प $(i)$
  • D
    विकल्प $(iii)$
Answer
Correct option: B.
विकल्प $(iv)$
भारत में प्रत्यावर्ती धारा $(AC)$ में प्रत्येक $\frac{1}{100}$ सेकण्ड में पश्चात् दिशा परिवर्तन होता है, अर्थात इस परतवर्ती धारा की आवृति $50 \ Hz$ है।
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MCQ 31 Mark
चित्र में दर्शायी गयी व्यवस्था में दो कुंडलियाँ किसी अचालक बेलनाकार छड़ पर लिपटी हैं। आरंभ में प्लग में कुंजी नहीं लगी है। इसके पश्चात् प्लग में कुंजी लगाकर फिर हटा ली जाती है। तब
  • A
    गैल्वेनोमीटर में सदैव विक्षेप शून्य रहता है।
  • B
    गैल्वेनोमीटर में क्षणिक विक्षेप होते हैं जो शीघ्र ही समाप्त हो जाते हैं। ये विक्षेप विपरीत दिशाओं में होते हैं।
  • C
    गैल्वेनोमीटर में क्षणिक विक्षेप होता है परंतु यह शीघ्र ही समाप्त हो जाता है तथा प्लग को हटाने पर इस पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता।
  • गैल्वेनोमीटर में क्षणिक विक्षेप होते हैं जो शीघ्र ही समाप्त हो जाते हैं। ये विक्षेप समान दिशा में होते हैं।
Answer
Correct option: D.
गैल्वेनोमीटर में क्षणिक विक्षेप होते हैं जो शीघ्र ही समाप्त हो जाते हैं। ये विक्षेप समान दिशा में होते हैं।
जब कुंजी लगी होती है तो गैल्वेनोमीटर में क्षणिक विक्षेप प्रदर्शित होते हैं, जो शीघ्र ही समाप्त हो जाते हैं। जब कुंजी हटा ली जाती है तो गैल्वेनोमीटर में क्षणिक विक्षेप प्रदर्शित होता है। जिसकी दिशा पहले विक्षेप से विपरीत होती है।
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MCQ 41 Mark
व्यापारिक विद्युत मोटरों में निम्नलिखित में से किसका उपयोग नहीं किया जाता है?
  • A
    विद्युतवाही कुंडली में चालक तार के फेरों की प्रभावी अधिक संख्या
  • B
    आर्मेचर को घूर्णित करने के लिए विद्युत चुंबक
  • आर्मेचर को घूर्णित करने के लिए स्थायी चुंबक
  • D
    कुंडली को लपेटने के लिए नर्म लोह या कोड
Answer
Correct option: C.
आर्मेचर को घूर्णित करने के लिए स्थायी चुंबक
व्यापारिक विद्युत मोटरों में आर्मेचर को घूर्णित करने के लिए स्थायी चुम्बक के स्थान पर विद्युत-चुम्बक का उपयोग किया जाता है।
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MCQ 51 Mark
चित्र में दर्शाए अनुसार कागज़ के तल में बाएं से दायीं ओर संकेत करते हुए कोई एक समान चुंबकीय क्षेत्र है। चित्र में दर्शाए अनुसार एक इलेक्ट्रॉन तथा एक प्रोटॉन इस चुंबकीय क्षेत्र में गति करते हैं। इलेक्ट्रॉन तथा प्रोटॉन द्वारा अनुभव बलों की दिशाएँ क्या हैं?
  • दोनों पर कागज़ के तल की ओर संकेत करते हुए
  • B
    इलेक्ट्रॉन पर एक समान चुंबकीय क्षेत्र की दिशा के विपरीत तथा प्रोटॉन पर क्षेत्र की दिशा के अनुदिश संकेत करते हुए
  • C
    इलेक्ट्रॉन पर कागज़ के तल की ओर तथा प्रोटॉन पर कागज़ के तल से बाहर की ओर संकेत करते हुए
  • D
    दोनों कागज़ के तल से बाहर की ओर संकेत करते हुए
Answer
Correct option: A.
