MCQ 11 Mark
चुम्ककीय सुग्राहिता ऋणात्मक होती है :
- ✓
केवल प्रतिचुम्बकीय पदार्थ के लिए
- B
केवल अनुचुम्बकीय पदार्थ के लिए
- C
केवल लौह-चुम्बकीय पदार्थ के लिए
- D
अनुचुम्बकीय और लौह-चुम्बकीय पदार्थों के लिए
AnswerCorrect option: A. केवल प्रतिचुम्बकीय पदार्थ के लिए
(a) प्रतिचुम्बकीय पदार्थ की चुम्बकीय प्रवृत्ति ऋणात्मक तथा कम $|\chi|=-1$
अनुचुम्बकीय पदार्थ की चुम्बकीय प्रवृत्ति धनात्मक तथा कम $|\chi|=1$;
लौह चुम्बकीय पदार्थ की चुम्बकीय प्रवृत्ति धनात्मक तथा उच्च्त $|\chi|=100$.
View full question & answer→MCQ 21 Mark
आरेख में दंड (छड़) चुम्बकों की व्यवस्थाओं के विन्यास दिये गये हैं। प्रत्येक चुम्बक का द्विध्रुव आघूर्ण $m$ है। किस विन्यास में नेट चुम्बकीय द्विध्रुव आघूर्ण का मान अधिकतम होगा ?
Answer(c) $S$ से $N$ के लिए चुम्बकीय द्विध्रुव आघूर्ण
$
M_{\text {net }}=\sqrt{m^2+m^2+2 m^2 \cos \theta}
$
यदि $\cos \theta$ अधिकतम होगा तो $M _{\text {net }}$ भी अधिकतम होगा। जब $\theta$ न्यूनतम होगा, $\cos \theta$ अधिकतम होगा। अतः $\theta=30^{\circ}$ पर कुल द्विध्रुव आघूर्ण $M _{\text {net }}$ अधिकतम होगा।
View full question & answer→MCQ 31 Mark
एक छड़ (दंड) चुम्बक की लम्बाई ' 1 ' है और इसका चुम्बकीय द्विध्रुव बल-आघूर्ण ' $M$ ' है। यदि इसे आरेख (चित्र) में दिये गये अनुसार एक चाप के आकार में मोड़ दिया जाय तो, इसका नया चुम्बकीय द्विध्रुव बलआघूर्ण होगा:
- ✓
$\frac{3}{\pi} M$
- B
$\frac{2}{\pi} M$
- C
$\frac{M}{2}$
- D
$M$
AnswerCorrect option: A. $\frac{3}{\pi} M$
(a) चुम्बकीय द्विध्रुव आघूर्ण
$
M = m \times \ell \quad M ^{\prime}= m \times r
$
चित्र से,
$
\ell=\frac{\pi r }{3} \text { या } r =\frac{3 \ell}{\pi}
$
$
\text { अतः } M^{\prime}= m \times r =\frac{ m \times 3 \ell}{\pi}=\frac{3}{\pi} M
$ View full question & answer→MCQ 41 Mark
किसी चुम्बकीय क्षेत्र में समान्तर लटकी चुम्बकीय सुई को $60^{\circ}$ घुमाने के लिये $\sqrt{3} J$ कार्य की आवश्यकता होती है तो, इस सुई को उसी स्थिति में बनाये रखने के लिये आवश्यक बल-आघूर्ण (टॉर्क) का मान होगा:
- A
$2 \sqrt{3} J$
- ✓
$3 J$
- C
$\sqrt{3} J$
- D
$\frac{3}{2} J$
Answer(b) कार्य ऊर्जा प्रमेय के अनुसार
$W=U_{}-U_{}=M B\left(\cos 0-\cos 60^{\circ}\right) $
$W=\frac{M B}{2}=\sqrt{3} J $
$ \tau=\vec{M} \times \vec{B}=M B \sin 60^{\circ}=\left(\frac{M B \sqrt{3}}{2}\right) \ldots \text { (ii) } $
समीकरण $(i)$ और $(ii)$ से
$ \tau=\frac{2 \sqrt{3} \times \sqrt{3}}{2}=3 J$
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एक चुम्बकीय सुई क्षैतिज समतल में घूम सकती है। यदि इसे किसी भूचुम्बकीय ध्रुव पर ले जायें तो यह :
- A
दृढ़ हो जायेगी और कोई गति नहीं दर्शायेगी
- ✓
किसी भी स्थिति में ठहर जायेगी
- C
सिर्फ उत्तर-दक्षिण दिशा में ठहर जायेगी
- D
सिर्फ पूर्व-पश्चिम दिशा में ठहर जायेगी
AnswerCorrect option: B. किसी भी स्थिति में ठहर जायेगी
