Question 12 Marks
दो वैद्युत आवेशों के बीच स्थिर वैद्युत बल के लिए कूलॉम नियम तथा दो स्थिर बिंदु द्रव्यमानों के बीच गुरुत्वाकर्षण बल के लिए न्यूटन का नियम दोनों में ही बल आवेशों/द्रव्यमानों के बीच की दूरी के वर्ग के व्युत्क्रमानुपाती होता है।
- इन दोनों बलों के परिमाण ज्ञात करके इनकी प्रबलताओं की तुलना की जाए
- एक इलेक्ट्रॉन तथा एक प्रोटॉन के लिए, दो प्रोटॉनों के लिए।
- इलेक्ट्रॉन तथा प्रोटॉन में पारस्परिक आकर्षण के वैद्युत बल के कारण इलेक्ट्रॉन तथा प्रोटॉन के त्वरण आकलित कीजिए जबकि इनके बीच की दूरी A(= 10-10 m) है।
(mp = 1.67 $\times$ 10-27 K, me = 9.11 $\times$ 10-31 kg)
Answer
View full question & answer→(a) (i) एक इलेक्ट्रॉन तथा एक प्रोटॉन के बीच लगने वाला वैद्युत बल जबकि उनके बीच की दूरी r है।
$F _{ e }=-\frac{1}{4 \pi \in_{ o }} \frac{ e ^2}{ r ^2}$
यहाँ पर ऋणात्मक चिन्ह आकर्षण बल को प्रदर्शित कर रहा है। इसके तद्नुरूपी गुरुत्वाकर्षण बल जो सदैव धनात्मक है।
$F _{ G }=-\frac{ Gm _{ p } m _{ e }}{ r ^2}$
यहाँ पर $m _{ p }$ तथा $m _{ e }$ क्रमशः प्रोटॉन तथा इलेक्ट्रॉन का द्रव्यमान है-
$\left|\frac{ F _{ e }}{ F _{ G }}\right|=\frac{ e ^2}{4 \pi \in_{ o } Gm _{ p } m _{ e }}$
मान रखने पर
$=\frac{\left(1.6 \times 10^{-19}\right)^2 \times 9 \times 10^9}{6.66 \times 10^{-11} \times 1.67 \times 10^{-27} \times 9.11 \times 10^{-31}}$
चूँकि $\frac{1}{4 \pi \in_{ o }}=9 \times 10^9$ होता है।
$=\frac{2.56 \times 10^{-38} \times 9 \times 10^9}{6.66 \times 1.67 \times 9.11 \times 10^{-69}}$
$=2.4 \times 10^{39}$
(ii) इसी प्रकार r दूरी पर स्थित दो प्रोटॉनों के बीच वैद्युत बल तथा गुरुत्वाकर्षण बल के परिमाणों का अनुपात
$\left|\frac{ F _{ e }}{ F _{ G }}\right|=\frac{ e ^2}{4 \pi \in_{ o } Gm _{ p } m _{ p }}$
मान रखने पर $=\frac{\left(1.6 \times 10^{-19}\right)^2 \times 9 \times 10^9}{6.66 \times 10^{-11} \times 1.67 \times 10^{-27} \times 1.67 \times 10^{-27}}$
चूँकि $\frac{1}{4 \pi \in_o}=9 \times 10^9$ होता है।
∴ $\left|\frac{ F _{ e }}{ F _{ G }}\right|=\frac{2.56 \times 10^{-38} \times 9 \times 10^9}{18.574 \times 10^{-65}}$
$=\frac{23.04 \times 10^{36}}{18.574}$
$=1.25 \times 10^{36}$
$\cong 1.3 \times 10^{36}$
$\quad$स्पष्टतः विद्युत बल गुरुत्वाकर्षण बलों की तुलना में अत्यधिक प्रबल होते हैं।
(b) एक प्रोटॉन द्वारा एक इलेक्ट्रॉन पर आरोपित वैद्युत बल F परिमाण में एक इलेक्ट्रॉन द्वारा एक प्रोटॉन पर आरोपित बल समान है तथापि इलेक्ट्रॉन तथा प्रोटॉन के द्रव्यमान भिन्न होते हैं। इस प्रकार बल का परिमाण है-
$|\vec{F}|=\frac{1}{4 \pi \in_0} \frac{e^2}{r^2}$
मान रखने पर $=\frac{9 \times 10^9 \times\left(1.6 \times 10^{-19}\right)^2}{\left(10^{-10}\right)^2}$
$=\frac{9 \times 2.56 \times 10^9 \times 10^{-38}}{10^{-20}}$
$=9 \times 2.56 \times 10^{-38+29}$
$=23.04 \times 10^{-9}$