दोनों पर कागज़ के तल की ओर संकेत करते हुए
धारा की दिशा इलेक्ट्रॉन की गति की दिशा के विपरीत है। अतः धारा ऊपर की ओर प्रवाहित होगी। यदि तर्जनी अंगुली चुम्बकीय क्षेत्र की दिशा प्रदर्शित कर रही है, तो मध्यमा धारा की दिशा प्रदर्शित कर रही हो, और अंगूठा कागज के तल में संकेत करता है।
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MCQ 61 Mark
किसी लंबी सीधी परिनालिका में धारा प्रवाहित करने पर इसके दोनों सिरों पर $N$ तथा $S$ ध्रुव बन जाते है। निम्न में से कौन $-$ सा असत्य प्रकथन है?
  1. परिनालिका के भीतर क्षेत्र रेखाएँ, सरल रेखाओं के रूप में होती हैं जो यह निर्दिष्ट करता हैं कि परिनालिका के भीतर सभी बिंदुओं पर चुंबकीय क्षेत्र समान होता है।
  2. परिनालिका के भीतर उत्पन्न प्रबल चुंबकीय क्षेत्र का उपयोग चुंबकीय पदार्थ जैसे नर्म लोहे के टुकड़ों को, परिनालिका के भीतर रखकर, चुंबकित करने में किया जा सकता है।
  3. परिनालिका से संबद्ध चुंबकीय क्षेत्र का पैटर्न छड़ चुंबक के चारों ओर के चुंबकीय क्षेत्र के पैटर्न से भिन्न होता है।
  4. परिनालिका में प्रवाहित धारा की दिशा उत्क्रमित करने पर $N$ तथा $S$ ध्रुवों की अदला$-$बदली हो जाती है।
  • विकल्प $(iii)$
  • B
    विकल्प $(iv)$
  • C
    विकल्प $(ii)$
  • D
    विकल्प $(i)$
Answer
Correct option: A.
विकल्प $(iii)$
परिनालिका छड़ $-$ चुम्बक की भाँति व्यवहार करती है। अतः परिनालिका के अंदर और चारो तरफ संबद्ध चुम्बकीय क्षेत्र का पैटर्न छड़ चुम्बक के चुम्बकीय क्षेत्र के पैटर्न के समान होता है।
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MCQ 71 Mark
कागज़ के तल के लंबवत् तल में रखे वृत्ताकार पाश में कुंजी को बंद करने पर धारा प्रवाहित होती है। बिंदु $A$ तथा $B ($जो कागज़ के तल में तथा पाश के अक्ष पर हैं$)$ से देखने पर पाश में प्रवाहित धारा क्रमशः वामावर्त तथा दक्षिणावर्त है। चुंबकीय क्षेत्र रेखाएँ $B$ से $A$ की ओर संकेत करती हैं परिणामी चुंबक का उत्तर ध्रुव उस फलक पर होगा जो निकट है
  • A
    बिंदु $B$ के यदि धारा कम है, तथा बिंदु $A$ के यदि धारा अधिक है
  • बिंदु $A$ के यदि धारा कम है, तथा बिंदु $B$ के यदि धारा अधिक है
  • C
    बिंदु $B$ के
  • D
    बिंदु $A$ के
Answer
Correct option: B.
बिंदु $A$ के यदि धारा कम है, तथा बिंदु $B$ के यदि धारा अधिक है
चुम्बकीय बल रेखाओं की दिशा दक्षिणी ध्रुव से उत्तरी ध्रुव की ओर है। बिन्दु $A$ उत्तरी ध्रुव प्रदर्शित कर रहा है क्योंकि बल रेखाएँ $B$ से $A$ की ओर संकेत करती है।
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MCQ 81 Mark
यदि चित्र की व्यवस्था में प्लग से कुंजी निकाल कर $($परिपथ को खोल कर$)$ क्षैतिज तल $\text{ABCD}$ पर चुंबकीय क्षेत्र रेखाएँ खींचें तो ये रेखाएँ होती हैं:
  • A
    एक दूसरे के समांतर सरल रेखाएँ
  • B
    दीर्घवृत्ताकार
  • C
    संकेंद्री वृत्त
  • बिंदु $O$ के निकट संकेंद्री वृत्त परंतु दूर जाने पर दीर्घवृत्ताकार
Answer
Correct option: D.