(b) चूँकी चुम्बकीय क्षेत्र उध्व्वाधर दिशा में इस कारण चुम्बकीय सूई क्षैतिज तल में घुमने के लिए स्वतंत्र है, इस कारण चुम्बकीय क्षेत्र क्षैतिज तल में चुम्बकीय सुई को नही घुमा पयेगा साथ ही चुम्बकीय सुई क्षैतिज तल में किसी भी दिशा में ठहर सकती है।
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चुम्बकीय आघूर्ण $0.4 J T ^{-1}$ के एक छोटे (दंड) चुम्बक को किसी ऐसे एकसमान चुम्बकीय क्षेत्र में रखा गया है जिसकी तीव्रता $0.16 T$ है। यह चुम्बक स्थिर संतुलन में होगा। यदि इसकी स्थितिज ऊर्जा हो:
- ✓
$-0.64 J$
- B
- C
$-0.082 J$
- D
$0.064 J$
AnswerCorrect option: A. $-0.64 J$
(a) स्थायी साम्यावस्था के लिए
$
\begin{aligned}
U & =- MB \\
& =-(0.4)(0.16) \\
& =-0.064 J
\end{aligned}
$
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चार हल्की छड़ों $A , B , C , D$ को धागों से अलग-अलग लटकाया गया है। एक छड़ (दंड) चुम्बक को धीरे-धीरे प्रत्येक के पास लाया जाता है और निम्नलिखित प्रेक्षण नोट किये जाते हैं:
(i) $A$ हल्की सी प्रतिकर्षित होती है
(ii) $B$ हल्की सी आकर्षित होती है
(iii) $C$ बहुत अधिक आकर्षित होती है
(iv) $D$ अप्रभावित रहती है
तो निम्नलिखित में से कौन-सा कथन ठीक है?
- ✓
$B$ अनुचुम्बकीय पदार्थ की है
- B
$C$ प्रतिचुम्बकीय पदार्थ की है
- C
$D$ लौह चुम्बकीय पदार्थ की है
- D
$A$ अचुम्बकीय पदार्थ की है
AnswerCorrect option: A. $B$ अनुचुम्बकीय पदार्थ की है
(a) $A \rightarrow$ प्रतिचुम्बकीय
$B \rightarrow$ अनुचुम्बकीय
$C \rightarrow$ लौह चुम्बकीय
$D \rightarrow$ अचुम्बकीय
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किसी प्रतिचुम्बकीय परमाणु का चुम्बकीय आघूर्ण होता है
Answer(a) अनुचुँबकीय पदार्थों में चुंबकीय आघूर्ण शून्य होता है।
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दो सर्वसम (समरूप) छड़ चुम्बकों को इस प्रकार स्थिर किया गया है कि उनके केन्द्र $d$ दूरी पर हैं। चित्र में दिखाये गये अनुसार दोनों चुम्बकों के बीच के खाली स्थान के मध्य बिन्दु $O$ से, $D$ दूरी पर, बिन्दु $P$ पर एक आवेश $Q$ रखा है। $Q$ आवेश पर बल है
- A
कागज के समतल पर लम्ब के अनुदिश होगा
- ✓
- C
$O P$ के अनुदिश होगा
- D
$P O$ के अनुदिश होगा
Answer(b) आवेशित कण पर बल दिया जाता है $F=q v B$ यहाँ दिया हुआ है, $v=0$ तथा परिणामी $B$ भी शून्य है।
$
\therefore power=0
$
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विद्युत चुम्बक नर्म लोहे से बनाये जाते हैं। क्योंकि लोहे में होती है
- A
निम्न धारणशीलता और उच्च निग्रहिता
- B
उच्च धारणशीलता और उच्च निग्रहिता
- C
निम्न धारणशीलता और निम्न निग्रहिता
- ✓
उच्च धारणशीलता और निम्न निग्रहिता
AnswerCorrect option: D. उच्च धारणशीलता और निम्न निग्रहिता
(d) मुलायम लोहे की धारणशीलता उच्च होती है और उसका निग्राहिता कम होती है।