$=2.304 \times 10^{-8}$ न्यूटन
न्यूटन के गति के द्वितीय नियम F = ma से
इलेक्ट्रॉन का त्वरण $a _{ e }=\frac{ F }{ m _{ e }}=\frac{2.304 \times 10^{-8}}{9.11 \times 10^{-31}}$
$\cong 2.53 \times 10^{22}$ मी. $/$ सै. $^2$
प्रोटॉन का त्वरण $a _{ p }=\frac{ F }{ m _{ p }}=\frac{2.304 \times 10^{-8}}{1.67 \times 10^{-27}}$
$\cong 1.38 \times 10^{19}$ मी./सै. ${ }^2$
$F _{ e }=-\frac{1}{4 \pi \in_{ o }} \frac{ e ^2}{ r ^2}$
यहाँ पर ऋणात्मक चिन्ह आकर्षण बल को प्रदर्शित कर रहा है। इसके तद्नुरूपी गुरुत्वाकर्षण बल जो सदैव धनात्मक है।
$F _{ G }=-\frac{ Gm _{ p } m _{ e }}{ r ^2}$
यहाँ पर $m _{ p }$ तथा $m _{ e }$ क्रमशः प्रोटॉन तथा इलेक्ट्रॉन का द्रव्यमान है-
$\left|\frac{ F _{ e }}{ F _{ G }}\right|=\frac{ e ^2}{4 \pi \in_{ o } Gm _{ p } m _{ e }}$
मान रखने पर
$=\frac{\left(1.6 \times 10^{-19}\right)^2 \times 9 \times 10^9}{6.66 \times 10^{-11} \times 1.67 \times 10^{-27} \times 9.11 \times 10^{-31}}$
चूँकि $\frac{1}{4 \pi \in_{ o }}=9 \times 10^9$ होता है।
$=\frac{2.56 \times 10^{-38} \times 9 \times 10^9}{6.66 \times 1.67 \times 9.11 \times 10^{-69}}$
$=2.4 \times 10^{39}$
(ii) इसी प्रकार r दूरी पर स्थित दो प्रोटॉनों के बीच वैद्युत बल तथा गुरुत्वाकर्षण बल के परिमाणों का अनुपात
$\left|\frac{ F _{ e }}{ F _{ G }}\right|=\frac{ e ^2}{4 \pi \in_{ o } Gm _{ p } m _{ p }}$
मान रखने पर $=\frac{\left(1.6 \times 10^{-19}\right)^2 \times 9 \times 10^9}{6.66 \times 10^{-11} \times 1.67 \times 10^{-27} \times 1.67 \times 10^{-27}}$
चूँकि $\frac{1}{4 \pi \in_o}=9 \times 10^9$ होता है।
∴ $\left|\frac{ F _{ e }}{ F _{ G }}\right|=\frac{2.56 \times 10^{-38} \times 9 \times 10^9}{18.574 \times 10^{-65}}$
$=\frac{23.04 \times 10^{36}}{18.574}$
$=1.25 \times 10^{36}$
$\cong 1.3 \times 10^{36}$
$\quad$स्पष्टतः विद्युत बल गुरुत्वाकर्षण बलों की तुलना में अत्यधिक प्रबल होते हैं।
(b) एक प्रोटॉन द्वारा एक इलेक्ट्रॉन पर आरोपित वैद्युत बल F परिमाण में एक इलेक्ट्रॉन द्वारा एक प्रोटॉन पर आरोपित बल समान है तथापि इलेक्ट्रॉन तथा प्रोटॉन के द्रव्यमान भिन्न होते हैं। इस प्रकार बल का परिमाण है-
$|\vec{F}|=\frac{1}{4 \pi \in_0} \frac{e^2}{r^2}$
मान रखने पर $=\frac{9 \times 10^9 \times\left(1.6 \times 10^{-19}\right)^2}{\left(10^{-10}\right)^2}$
$=\frac{9 \times 2.56 \times 10^9 \times 10^{-38}}{10^{-20}}$
$=9 \times 2.56 \times 10^{-38+29}$
$=23.04 \times 10^{-9}$
$=2.304 \times 10^{-8}$ न्यूटन
न्यूटन के गति के द्वितीय नियम F = ma से
इलेक्ट्रॉन का त्वरण $a _{ e }=\frac{ F }{ m _{ e }}=\frac{2.304 \times 10^{-8}}{9.11 \times 10^{-31}}$
$\cong 2.53 \times 10^{22}$ मी. $/$ सै. $^2$
प्रोटॉन का त्वरण $a _{ p }=\frac{ F }{ m _{ p }}=\frac{2.304 \times 10^{-8}}{1.67 \times 10^{-27}}$
$\cong 1.38 \times 10^{19}$ मी./सै. ${ }^2$