बिंदु $O$ के निकट संकेंद्री वृत्त परंतु दूर जाने पर दीर्घवृत्ताकार
किसी धारावाही चालक तार के चारों ओर उत्पन्न चुम्बकीय क्षेत्र संकेन्द्री वृत्तों के रूप में होता है।
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MCQ 91 Mark
घरेलू साधित्रों को लघुपथन अथवा अतिभारण से बचाने के लिए उपयोग किया जाने वाला सर्वाधिक महत्वपूर्ण सुरक्षा उपाय क्या है?
  • A
    भूसंपर्कण
  • B
    विद्युत मीटरों का उपयोग
  • फ्यूज़ का उपयोग
  • D
    स्टैबिलाइजर (Stabilizer) का उपयोग
Answer
Correct option: C.
फ्यूज़ का उपयोग
फ्यूज के लिए उपयोग किया जाने वाला तार घरेलू साधित्रों को लघुपथन अथवा अतिभारण से बचाने के लिए उपयोग किया जाने वाला सर्वाधिक महत्वपूर्ण सुरक्षा उपाय है। फ्यूज में होने वाला जूल तापन फ्यूज को पिघला देता है जिससे विद्युत परिपथ टूट जाता है। इस प्रकार विद्युत फ्यूज सभी परिपथों में अतिभारण और लघुपथन से होने वाले नुकसान से बचने में सहायक होता है।
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MCQ 101 Mark
$AC$ जनित्र को $DC$ जनित्र में परिवर्तित करने के लिए
  • A
    तार के आयताकार पाश का उपयोग किया जाता है
  • B
    सर्पी वलयों एवं ब्रुशों का उपयोग किया जाता है
  • C
    अधिक प्रबल चुंबकीय क्षेत्र का उपयोग किया जाता है
  • विभक्त वलय दिक्परिवर्तक का उपयोग किया जाता है
Answer
Correct option: D.
विभक्त वलय दिक्परिवर्तक का उपयोग किया जाता है
विभक्त वलय दिक्परिवर्तक का उपयोग किया जाता है
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MCQ 111 Mark
किसी लंबी सीधी धारावाही परिनालिका के भीतर चुंबकीय क्षेत्र की तीव्रता
  • सभी बिंदुओं पर समान होती है
  • B
    एक सिरे से दूसरे सिरे की ओर बढ़ती जाती है
  • C
    केंद्र की अपेक्षा सिरों पर अधिक होती है
  • D
    मध्य में सबसे कम होती है
Answer
Correct option: A.
सभी बिंदुओं पर समान होती है
किसी लम्बी सीधी धारावाही परिनालिका के भीतर चुम्बकीय क्षेत्र रेखाएँ सीधी तथा समान्तर होता है। सीधी तथा समान्तर रेखाएँ प्रबल चुम्बकीय क्षेत्र इंगित करता है। अतः परिनालिका के भीतर चुम्बकीय क्षेत्र सभी बिन्दुओं पर समान होता है।
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MCQ 121 Mark
चुम्बकीय क्षेत्र रेखाओं के संबंध में निम्न में से असत्य प्रकथन का चयन कीजिए:
  • यदि चुंबकीय क्षेत्र रेखाएँ समांतर तथा समदूरस्थ हैं, तो वे शून्य क्षेत्र तीव्रता को निरूपित करती हैं।
  • B
    चुंबकीय क्षेत्र की आपेक्षिक प्रबलता क्षेत्र रेखाओं की निकटता की कोटि द्वारा दर्शायी जाती है।
  • C
    किसी बिंदु पर चुंबकीय क्षेत्र की दिशा वह होती है जिस ओर किसी चुंबकीय दिक्सूची का उत्तर ध्रुव संकेत करता है।
  • D
    चुंबकीय क्षेत्र रेखाएँ बंद वक्र की होती हैं।
Answer
Correct option: A.
यदि चुंबकीय क्षेत्र रेखाएँ समांतर तथा समदूरस्थ हैं, तो वे शून्य क्षेत्र तीव्रता को निरूपित करती हैं।
यदि चुंबकीय क्षेत्र रेखाएँ समांतर तथा समदूरस्थ हैं, तो वे समान चुम्बकीय क्षेत्र को निरूपित करती हैं। यदि क्षेत्र की तीव्रता शून्य हो जाती है तो वहाँ कोई भी बल रेखा उपस्थित नहीं होती है।
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