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चुम्बकीय याम्योत्तर में स्थिति किसी कम्पन चुम्बकत्वमापी पर एक छोटा चुम्बक रखा है। यह चुम्बक पृथ्वी के क्षैतिज चुम्बकीय क्षेत्र में जिसका मान $24$ माइक्रोटेस्ला है, $2$ सेकण्ड के आवृति काल से दोलन करता है। जब एक विद्युत वाहित तार रखकर पृथ्वी के क्षेत्र की विपरीत दिशा में, $18$ माईक्रोटेस्ला का एक क्षैतिज उत्पन्न किया जाता है, तो चुम्बक का नया आर्वतकाल होगा
Answer(d) दोलन मैग्नेटोमीटर का आवर्तकाल
$T \propto \frac{1}{\sqrt{B}} $
$ \Rightarrow \frac{T_1}{T_2}=\sqrt{\frac{B_2}{B_1}}$
$ \Rightarrow T_2=T_1 \sqrt{\frac{B_1}{B_2}} $
$ =2 \sqrt{\frac{24 \times 10^{-6}}{6 \times 10^{-6}}}=4 s $
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एक प्रतिचुम्बकीय पदार्थ को एक छड़ चुम्बक के उत्तरी ध्रुव अथवा दक्षिणी ध्रुव के निकट लाया जाये तो यह:-
- A
उत्तरी ध्रुव द्वारा प्रतिकर्षित और दक्षिणी ध्रुव द्वारा आकर्षित होगा।
- B
उत्तरी ध्रुव द्वारा आकर्षित और दक्षिणी ध्रुव द्वारा प्रतिकर्षित होगा।
- C
दोनों ध्रुवों द्वारा आकर्षित होगा।
- ✓
दोनों ध्रुवों द्वारा प्रतिकर्षित होगा।
AnswerCorrect option: D. दोनों ध्रुवों द्वारा प्रतिकर्षित होगा।
(d) प्रतिचुम्बकीय पदार्थ बाह्य चुम्बकीय क्षेत्र द्वारा प्रतिकर्षित होते हैं।
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$2 \times 10^4 JT ^{-1}$ चुम्बकीय आघूर्ण का एक छड़ चुम्बक एक क्षैतिज तल में स्वतन्त्र रूप से घूम सकता है। इस स्थान पर $B =6 \times 10^{-4} T$ का क्षैतिज चुम्बकीय क्षेत्र क्रियाकारी है। क्षेत्र दिशा के समान्तर दिशा से चुम्बक को धीरे-धीरे क्षेत्र दिशा से $60^{\circ}$ की दिशा तक ले जाने में किया गया कार्य होगा:-
- A
$12 J$
- ✓
$6 J$
- C
$2 J$
- D
$0.6 J$
Answer(b) किया गया कार्य
$=M B\left(\cos \theta_1-\cos \theta_2\right) $
$ =M B\left(\cos 0^{\circ}-\cos 60^{\circ}\right)$
$ =M B\left(1-\frac{1}{2}\right)=\frac{2 \times 10^4 \times 6 \times 10^{-4}}{2}=6 J $
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क्यूरी ताप ऐसा ताप होता है जिससे ऊपर :
- ✓
लौहचुम्बकीय पदार्थ अनुचुम्बकीय हो जाता है
- B
अनुचुम्बकीय पदार्थ प्रतिचुम्बकीय हो जाता है
- C
अनुचुम्बकीय पदार्थ लौहचुम्बकीय हो जाता है
- D
लौहचुम्बकीय पदार्थ प्रतिचुम्बकीय हो जाता है
AnswerCorrect option: A. लौहचुम्बकीय पदार्थ अनुचुम्बकीय हो जाता है
(a) क्यूरी ताप वह तापमान है जिसके ऊपर कोई लौह चुम्बकीय पदार्थ अनु-चुम्बकीय पदार्थ में परिवर्तित हो जाती है।
View full question & answer→MCQ 151 Mark
कमरे के तापक्रम पर 'निकिल' लौह-चुम्बकत्व गुण दर्शाता है। यदि तापक्रम को क्यूरी तापक्रम से अधिक कर दें तो निकिल प्रदर्शित करेगा-
Answer(d) क्यूरी ताप के ऊपर, लौह-चुम्बकीय पदार्थ, अनुचुम्बकीय पदार्थ की तरह व्यवहार करते हैं।
View full question & answer→MCQ 161 Mark
एक प्रतिचुम्बकीय, अनुचुम्बकीय तथा लौहचुम्बकीय पदार्थों का चुम्बकीय द्विध्रुव आघूर्ण $\mu_{ d }, \mu_{ p }, \mu_{ f }$ है तो
- ✓
$\mu_{ d }=0$ और $\mu_{ p } \neq 0$
- B
