Question 12 Marks
क्षारीय मृदा धातुओं के कार्बोनेटों एवं सल्फेटों की जल में विलेयता वर्ग में ऊपर से नीचे क्यों घटती है?
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| गुण | वर्ग 1 के तत्त्व ( क्षार धातु ) | वर्ग 2 के तत्त्व (क्षारीय मृदा धातु ) |
| 1. ऑक्सीकरण अवस्था | + 1 | +2 |
| 2. गलनांक | कम होता है । | क्षार धातुओं से अधिक होता है। |
| 3. विद्युत धनात्मक प्रकृति | प्रबल धन- विद्युती हैं। | क्षार धातुओं से कम विद्युत धनी हैं। |
| 4. जल के साथ अभिक्रिया | अधिक तीव्र गति से क्रिया होती है। | क्षार धातुओं की अपेक्षा धीमी गति से क्रिया होती है। |
| 5. हाइड्रॉक्साइड | जल में अधिक विलेय और अधिक प्रबल क्षार है। | जल में कम विलेय और कम क्षारीय है। |
| 6. कार्बोनेट | जल में विलेय और गरम करने पर अपघटित नहीं होते हैं। | जल में अविलेय और गरम करने पर ऑक्साइड और $CO_2$ में अपघटित होते हैं। |
| 7. नाइट्रेटों को गरम करने | नाइट्राइट तथा $O_2$ में अपघटित हो जाते हैं। | ऑक्साइड, $NO_2$ तथा $O_2$ में अपघटित हो जाते हैं। |
| 8. सल्फेट | जल में विलेय हैं। | जल में अविलेय हैं। |
| क्षार धातुएँ [ वर्ग (1) के तत्व ] | क्षारीय मृदा धातुएँ [ वर्ग (2) के तत्व ] |
| 1. इनमें संयोजकता कोश -s- कक्षक है। | समान रूप से संयोजकता कोश - s- कक्षक है। |
| 2. ये विद्युत - धनी तत्व हैं। | ये भी विद्युत - धनी तत्व हैं । |
| 3. धात्विक तत्व हैं। | धात्विक तत्व हैं। |
| 4. प्रबल अपचायक हैं। | प्रबल अपचायक हैं । |
| 5. अंतिम सदस्य रेडियोधर्मी होता है। | इनका भी अंतिम सदस्य रेडियोधर्मी होता है । |
| 6. प्रथम तत्व (Li) का व्यवहार वर्ग के अन्य सदस्यों से भिन्न होता है | इनमें भी प्रथम सदस्य (Be) वर्ग के अन्य सदस्यों से भिन्न व्यवहार दर्शाता है तथा विकर्ण सम्बन्ध दर्शाता है। |
| 7. तथा यह विकर्ण सम्बन्ध दर्शाता है। | ये भी ज्वाला को रंग प्रदान करते हैं। |
| 8. ज्वाला को रंग प्रदान करते हैं। | इनका भी मानक अपचयन विभव उच्च ऋणात्मक होता है। |
| 9. मानक अपचयन विभव उच्च ऋणात्मक होता है। | इनका भी मानक अपचयन विभव उच्च ऋणात्मक होता है। |