$\mu_{ d } \neq 0$ और $\mu_{ p }=0$
- C
$\mu_{ p }=0$ और $\mu_{ f } \neq 0 \quad$
- D
$\mu_{ d } \neq 0$ और $\mu_{ f } \neq 0$
AnswerCorrect option: A. $\mu_{ d }=0$ और $\mu_{ p } \neq 0$
(a) $\mu_d=0$ (प्रतिचुम्बकीय पदार्थों के लिए जिनमें इलेक्ट्रानों का चक्रण विपरीत दिशा में होता है।)
$\mu_{ p } \neq 0$ (अनुचुम्बकीय पदार्थों के लिए जिनमें कर इलेक्ट्रानों का चक्रण एक ही दिशा में होता है।)
$\mu_{ f } \neq 0$ (लौहचुम्बकीय पदार्थों के लिए)
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एक समबाहु त्रिभुज के आकार की कॉयल ( भुजा $=i$ ) को चुम्बक के ध्रुवों के बीच लटकाया गया। चुम्बकीय क्षेत्र $\overrightarrow{ B }$ कायॅल के समतल में है। कायॅल में धारा का मान $i$ हो तो आघूर्ण $(\tau)$ होगा
- A
$\frac{2}{\sqrt{3}}\left(\frac{\tau}{ B _{ i }}\right)^{\frac{1}{2}}$
- ✓
$2\left(\frac{\tau}{\sqrt{3} B \cdot i }\right)^{\frac{1}{2}}$
- C
$\frac{2}{\sqrt{3}}\left(\frac{\tau}{B . i}\right)$
- D
$\frac{1}{\sqrt{3}} \frac{\tau}{ Bi }$
AnswerCorrect option: B. $2\left(\frac{\tau}{\sqrt{3} B \cdot i }\right)^{\frac{1}{2}}$
(b)

$\tau= MB \sin \theta ; \tau= iAB \sin 90^{\circ}$
$ A =\frac{\tau}{ iB } \Rightarrow A =\frac{1}{2} BC \cdot AD $
परन्तु $\frac{1}{2} BC . AD =\frac{1}{2} \ell \sqrt{\ell^2-\frac{\ell^2}{4}}=\frac{\sqrt{3}}{4} \ell^2$
$ \Rightarrow \frac{\sqrt{3}}{4} \ell^2=\frac{\tau}{ Bi } $
$ \ell=2\left(\frac{\tau}{\sqrt{3} Bi }\right)^{1 / 2} $ View full question & answer→MCQ 181 Mark
क्यूरी नियम के अनुसार चुम्बकीय शीलता, पदार्थ के तापमान $T ( K )$ के समानुपाती है
- A
$T ^2$
- ✓
$1 / T$
- C
$T$
- D
$1 / T ^2$
AnswerCorrect option: B. $1 / T$
(b) $\chi_{ m } \propto \frac{1}{ T }$
View full question & answer→MCQ 191 Mark
प्रति चुम्बकीय पदार्थों में उत्पन्न चुम्बकीय क्षेत्र चलेगा
- A
लगाये गये चुम्बकीय क्षेत्र के लम्बव्त
- ✓
- C
- D
Answer(b) अधिक से कम की तरफ चलता है।
View full question & answer→MCQ 201 Mark
दो चुम्बक जिसका चुम्बकीय आघूर्ण $M$ तथा $2 M$ है, एक वाईब्रेशन मैग्नेटोमीटर में रखी है। यदि दोनों के सम ध्रुव साथ हो तो आवर्तकाल $T_1$ तथा विषम ध्रुव साथ हो तो आर्वत काल $T_2$ है। तो-
- A
$T _2$ अनंत है
- B
$T _2= T _1$
- ✓
$T_2>T_1$
- D
$T _2< T _1$
AnswerCorrect option: C. $T_2>T_1$
(c)
$T _1=2 \pi \sqrt{\frac{ I _1+ I _2}{( M +2 M ) H }}=2 \pi \sqrt{\frac{ I }{3 MH }}$
$ T _2=2 \pi \sqrt{\frac{ I _1+ I _2}{(2 M - M ) H }}=2 \pi \sqrt{\frac{ I }{ MH }}$
$ T _2> T _1 $
View full question & answer→MCQ 211 Mark
एक कुँडली जिसका क्षेत्रफल $A$ तथा फरों की संख्या $N$ है में धारा $i$ प्रवाहित होती हो। उसका चुम्बकीय आघूर्ण-
Answer(a) $N$ मोड़ के साथ जुड़ा चुम्बकीय आघूर्ण $M =1 NA$ एम्पीयर मी. ${ }^2$
यहाँ $A =$ धारा लूप का क्षेत्रफल
View full question & answer→MCQ 221 Mark
एक चुम्बक जिसका चुम्बकीय आघूर्ण $\vec{M}$ है, उसे चुम्बकीय क्षेत्र तीव्रता $\overrightarrow{ B }$ में रखा है। तो बल आघूर्ण है:
- A
$\overrightarrow{ M } \cdot \overrightarrow{ B }$
- B
$-\overrightarrow{ M } \cdot \overrightarrow{ B }$
- ✓
$\overrightarrow{ M } \times \overrightarrow{ B }$
- D
$\vec{B} \times \vec{M}$
AnswerCorrect option: C. $\overrightarrow{ M } \times \overrightarrow{ B }$
(c) हम जानते हैं कि जब छड़ चुम्बक को $\theta$ कोण पर चुम्बकीय क्षेत्र में रखा जाएगा तो छड़ चुम्बक पर कार्य करने वाला बल-आघूर्ण
$
=\tau= MB \sin \theta=\overline{ M } \times \overrightarrow{ B }
$
नोट : इस बल-आघूर्ण में इतनी क्षमता होती है कि यह चुम्बक के अक्ष को चुम्बकीय क्षेत्र की दिशा के समांतर कर देता है।
View full question & answer→MCQ 231 Mark
एक प्रतिचुम्बकीय पदार्थ को छड़ चुम्बक के $N$ तथा $S$ ध्रुवों के पास लाने पर वह
AnswerCorrect option: B. ध्रुवों से अनाकर्षित होगा।
(b) प्रतिचुम्बकीय पदार्थो में एकांकी इलेक्ट्रान नहीं होते और यह विपरीत दिशा में चुम्बकित होते हैं। अतः जब इनको चुम्बक के उत्तर या दक्षिण ध्रुव के निकट लाया जाए तो यह ध्रुवों द्वारा प्रतिकर्षित होते हैं।
View full question & answer→MCQ 241 Mark
किसी एक नाजुक उपकरण को बाहय विद्युत क्षेत्र से बचाने के लिए:
- A
यदि उसमें धारा प्रवाहित हो रही है तो कुचालक से लपेट दें।
- ✓
एक लोहे की कैन में रख दे।
- C
तांबे की शीट से लपेट दें।
- D
एल्यूमिनियम कैन में रख दें।
AnswerCorrect option: B. एक लोहे की कैन में रख दे।
(b) लोहे के अन्दर चुम्बकीय बल रेखाएं नहीं जाती है।
View full question & answer→MCQ 251 Mark
एक चुम्बक जिसका चुम्बकीय आघूर्ण $M$ को $90^{\circ}$ से घुमाने में किया गया, $60^{\circ}$ घुमाने में किये कार्य से $n$ गुना ज्यादा है तो $n$ का मान:
Answer(a)
$W _1= MB \left(\cos 0^{\circ}-\cos 90^{\circ}\right) $
$= MB (1-0)= MB $
$W _2= MB \left(\cos 0^{\circ}-\cos 60^{\circ}\right) $
$= MB \left(1-\frac{1}{2}\right)=\frac{ MB }{2} $
$ W _1=2 W _2 \quad \therefore n =2 $
View full question & answer→MCQ 261 Mark
एक छड़ चुम्बक पृथ्वी के चुम्बकीय क्षेत्र में आवर्तकाल $T$ से दोलन करती है। यदि चुम्बक का द्रव्यमान $1 / 4$ कर दे तो आवर्तकाल:
- A
सरल आवर्त गति करेगा तथा आवर्तकाल $= T / 2$
- ✓
सरल आवर्त गति करेगा तथा आवर्तकाल $=2 T$
- C
सरल आवर्त गति करेगा तथा आवर्तकाल $=4 T$
- D
सरल आवर्त गति करेगा तथा आवर्तकाल $= T$
AnswerCorrect option: B. सरल आवर्त गति करेगा तथा आवर्तकाल $=2 T$
(b) चुम्बकीय क्षेत्र में छड़ चुम्बक का आवर्त्तकाल
$T =2 \pi \sqrt{\frac{ I }{ MB }}$
$I =$ जड़त्व आघूर्ण $\propto$ द्रव्यमान $( m )$
$M =$ चुम्बकीय आघूर्ण
$B =$ चुम्बकीय क्षेत्र तीव्रता
$T \propto \sqrt{ I } \propto \sqrt{ m }$
$m$ को $\frac{1}{4}$ th करने पर $T$ आधा हो जाएगा।
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